डॉ. रवि मित्तल की पीएमओ में उप सचिव के रूप में नियुक्ति: युवा आईएएस अधिकारियों की बढ़ती भूमिका
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. रवि मित्तल को पीएमओ में उप सचिव नियुक्त किया गया है।
- वे 2016 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
- उनकी नियुक्ति युवा अधिकारियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
- उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
- यह नियुक्ति प्रशासन में चिकित्सा पृष्ठभूमि से आने वाली उत्कृष्टता को दर्शाती है।
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. रवि मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में उप सचिव (डिप्टी सेक्रेटरी) के पद पर नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) की स्वीकृति के बाद हुई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्षों की अवधि के लिए या अगले आदेश तक लागू रहेगी।
डॉ. रवि मित्तल उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के निवासी हैं। उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के बाद पहले प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2015 में 61वीं रैंक हासिल की थी। 2016 बैच के इस अधिकारी ने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी कुशलता साबित की है। उन्होंने महासमुंद, रायगढ़ और रायपुर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे जशपुर जिले के कलेक्टर रहे, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले में अपनी प्रभावी प्रशासनिक शैली से चर्चित हुए।
हाल ही में, डॉ. मित्तल को जनसंपर्क आयुक्त (कमिश्नर, पब्लिक रिलेशंस) का पद सौंपा गया था, साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी मिला था। वे छत्तीसगढ़ सरकार में मुख्यमंत्री के विश्वसनीय सलाहकारों में शुमार किए जाते हैं और राज्य की ब्रांडिंग, संवाद और विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका पूरा परिवार चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित है।
पीएमओ में उप सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति केंद्र सरकार में छत्तीसगढ़ कैडर के युवा अधिकारियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। यह पद प्रतिनियुक्ति (डिपुटेशन) पर आधारित है, जहां अधिकारी केंद्र में महत्वपूर्ण नीति-निर्माण और समन्वय की जिम्मेदारियां संभालते हैं। पीएमओ में उप सचिव सामान्यतः प्रधानमंत्री के सीधे पर्यवेक्षण में काम करते हैं और विभिन्न मंत्रालयों के साथ समन्वय करते हैं।
यह नियुक्ति युवा आईएएस अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक है, जो चिकित्सा पृष्ठभूमि से आकर भी प्रशासन में उत्कृष्टता प्रदर्शित कर रहे हैं।
केंद्र सरकार समय-समय पर ऐसे प्रतिभाशाली अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर प्रतिनियुक्त करती रहती है ताकि राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो।