डीओटी का टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश: प्रति ग्राहक 9 सिम की सीमा 24 अगस्त से सख्ती से लागू
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 20 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (टीएसपी) को निर्देश दिया है कि वे किसी भी ग्राहक को 9 सिम कार्ड की निर्धारित उच्चतम सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन न दें। यह व्यवस्था 24 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी और इसका उल्लंघन करने पर संबंधित कनेक्शन तत्काल निलंबित किए जाएंगे।
नए निर्देशों में क्या है
डीओटी के सर्कुलर के अनुसार, 24 अगस्त 2026 से प्रत्येक टेलीकॉम ऑपरेटर को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह ऐसे किसी भी ग्राहक को नया मोबाइल कनेक्शन न दे, जिसके नाम पर पहले से 9 सिम सक्रिय हों। यह सीमा सभी ऑपरेटरों और सभी लाइसेंस प्राप्त सर्विस एरिया को मिलाकर लागू होगी।
इसके लिए ग्राहकों को 'कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म' (सीएएफ) भरते समय यह घोषणा करनी होगी कि उनके नाम पर विभिन्न टेलीकॉम ऑपरेटरों में पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं। जो ग्राहक सीमा पर पहुँच चुके हैं, उन्हें ऑपरेटर की ओर से स्पष्ट सूचना दी जाएगी कि उन्हें नया कनेक्शन नहीं दिया जा सकता।
डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म की भूमिका
डीओटी ने टेलीकॉम ऑपरेटरों की सहायता के लिए 'डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' (डीआईपी) विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म सभी टेलीकॉम कंपनियों से प्राप्त ग्राहक डेटा को एकीकृत करता है और ऑपरेटरों को यह पहचानने में मदद करता है कि किस ग्राहक के नाम पर 9 सिम की अधिकतम सीमा पहले से पूरी हो चुकी है।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार साइबर अपराध और फर्जी सिम कार्ड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम कसने के लिए लगातार कदम उठा रही है। गौरतलब है कि एक ही व्यक्ति के नाम पर बड़ी संख्या में सिम का दुरुपयोग वित्तीय घोटालों और साइबर ठगी में किया जाता रहा है।
उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई
सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि जब तक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर सीएएफ की शर्तों के आधार पर आवश्यक तकनीकी और संगठनात्मक उपाय लागू नहीं करते, तब तक निर्धारित सीमा से अधिक सक्रिय किए गए किसी भी मोबाइल कनेक्शन को तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा। यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक संबंधित मामला सुलझ नहीं जाता।
आम उपभोक्ताओं पर असर
जिन ग्राहकों के नाम पर 9 से कम सिम कार्ड सक्रिय हैं, उन पर इन निर्देशों का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालाँकि, नया कनेक्शन लेते समय सीएएफ में पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा। जो उपयोगकर्ता व्यावसायिक या व्यक्तिगत कारणों से एकाधिक ऑपरेटरों पर निर्भर हैं, उन्हें अपने मौजूदा कनेक्शनों की संख्या की जाँच करने की सलाह दी जाती है।
आगे क्या होगा
टेलीकॉम ऑपरेटरों को 24 अगस्त 2026 तक आवश्यक तकनीकी प्रणाली तैयार करनी होगी। डीआईपी के माध्यम से सभी प्रमुख ऑपरेटर आपस में डेटा साझा करेंगे ताकि सीमा उल्लंघन की पहचान रियल-टाइम में हो सके। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम दूरसंचार क्षेत्र में पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस नीतिगत हस्तक्षेप है।