गिरिडीह जिले में 12 प्रखंडों में स्थायी राशन पदाधिकारियों की नियुक्ति, बगोदर को छोड़कर सभी में तैनाती
सारांश
Key Takeaways
- गिरिडीह जिले में 12 प्रखंडों में बीएसओ की नियुक्ति हुई है।
- बगोदर प्रखंड में नियुक्ति की उम्मीद है।
- स्थानीय सेवाएं अब प्रखंड मुख्यालय पर उपलब्ध होंगी।
- डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर ने जनता से अपील की है कि वे प्रखंड मुख्यालय पर संपर्क करें।
- सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे।
गिरिडीह, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड सरकार ने राशन कार्ड धारकों की समस्याओं को कम करने के लिए गिरिडीह जिले में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिले के 13 प्रखंडों में से बगोदर को छोड़कर बाकी 12 प्रखंडों में स्थायी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (बीएसओ/एमओ) की नियुक्ति की गई है। इससे अब लोगों को राशन से संबंधित समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय का दौरा नहीं करना पड़ेगा। सभी सेवाएं प्रखंड मुख्यालय पर ही उपलब्ध रहेंगी।
इस नियुक्ति में एकमात्र महिला अधिकारी चांदनी कुमारी को गावां प्रखंड में तैनात किया गया है। अन्य 11 प्रखंडों में पुरुष अधिकारियों को ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (बीएसओ) के पद पर नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के बाद अब जिले में राशन वितरण और संबंधित सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने की आशा है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) गुलाम समदानी ने बताया कि यह कदम आम जनता की सुविधा के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अब अहर्ताधारक राशन कार्ड धारकों की हर समस्या का समाधान प्रखंड स्तर पर ही किया जाएगा। इससे लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। डीएसओ ने जनता से अपील की कि वे अब अपनी समस्याओं के लिए प्रखंड मुख्यालय पर संपर्क करें और राशन संबंधी किसी भी दिक्कत की जानकारी तुरंत दें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे और पारदर्शी तरीके से अनाज का वितरण हो। नियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें और लोगों की शिकायतों का तुरंत समाधान करें।
यह कदम जिले के राशन सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। बगोदर प्रखंड में जल्द ही पदाधिकारी की नियुक्ति होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे उनकी रोजमर्रा की परेशानियां काफी हद तक कम होंगी।