21 सितंबर 2026
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दिल्ली हाईकोर्ट में 7 नए जज शामिल, मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय ने दिलाई शपथ; जजों की संख्या 50 हुई

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दिल्ली हाईकोर्ट में 7 नए जज शामिल, मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय ने दिलाई शपथ; जजों की संख्या 50 हुई

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट में एक साथ सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है — दो स्थायी, पाँच अतिरिक्त। मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय की अध्यक्षता में हुए इस समारोह के बाद जजों की संख्या 50 हो गई, लेकिन स्वीकृत 60 की तुलना में अब भी 10 पद रिक्त हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट में 21 सितंबर 2026 को सात नए न्यायाधीशों ने शपथ ली।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने शपथ दिलाई; समारोह हाईकोर्ट परिसर में आयोजित हुआ।
जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा और जस्टिस निशा सहाय सक्सेना को स्थायी जज ; बाकी पाँच को अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया।
जस्टिस भरत पाराशर सर्वोच्च न्यायालय के सेक्रेटरी जनरल रहे; जस्टिस अरुण भारद्वाज हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से प्रमोट हुए।
केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को कॉलेजियम की 10 सितंबर की सिफारिश के बाद नियुक्ति की घोषणा की।
नई नियुक्तियों के बाद भी 10 पद रिक्त — स्वीकृत संख्या 60 , कार्यरत 50 ।

दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार, 21 सितंबर 2026 को सात नए न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण संपन्न हुआ, जिसके बाद उच्च न्यायालय में कार्यरत जजों की कुल संख्या बढ़कर 50 हो गई। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने हाईकोर्ट परिसर में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में सातों न्यायिक अधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार द्वारा 19 सितंबर 2026 को की गई घोषणा के क्रम में हुई।

किन्हें मिली नियुक्ति

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा, जस्टिस निशा सहाय सक्सेना, जस्टिस संजय शर्मा, जस्टिस भरत पाराशर, डॉ. जस्टिस अदिति चौधरी, जस्टिस दिनेश भट्ट और जस्टिस अरुण भारद्वाज को शपथ दिलाई। इनमें से जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा और जस्टिस निशा सहाय सक्सेना को स्थायी जज के रूप में नियुक्त किया गया है।

शेष पाँच — जस्टिस संजय शर्मा, जस्टिस भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, जस्टिस दिनेश भट्ट और जस्टिस अरुण भारद्वाज — को अतिरिक्त जज के तौर पर नियुक्ति मिली है। गौरतलब है कि जस्टिस भरत पाराशर इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय के सेक्रेटरी जनरल के पद पर कार्यरत थे, जबकि जस्टिस अरुण भारद्वाज प्रमोशन से पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के रूप में सेवा दे रहे थे।

पृष्ठभूमि और कॉलेजियम प्रक्रिया

सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को हुई अपनी बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट में पदोन्नति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को इनमें से सात की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की। सभी सात न्यायाधीश इससे पहले दिल्ली की जिला न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारियों के रूप में कार्यरत थे।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की रिक्तियाँ लंबे समय से न्यायिक विशेषज्ञों और बार एसोसिएशनों की चिंता का विषय रही हैं।

शपथ समारोह में कौन-कौन शामिल हुए

दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में आयोजित इस समारोह में हाईकोर्ट के सभी मौजूदा न्यायाधीश, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, रजिस्ट्री के सदस्य, अधिवक्तागण और नवनियुक्त जजों के परिजन उपस्थित रहे। समारोह का माहौल औपचारिक लेकिन उत्साहपूर्ण रहा।

न्यायालय की स्वीकृत क्षमता और रिक्तियाँ

दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 60 है। इन सात नई नियुक्तियों के बाद कार्यरत जजों की तादाद 50 पहुँच गई है, जिसका अर्थ है कि अभी भी 10 पद रिक्त हैं। न्यायिक बैकलॉग को देखते हुए इन शेष पदों को भरना प्राथमिकता माना जाता है।

आने वाले समय में उम्मीद की जा रही है कि सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम शेष रिक्तियों के लिए भी सिफारिशें करेगा, जिससे न्यायालय अपनी पूर्ण क्षमता पर काम कर सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आधी-अधूरी राहत है — स्वीकृत 60 पदों में से अब भी 10 रिक्त हैं। कॉलेजियम ने आठ नाम भेजे थे, केंद्र ने सात को मंजूरी दी; उस एक अटकी हुई सिफारिश पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया। देशभर के हाईकोर्ट में रिक्तियाँ मामलों के बैकलॉग की बड़ी वजह मानी जाती हैं — और जब तक नियुक्ति प्रक्रिया की रफ्तार नियमित नहीं होती, तब तक ऐसी एकल-खेप नियुक्तियाँ संरचनात्मक समाधान नहीं, अस्थायी मरहम ही कहलाएँगी।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाईकोर्ट के सात नए जजों ने कब शपथ ली?
21 सितंबर 2026, सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में आयोजित समारोह में सातों नए न्यायाधीशों ने शपथ ली। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
दिल्ली हाईकोर्ट के नए नियुक्त सात जज कौन हैं?
नवनियुक्त जज हैं — जस्टिस निवेदिता अनिल शर्मा, जस्टिस निशा सहाय सक्सेना, जस्टिस संजय शर्मा, जस्टिस भरत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, जस्टिस दिनेश भट्ट और जस्टिस अरुण भारद्वाज। इनमें जस्टिस शर्मा और सक्सेना स्थायी जज हैं, बाकी पाँच अतिरिक्त जज।
इन नियुक्तियों के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की संख्या कितनी हो गई है?
इन सात नियुक्तियों के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या 50 हो गई है। न्यायालय की स्वीकृत क्षमता 60 जजों की है, अतः अभी भी 10 पद रिक्त हैं।
इन नियुक्तियों की सिफारिश किसने और कब की थी?
सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को इनमें से सात की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की।
क्या दिल्ली हाईकोर्ट अब पूरी क्षमता पर काम कर रहा है?
नहीं। स्वीकृत 60 पदों के विरुद्ध अभी 50 जज ही कार्यरत हैं, यानी 10 पद अभी भी रिक्त हैं। उम्मीद है कि कॉलेजियम जल्द शेष रिक्तियों के लिए भी सिफारिशें करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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