द्वारका में आधुनिक डॉग शेल्टर की नींव रखी, एलजी टी.एस. संधू बोले — पशु कल्याण दिल्ली की प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उप राज्यपाल टी.एस. संधू ने 28 जुलाई 2026 को द्वारका के सेक्टर-29 में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक आधुनिक डॉग शेल्टर की आधारशिला रखी। यह सुविधा लावारिस कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण, देखभाल और पुनर्वास के लिए समर्पित होगी तथा जीएमआर वरलक्ष्मी फाउंडेशन के सीएसआर सहयोग से बिना किसी सरकारी लागत के विकसित की जाएगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ
यह शेल्टर लगभग 6,050 वर्ग मीटर में फैला होगा और इसमें आधुनिक बुनियादी ढाँचा होगा जो आवारा कुत्तों के कल्याण को सुनिश्चित करेगा। आधारशिला समारोह में मेयर प्रवेश वाही, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक कैलाश गहलोत और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
उप राज्यपाल संधू ने एक्स पर लिखा, "लगभग 6,050 वर्ग मीटर में फैली यह सुविधा लावारिस कुत्तों के लिए सुरक्षित आश्रय, देखभाल और पुनर्वास प्रदान करेगी। इसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर होगा जो उनके कल्याण और भलाई को सुनिश्चित करेगा।"
पब्लिक-प्राइवेट भागीदारी का मॉडल
संधू ने इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) का एक उल्लेखनीय उदाहरण बताया। जीएमआर वरलक्ष्मी फाउंडेशन के सीएसआर अंशदान से यह शेल्टर एमसीडी को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने एमसीडी को सलाह दी कि पशु कल्याण संगठनों, डॉग लवर्स, पशु चिकित्सकों और विषय विशेषज्ञों को इस पहल में सक्रिय रूप से शामिल किया जाए, ताकि इसे टिकाऊ और संवेदनशील तरीके से आकार दिया जा सके।
दिल्ली में आवारा कुत्तों की स्थिति
एक मोटे अनुमान के अनुसार, दिल्ली में आवारा कुत्तों की संख्या 8 से 10 लाख के बीच है, जो मुख्य रूप से एमसीडी के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है। राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में हर साल कुत्ते के काटने के 25,000 से अधिक मामले दर्ज किए जाते हैं। यह आँकड़ा इस बात को रेखांकित करता है कि व्यवस्थित पशु जन्म नियंत्रण और टीकाकरण कार्यक्रम कितना ज़रूरी है।
गौरतलब है कि यह शेल्टर ऐसे समय में बन रहा है जब देश के कई शहरों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएँ बढ़ी हैं और सर्वोच्च न्यायालय में भी इस मुद्दे पर कई याचिकाएँ विचाराधीन हैं। दिल्ली में भी छोटे जानवरों के लिए एकमात्र श्मशान केंद्र का संधू ने दौरा किया और उसकी स्थिति का जायजा लिया।
एयरोसिटी विकास का निरीक्षण
आधारशिला कार्यक्रम के बाद उप राज्यपाल संधू ने एयरपोर्ट के निकट एयरोसिटी में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। जीएमआर के अधिकारियों ने उन्हें टिकाऊ शहरी योजना, जल संरक्षण, ट्रैफिक प्रबंधन और लास्ट-माइल मेट्रो कनेक्टिविटी से जुड़े कार्यों की जानकारी दी।
संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के साथ घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि द्वारका दिल्ली के प्रमुख विकास गलियारों में से एक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की सभी योजनाओं में हरित बुनियादी ढाँचे और सस्टेनेबिलिटी को केंद्र में रखा जाए, ताकि राजधानी का दीर्घकालिक और संतुलित विकास सुनिश्चित हो।
आगे की राह
यह परियोजना दिल्ली में पशु कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। PPP मॉडल की सफलता पर अन्य नगर निकायों की भी नज़र होगी, और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह शेल्टर प्रभावी ढंग से संचालित हुआ, तो यह मॉडल देश के अन्य महानगरों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है।