ईडी ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री करुमुरी नागेश्वर राव को शराब परिवहन घोटाले में किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार, 23 अगस्त को आंध्र प्रदेश के पूर्व नागरिक आपूर्ति मंत्री करुमुरी नागेश्वर राव को शराब परिवहन घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया। ईडी अधिकारियों ने उन्हें हैदराबाद के कोंडापुर स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। नागेश्वर राव वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की सरकार में मंत्री रहे थे।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने यह जांच आंध्र प्रदेश सीआईडी द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। मामला आंध्र प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (सतर्कता) की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिसमें सरकारी खजाने को कथित तौर पर ₹195.33 करोड़ के नुकसान का आरोप लगाया गया।
मुख्य आरोप और जांच के निष्कर्ष
ईडी की जांच में सामने आया कि आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) के शराब परिवहन टेंडरों की शर्तों में जानबूझकर बदलाव किए गए। जांच एजेंसी के अनुसार इन्हें कुछ चुनिंदा कंपनियों — विशेष रूप से सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएससीएसपीएल) और बाद में प्रसाद ट्रांसपोर्ट्स — के पक्ष में तैयार किया गया।
ईडी के अनुसार ये कंपनियाँ केवल मुखौटा इकाइयों की तरह काम कर रही थीं, जबकि वास्तविक संचालन और वित्तीय नियंत्रण राज केसिरेड्डी, डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी तथा उनके सहयोगियों के पास था। जांच में यह भी पता चला कि कथित शराब कार्टेल ने आंध्र प्रदेश में डिपो से खुदरा दुकानों तक शराब पहुँचाने के दौरान अवैध लाभ कमाने की एक व्यवस्थित योजना बनाई थी।
पहले की गिरफ्तारियाँ
इस मामले में ईडी पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है — नागेश्वर राव के बेटे करुमुरी सुनील कुमार, एपीएसबीसीएल के पूर्व प्रबंध निदेशक डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी, और राज केसिरेड्डी। जून में सुनील कुमार की गिरफ्तारी के समय ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत को बताया था कि उन्होंने मंत्री के बेटे होने के कारण अपने कारोबारी सहयोगियों के लिए शराब परिवहन के सब-कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में भूमिका निभाई और अवैध आर्थिक लाभ कमाया।
वाईएसआरसीपी की प्रतिक्रिया
गिरफ्तारी के बाद वाईएसआरसीपी नेताओं — चेल्लुबोयेना वेणुगोपाल कृष्णा, अनिल कुमार यादव और विदादला रजनी — ने कड़ी निंदा करते हुए इसे तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। संयुक्त बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़ा वर्ग (बीसी) के वरिष्ठ नेता को झूठे मामले में फँसाया जा रहा है और पूरे परिवार को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
वाईएसआरसीपी नेताओं ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में शराब की खरीद और बिक्री पूरी तरह पारदर्शी थी — अवैध शराब पर रोक लगाई गई, दुकानों की संख्या घटाई गई, खुदरा बिक्री केंद्र सरकार द्वारा संचालित किए गए और परमिट रूम तथा बेल्ट शॉप्स बंद कर दिए गए। ईडी ने इन दावों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आगे क्या होगा
करुमुरी नागेश्वर राव को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया है और उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व सत्तारूढ़ दल के नेताओं के खिलाफ जांच तेज हो गई है।