धमतरी पुलिस ने हेरोइन तस्कर को दबोचा, ₹2.30 लाख की संपत्ति जब्त; NDPS एक्ट में मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस ने नशा-तस्करी विरोधी अभियान के तहत 20 जून 2025 को एक हेरोइन तस्कर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 4.76 ग्राम हेरोइन समेत ₹2.30 लाख से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की। आरोपी को NDPS एक्ट की धारा 21(ए) के तहत न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक, धमतरी के निर्देश पर जिले को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत थाना सिटी कोतवाली को विश्वसनीय सूचना मिली कि पीजी कॉलेज ग्राउंड के निकट एक व्यक्ति हेरोइन बेचने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर संदिग्ध को मौके पर ही दबोच लिया।
आरोपी की पहचान और जब्त संपत्ति
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकेश कुमार साहू उर्फ बोनसी (40), पुत्र अमरनाथ साहू, के रूप में हुई है। वह मूल रूप से रायपुर के बस स्टैंड के पीछे के क्षेत्र का निवासी है और हाल के दिनों में धमतरी के सोरिद नगर स्थित डीपोपारा में रह रहा था। तलाशी में उसके पास से 4.76 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाज़ार कीमत ₹90,000 से अधिक बताई जा रही है। इसके अतिरिक्त एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और ₹20,000 नगद भी ज़ब्त किए गए। कुल ज़ब्त संपत्ति का मूल्य लगभग ₹2.30 लाख आँका गया है।
कानूनी कार्रवाई
थाना सिटी कोतवाली में NDPS एक्ट की धारा 21(ए) के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। प्रारंभिक पूछताछ में हेरोइन की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियाँ सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और अन्य संलिप्त व्यक्तियों को पकड़ने में जुटी है।
पुलिस का संदेश
पुलिस अधीक्षक, धमतरी ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। अवैध शराब, गाँजा, हेरोइन और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों के कारोबार पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और ऐसे तत्वों के विरुद्ध बिना किसी समझौते के सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर हेरोइन की आपूर्ति श्रृंखला की जाँच की जा रही है। यह मामला इस बात की ओर संकेत करता है कि धमतरी जिले में बाहरी तस्करी नेटवर्क सक्रिय हैं, जो रायपुर जैसे बड़े शहरों से जुड़े हो सकते हैं।