डोडा में पुलिस मीटिंग: ड्रग और गोवंश तस्करी पर कार्रवाई, सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
सारांश
Key Takeaways
- ड्रग और गोवंश तस्करी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- रात्रि पेट्रोलिंग में वृद्धि की जाएगी।
- कम्युनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ किया जाएगा।
- सुरक्षा ढांचे का मूल्यांकन किया जाएगा।
- अपराध की रोकथाम के लिए इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
डोडा, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू क्षेत्र के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) भीम सेन टूटी, आईपीएस, ने मंगलवार को डोडा जिले में अपराध और सुरक्षा की समीक्षा बैठक का संचालन किया। इस बैठक में डीआईजी डीकेआर रेंज श्रीधर पाटिल, आईपीएस भी उपस्थित रहे। यह सभा जिला पुलिस कार्यालय (डीपीओ) डोडा में आयोजित की गई, जिसमें जिले की वर्तमान कानून एवं व्यवस्था की स्थिति, अपराध के रुझान और संपूर्ण सुरक्षा ढांचे का गहन मूल्यांकन किया गया।
बैठक में एसएसपी डोडा संदीप मेहता (जेकेपीएस), एसडीपीओ, एसएचओ और अन्य पर्यवेक्षी अधिकारियों ने भाग लिया। एसएसपी डोडा ने जिले के अपराध प्रोफाइल और सुरक्षा परिदृश्य पर एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। इसमें लंबित मामलों, निपटान दर, एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस) अधिनियम, यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) मामलों और अन्य गंभीर अपराधों की स्थिति का संज्ञान लिया गया। आईजीपी ने जांच प्रक्रियाओं में तेजी लाने, सजा दर बढ़ाने और एंटी-सोशल तथा एंटी-नेशनल तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
सुरक्षा ढांचे की समीक्षा के दौरान आईजीपी ने एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, रात्रि पेट्रोलिंग बढ़ाने और कमजोर एवं संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रभावी नियंत्रण बनाने पर जोर दिया। उन्होंने इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशनों और आतंकवाद विरोधी मजबूत रुख अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। आईजीपी ने कहा कि शांति और जन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की विघ्न-बाधा को सहन नहीं किया जाएगा।
आईजीपी ने ड्रग तस्करी, गोवंश तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को पुनः स्पष्ट किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। इसके अतिरिक्त, कम्युनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, पुलिस-पब्लिक संबंधों में विश्वास बढ़ाने और लोगों तक पहुंचने के प्रयासों को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। आईजीपी ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराध को रोकना नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाना भी है।
डोडा पुलिस की सराहना करते हुए आईजीपी ने अधिकारियों से पेशेवरता, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि डोडामेरिट सर्टिफिकेट भी वितरित किए गए। यह कदम पुलिसकर्मियों में उत्साह बढ़ाने और बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया।