ईडी ने सोना पप्पू को किया गिरफ्तार: वित्तीय धोखाधड़ी और रंगदारी मामले में कोलकाता से बड़ी कार्रवाई

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ईडी ने सोना पप्पू को किया गिरफ्तार: वित्तीय धोखाधड़ी और रंगदारी मामले में कोलकाता से बड़ी कार्रवाई

सारांश

लंबे समय से फरार चल रहा विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू सोमवार को खुद ईडी दफ्तर पहुँचा — और नौ घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार हो गया। वित्तीय धोखाधड़ी, रंगदारी और एक विदेशी पिस्टल की बरामदगी के साथ यह मामला अब कोलकाता पुलिस के एक डिप्टी कमिश्नर तक फैल चुका है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 18 मई को विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को वित्तीय धोखाधड़ी और रंगदारी मामले में गिरफ्तार किया।
आरोपी स्वयं साल्ट लेक, कोलकाता स्थित ईडी कार्यालय पहुँचा; नौ घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी हुई।
अप्रैल में छापेमारी के दौरान पोद्दार के घर से नकदी, महँगी कार, संपत्ति दस्तावेज़ और एक विदेशी पिस्टल ज़ब्त की गई थी।
इसी मामले में कारोबारी जॉय कामदार और कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पोद्दार पर रंगदारी, धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत कई प्राथमिकियाँ दर्ज हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार, 18 मई को वित्तीय धोखाधड़ी और रंगदारी के मामले में विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी स्वयं साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय पहुँचा, जहाँ करीब नौ घंटे की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय जाँच एजेंसी ने उसे हिरासत में ले लिया। ईडी सूत्रों के अनुसार, जाँच में सहयोग न करने के कारण यह गिरफ्तारी की गई।

मामले की पृष्ठभूमि

विश्वजीत पोद्दार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कई अवैध गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण चर्चा में आया था। उस पर रंगदारी वसूली, धमकी देने और आर्म्स एक्ट के तहत कई प्राथमिकियाँ दर्ज हैं। ईडी ने इन्हीं आरोपों के आधार पर अपनी जाँच शुरू की थी। आरोपी लंबे समय से फरार था, जिससे जाँच एजेंसियों को संदेह था कि वह किसी अन्य राज्य में छिपा हुआ है।

गौरतलब है कि पिछले फरवरी में रवींद्र सरोवर थाना क्षेत्र में हुई एक हिंसक झड़प में भी पोद्दार का नाम सामने आया था। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि उस घटना के पीछे उसी का हाथ था और उसके साथियों पर उपद्रव व तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने उस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया, किंतु पोद्दार पकड़ से बाहर रहा।

ईडी की पूर्व कार्रवाइयाँ

जब पोद्दार फरार था, तब अप्रैल में ईडी ने उसके आवास पर अचानक छापेमारी की थी। इसी दौरान बेहाला के कारोबारी जॉय कामदार के घर पर भी तलाशी ली गई थी। इस कार्रवाई में नकदी, एक महँगी कार और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ ज़ब्त किए गए थे।

ईडी सूत्रों के अनुसार, पोद्दार के घर से एक विदेशी पिस्टल भी बरामद हुई थी, जो कथित तौर पर कारोबारी जॉय कामदार के माध्यम से खरीदी गई थी। बाद में उस पिस्टल को गरियाहाट थाने में जमा करा दिया गया।

अन्य गिरफ्तारियाँ और व्यापक नेटवर्क

इस मामले में ईडी पहले ही कारोबारी जॉय कामदार को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी केस के सिलसिले में पिछले महीने ईडी ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के फर्न रोड स्थित आवास पर भी छापा मारा था। पहले पुलिस स्टेशन में और फिर ईडी द्वारा पूछताछ के बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया था। यह घटनाक्रम इस मामले के व्यापक नेटवर्क की ओर संकेत करता है।

स्वयं उपस्थित हुआ आरोपी

ईडी ने पोद्दार को पहले भी कई नोटिस भेजे थे, किंतु वह हर बार पेश होने से बचता रहा। सोमवार को वह बिना किसी नए नोटिस के अपनी पत्नी के साथ स्वयं ईडी कार्यालय पहुँचा। सुबह से शुरू हुई पूछताछ रात तक चली, जिसके बाद जाँच एजेंसी ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

आगे क्या होगा

ईडी की जाँच अभी जारी है और इस मामले में और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की पहले से हो चुकी गिरफ्तारी को देखते हुए यह प्रकरण पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गहरी हलचल पैदा कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस-अपराध गठजोड़ और वित्तीय अनियमितताओं के बीच संबंध की पड़ताल कर रही है। एक कारोबारी, एक कथित बाहुबली और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का एक ही मामले में गिरफ्तार होना बताता है कि ईडी की जाँच सतह से बहुत नीचे तक पहुँच चुकी है। असली सवाल यह है कि क्या जाँच एजेंसी इस नेटवर्क के राजनीतिक आयाम तक भी पहुँचेगी, या यह कार्रवाई कुछ चुनिंदा नामों पर आकर रुक जाएगी।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोना पप्पू कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
सोना पप्पू का असली नाम विश्वजीत पोद्दार है। ईडी ने उसे 18 मई को वित्तीय धोखाधड़ी और रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किया। उस पर आर्म्स एक्ट सहित कई प्राथमिकियाँ दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार था।
ईडी ने इस मामले में और किन लोगों को गिरफ्तार किया है?
इसी मामले में ईडी पहले बेहाला के कारोबारी जॉय कामदार और कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार कर चुकी है। शांतनु सिन्हा बिस्वास के फर्न रोड स्थित आवास पर भी छापा मारा गया था।
ईडी को पोद्दार के घर से क्या मिला था?
अप्रैल में की गई छापेमारी में ईडी ने पोद्दार के घर से नकदी, एक महँगी कार, संपत्ति दस्तावेज़ और एक विदेशी पिस्टल ज़ब्त की थी। पिस्टल को बाद में गरियाहाट थाने में जमा करा दिया गया।
सोना पप्पू ईडी के सामने कैसे पेश हुआ?
पोद्दार बिना किसी नए नोटिस के सोमवार को स्वयं अपनी पत्नी के साथ साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय पहुँचा। इससे पहले ईडी उसे कई नोटिस भेज चुकी थी, लेकिन वह हर बार पेश होने से बचता रहा था।
रवींद्र सरोवर झड़प से पोद्दार का क्या संबंध बताया गया है?
फरवरी में रवींद्र सरोवर थाना क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प में स्थानीय निवासियों ने पोद्दार पर मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया था। उसके कथित साथियों पर उपद्रव और तोड़फोड़ के मामले दर्ज हुए थे, लेकिन पोद्दार उस समय फरार हो गया था।
राष्ट्र प्रेस
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