डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: MP के 62 जिलों में BJP का कार्यकर्ता सम्मेलन, खंडेलवाल बोले — देश उनकी राष्ट्रवादी विरासत को साकार कर रहा है
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मध्य प्रदेश इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 6 जुलाई 2026 को भोपाल में कहा कि आज का भारत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की राष्ट्रवादी सोच को व्यावहारिक धरातल पर उतारने की दिशा में अग्रसर है। पार्टी ने डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के सभी 62 जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए और भोपाल के लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पौधरोपण किया।
एक देश, एक विधान का संकल्प
खंडेलवाल ने कहा कि 'एक देश, एक विधान' की अवधारणा सबसे पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने प्रस्तुत की थी। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा-370 और 35ए को समाप्त कर उस ऐतिहासिक संकल्प को साकार किया गया, जिसकी नींव डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए रखी थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. मुखर्जी के अखंड भारत के स्वप्न को साकार करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
जनसंघ से BJP तक: विचारधारा की निरंतरता
खंडेलवाल ने रेखांकित किया कि जनसंघ की स्थापना के समय डॉ. मुखर्जी ने एक ऐसे राजनीतिक दल की परिकल्पना की थी जो सत्ता-प्राप्ति का साधन मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद, संगठन, संस्कार और विचारधारा पर टिका हो। उनके अनुसार, यह वैचारिक बीज आगे पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और कुशाभाऊ ठाकरे जैसे नेताओं ने वटवृक्ष के रूप में विकसित किया। आज भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उसी विचारधारा के अनुरूप कार्य कर रहा है, ऐसा खंडेलवाल ने कहा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का समान नागरिक संहिता पर बड़ा ऐलान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डॉ. मुखर्जी को स्मरण करते हुए घोषणा की कि प्रदेश की भाजपा सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस तेज़ है।
15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़ा शुरू
डॉ. मुखर्जी की जयंती के अवसर पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की शुरुआत भी की गई। यह पखवाड़ा पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को जनसेवा कार्यक्रमों से जोड़ने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि BJP हर वर्ष डॉ. मुखर्जी की जयंती को संगठनात्मक गतिविधियों के केंद्र के रूप में मनाती है, किंतु इस वर्ष 125वीं जयंती होने के कारण आयोजनों का विस्तार उल्लेखनीय रूप से अधिक रहा।
आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश में UCC के क्रियान्वयन की रूपरेखा और जनकल्याण पखवाड़े की गतिविधियाँ पार्टी की राजनीतिक दिशा का स्पष्ट संकेत देंगी।