कोयला तस्करी मामले में पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल गिरफ्तार, ईडी ने कोलकाता में दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित कोयला तस्करी मामले में पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल को गिरफ्तार कर लिया। मंडल को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद गुरुवार देर रात हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तारी की परिस्थितियाँ
सूत्रों के अनुसार, मंडल स्वयं पूछताछ के लिए साल्ट लेक ईडी कार्यालय पहुँचे थे। घंटों चली पूछताछ के दौरान वे लगातार अपने बयान बदलते रहे और कई सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ईडी अधिकारियों ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
अब मंडल को कोलकाता की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ केंद्रीय एजेंसी के वकील आगे की पूछताछ के लिए ईडी हिरासत की माँग करेंगे।
मंडल की भूमिका और पृष्ठभूमि
मंडल पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल ब्रांच से जुड़े थे। वे बाराबानी पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी भी रह चुके थे, और उसी कार्यकाल के दौरान उनकी भूमिका को लेकर जाँच एजेंसी को संदेह था।
ईडी की ओर से कई समन जारी किए जाने के बावजूद मंडल पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए थे। रिपोर्टों के अनुसार, वे एक लंबे अरसे तक फरार भी रहे।
अवैध रेत खनन मामले में भी जाँच
सूत्रों के मुताबिक, कोयला तस्करी के अलावा मंडल अवैध रेत खनन मामले में भी ईडी की जाँच के दायरे में थे। इसी वर्ष मार्च में ईडी अधिकारियों ने दुर्गापुर स्थित उनके आवास पर व्यापक छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था।
विवादों से भरा करियर
2024 में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते मंडल को निलंबित किया गया था। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कोयला तस्करी के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की थी। निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ न्यायिक जाँच भी शुरू की गई थी।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में कोयला और खनिज तस्करी से जुड़े मामलों में ईडी की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। मंडल के खिलाफ अगली कार्रवाई अब विशेष पीएमएलए अदालत के निर्देशों पर निर्भर करेगी।