1 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिलीप घोष का अनुव्रत मंडल पर तंज: 'बीरभूम का टाइगर अब बिल्ली बन गया', सूरी में TMC कार्यालय तोड़फोड़ के बाद बड़ा बयान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिलीप घोष का अनुव्रत मंडल पर तंज: 'बीरभूम का टाइगर अब बिल्ली बन गया', सूरी में TMC कार्यालय तोड़फोड़ के बाद बड़ा बयान

सारांश

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बीरभूम की राजनीति का नया चेहरा सामने आया है। सूरी में TMC कार्यालय पर हमले के बाद मंत्री दिलीप घोष का 'टाइगर से बिल्ली' वाला तंज बताता है कि अनुव्रत मंडल का दबदबा अब पहले जैसा नहीं रहा — और सत्ता का पलड़ा कैसे पलट चुका है।

मुख्य बातें

1 अक्टूबर 2026 को मंत्री दिलीप घोष ने TMC नेता अनुव्रत मंडल को 'बीरभूम का टाइगर नहीं, अब बिल्ली' कहकर तंज कसा।
बुधवार रात सूरी स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में तीन युवकों ने मंडल की मौजूदगी में तोड़फोड़ की।
मंडल को कोई गंभीर चोट नहीं, लेकिन चेहरे पर मामूली चोट की जानकारी; कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
तीनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार किया गया और गुरुवार सुबह रिहा कर दिया गया।
युवकों ने किसी राजनीतिक दल से संबंध से इनकार किया, लेकिन हिरासत के दौरान 'जय श्री राम' के नारे लगाए।
घोष ने कहा कि विधानसभा चुनाव में बीरभूम में भाजपा को सर्वाधिक वोट मिले हैं।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के सूरी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय में बुधवार रात हुई तोड़फोड़ के अगले दिन, 1 अक्टूबर 2026 को, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने TMC नेता अनुव्रत मंडल पर तीखा तंज कसा। घोष ने कहा, 'जो कभी बीरभूम का टाइगर था, वह अब बिल्ली बन गया है।' इस बयान को हाल के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद मंडल के राजनीतिक प्रभाव में आई कथित गिरावट से जोड़कर देखा जा रहा है।

तोड़फोड़ की घटना का घटनाक्रम

बुधवार की रात अनुव्रत मंडल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार सूरी के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पहुँचे थे। वे वहाँ स्थानीय नेतृत्व से बातचीत करने और जिले की राजनीतिक स्थिति का जायज़ा लेने गए थे।

इसी दौरान तीन युवकों ने मोटी लकड़ियों और डंडों से कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उस समय मंडल कार्यालय के अंदर अपनी कुर्सी पर बैठे थे। युवकों ने कार्यालय का सामान क्षतिग्रस्त किया और मंडल को उनके कथित पुराने अत्याचारों को लेकर धमकियाँ भी दीं। घटना में अनुव्रत मंडल को कोई गंभीर चोट नहीं आई, हालाँकि उनके चेहरे पर मामूली चोट लगने की जानकारी सामने आई है।

गिरफ्तारी और रिहाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तीनों युवकों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। बाद में गुरुवार सुबह उन्हें रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, अनुव्रत मंडल की ओर से इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।

युवकों ने दावा किया कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। हालाँकि, पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में ले जाते समय उन्होंने 'जय श्री राम' के नारे लगाए।

दिलीप घोष की प्रतिक्रिया

मीडिया से बातचीत में दिलीप घोष ने कहा, 'राजनीति ऐसी ही होती है। कभी कोई ऊपर होता है तो कभी नीचे। अगर किसी को सत्ता मिलती है तो उसे उसका सही इस्तेमाल करना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के दौर में सत्ता का दुरुपयोग किया गया। लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें अपने गलत कामों का परिणाम भुगतना पड़ेगा।' हालाँकि, घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा के ज़रिए किसी से बदला नहीं लिया जा सकता।

