ईडी ने सोना पप्पू को किया गिरफ्तार: वित्तीय धोखाधड़ी और रंगदारी मामले में कोलकाता से बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार, 18 मई को वित्तीय धोखाधड़ी और रंगदारी के मामले में विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी स्वयं साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय पहुँचा, जहाँ करीब नौ घंटे की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय जाँच एजेंसी ने उसे हिरासत में ले लिया। ईडी सूत्रों के अनुसार, जाँच में सहयोग न करने के कारण यह गिरफ्तारी की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
विश्वजीत पोद्दार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कई अवैध गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण चर्चा में आया था। उस पर रंगदारी वसूली, धमकी देने और आर्म्स एक्ट के तहत कई प्राथमिकियाँ दर्ज हैं। ईडी ने इन्हीं आरोपों के आधार पर अपनी जाँच शुरू की थी। आरोपी लंबे समय से फरार था, जिससे जाँच एजेंसियों को संदेह था कि वह किसी अन्य राज्य में छिपा हुआ है।
गौरतलब है कि पिछले फरवरी में रवींद्र सरोवर थाना क्षेत्र में हुई एक हिंसक झड़प में भी पोद्दार का नाम सामने आया था। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि उस घटना के पीछे उसी का हाथ था और उसके साथियों पर उपद्रव व तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने उस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया, किंतु पोद्दार पकड़ से बाहर रहा।
ईडी की पूर्व कार्रवाइयाँ
जब पोद्दार फरार था, तब अप्रैल में ईडी ने उसके आवास पर अचानक छापेमारी की थी। इसी दौरान बेहाला के कारोबारी जॉय कामदार के घर पर भी तलाशी ली गई थी। इस कार्रवाई में नकदी, एक महँगी कार और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए थे।
ईडी सूत्रों के अनुसार, पोद्दार के घर से एक विदेशी पिस्टल भी बरामद हुई थी, जो कथित तौर पर कारोबारी जॉय कामदार के माध्यम से खरीदी गई थी। बाद में उस पिस्टल को गरियाहाट थाने में जमा करा दिया गया।
अन्य गिरफ्तारियाँ और व्यापक नेटवर्क
इस मामले में ईडी पहले ही कारोबारी जॉय कामदार को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी केस के सिलसिले में पिछले महीने ईडी ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के फर्न रोड स्थित आवास पर भी छापा मारा था। पहले पुलिस स्टेशन में और फिर ईडी द्वारा पूछताछ के बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया था। यह घटनाक्रम इस मामले के व्यापक नेटवर्क की ओर संकेत करता है।
स्वयं उपस्थित हुआ आरोपी
ईडी ने पोद्दार को पहले भी कई नोटिस भेजे थे, किंतु वह हर बार पेश होने से बचता रहा। सोमवार को वह बिना किसी नए नोटिस के अपनी पत्नी के साथ स्वयं ईडी कार्यालय पहुँचा। सुबह से शुरू हुई पूछताछ रात तक चली, जिसके बाद जाँच एजेंसी ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
आगे क्या होगा
ईडी की जाँच अभी जारी है और इस मामले में और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की पहले से हो चुकी गिरफ्तारी को देखते हुए यह प्रकरण पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गहरी हलचल पैदा कर रहा है।