'जय श्री राम' के नारों पर घोष ने कहा, 'यह भाजपा का नारा नहीं है। भारत में हर व्यक्ति 'जय श्री राम' कह सकता है। प्रशासन बता सकता है कि यह घटना किसने की।' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे नहीं लगता कि केष्टो को कोई गंभीर चोट लगी है, लेकिन यह सच है कि जो कभी बीरभूम का टाइगर था, वह अब बिल्ली बन गया है।'

घोष के पुराने अनुभव और बीरभूम का संदर्भ

इस अवसर पर दिलीप घोष ने बीरभूम में अपने पुराने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि वे 10 साल तक बीरभूम में कोई सभा नहीं कर सके क्योंकि पुलिस अनुमति नहीं देती थी। उन्होंने एक घटना का ज़िक्र किया जब गलती से अनुमति मिल गई तो दूसरी जगह से पानी लाकर सभा स्थल पर डाल दिया गया था।

यह ऐसे समय में आया है जब हाल के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा राज्य में सत्ता में आई है और घोष के अनुसार, बीरभूम में पार्टी को सबसे अधिक वोट मिले हैं। गौरतलब है कि अनुव्रत मंडल को बीरभूम में टीएमसी के सबसे ताकतवर नेताओं में गिना जाता था, और उनकी इस कथित राजनीतिक कमज़ोरी को प्रदेश में बदले राजनीतिक समीकरणों की झलक के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या

दिलीप घोष ने कहा कि लोग सब कुछ रातों-रात नहीं भूलेंगे, लेकिन राज्य में शांति बनाए रखना और बंगाल का विकास करना जरूरी है। तोड़फोड़ मामले में आगे की जाँच जारी है, हालाँकि शिकायत दर्ज न होने से इस मामले की कानूनी प्रगति अनिश्चित बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब उनकी मौजूदगी में ही उनके कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ होती है — यह राजनीतिक कमज़ोरी का स्पष्ट संकेत है। यह भी उल्लेखनीय है कि मंडल ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, जो या तो रणनीतिक चुप्पी है या प्रशासनिक विश्वास की कमी। सत्ता में आई भाजपा के लिए यह अवसर भी है और परीक्षा भी — कि क्या वे प्रतिशोध की राजनीति से ऊपर उठकर बंगाल में कानून-व्यवस्था की नई मिसाल कायम कर पाएँगे।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने अनुव्रत मंडल को 'बिल्ली' क्यों कहा?
मंत्री दिलीप घोष ने बीरभूम में TMC कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के बाद अनुव्रत मंडल की कथित राजनीतिक कमज़ोरी पर तंज कसते हुए कहा कि जो कभी 'बीरभूम का टाइगर' था, वह अब बिल्ली बन गया है। इसे विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद मंडल के प्रभाव में आई गिरावट से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूरी में TMC कार्यालय में तोड़फोड़ कैसे हुई?
बुधवार रात अनुव्रत मंडल के बीरभूम के सूरी स्थित TMC कार्यालय पहुँचने के दौरान तीन युवकों ने मोटी लकड़ियों और डंडों से कार्यालय में तोड़फोड़ की। युवकों ने मंडल को उनके कथित पुराने अत्याचारों का हवाला देते हुए धमकी भी दी।
तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार युवकों का क्या हुआ?
पुलिस ने तीनों युवकों को घटनास्थल से तत्काल गिरफ्तार किया। गुरुवार सुबह उन्हें रिहा कर दिया गया क्योंकि अनुव्रत मंडल की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
क्या अनुव्रत मंडल को तोड़फोड़ में चोट लगी?
घटना में अनुव्रत मंडल को कोई गंभीर चोट नहीं आई, हालाँकि उनके चेहरे पर मामूली चोट लगने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने पुष्टि की कि मंडल की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई।
बीरभूम में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक स्थिति क्या है?
दिलीप घोष के अनुसार हाल के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा राज्य में सत्ता में आई है और बीरभूम में पार्टी को सबसे अधिक वोट मिले हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद TMC के वरिष्ठ नेता अनुव्रत मंडल की स्थिति कमज़ोर हुई मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले