5 अक्टूबर 2026
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कैप्टन स्मित मच्छार को एकनाथ शिंदे की सराहना, 174 जानें बचाना बताया 'दुनिया में दुर्लभ कारनामा'

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कैप्टन स्मित मच्छार को एकनाथ शिंदे की सराहना, 174 जानें बचाना बताया 'दुनिया में दुर्लभ कारनामा'

सारांश

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड-1073 में एक पायलट ने कथित तौर पर विमान के सिस्टम से छेड़छाड़ की — लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार ने घायल होकर भी 174 लोगों की जान बचाई। अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उन्हें 'दुनिया में दुर्लभ' बहादुर बताया है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 5 अक्टूबर 2026 को कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को 'दुनिया में दुर्लभ कारनामा' बताया।
फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड-1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव के बीच संकट में पड़ी; विमान 34,000 फीट से अचानक नीचे आया।
विमान में 174 यात्री थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल; सुरक्षित लैंडिंग तबुक, सऊदी अरब में हुई।
कथित तौर पर एक पायलट ने सिस्टम से छेड़छाड़ की और कैप्टन मच्छार पर हमला किया; यात्री व क्रू ने मिलकर स्थिति संभाली।
कैप्टन मच्छार मुंबई से हैं, 13+ वर्षों का उड़ान अनुभव और 9,500+ घंटे की उड़ान उनके नाम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कैप्टन मच्छार को बधाई दी, शिंदे ने इसका विशेष उल्लेख किया।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनके द्वारा 174 यात्रियों की जान बचाने के कार्य को पूरी दुनिया में एक दुर्लभ उपलब्धि करार दिया। शिंदे ने यह भी कहा कि मच्छार न केवल मुंबई, बल्कि समूचे महाराष्ट्र के लिए गर्व का स्रोत हैं।

शिंदे ने क्या कहा

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, 'कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और साहस का काम पूरी दुनिया में एक दुर्लभ उपलब्धि है। उन्होंने 174 लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर बहुत हिम्मत दिखाई। उन्होंने प्लेन को हाईजैक होने से बचाया और अपनी जान खतरे में डालकर सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।'

शिंदे ने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कैप्टन मच्छार को बधाई देकर उनके साहसी प्रयासों की सराहना की। शिंदे के शब्दों में, 'हमारे देश के लोकप्रिय और सफल प्रधानमंत्री ने उन्हें सबसे पहले बधाई दी। उन्हें इस बात पर बहुत गर्व हुआ कि स्मित मच्छार हमारे देश और मुंबई से हैं और महाराष्ट्र के लिए भी गर्व का कारण हैं।'

घटना का विवरण

फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड-1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। बताया जाता है कि उड़ान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और करीब 34,000 फीट की ऊँचाई से अचानक 17,000 फीट से अधिक नीचे आ गई।

विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। बाद में फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुल अजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहाँ सुरक्षित लैंडिंग हुई।

कॉकपिट में क्या हुआ

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि एक इज़रायली यात्री ने उन्हें जानकारी दी कि विमान स्पिन करने लगा और नीचे की ओर जाने लगा था। नेतन्याहू के अनुसार, एक यात्री और क्रू के एक सदस्य ने कॉकपिट में घुसकर पायलट पर काबू पा लिया। कथित तौर पर उस पायलट ने विमान के सिस्टम में छेड़छाड़ की कोशिश के दौरान कैप्टन मच्छार पर हमला किया था।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कैप्टन मच्छार खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने हुए और विमान की गैली में लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं — जो उनके संघर्ष और बलिदान की झलक देते हैं।

कैप्टन मच्छार: कौन हैं यह 'असली हीरो'

कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई से हैं और फ्लाईदुबई से चार वर्षों से अधिक समय से जुड़े हुए हैं। उनके पास कमर्शियल एविएशन का 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें 9,500 से अधिक घंटे की उड़ान शामिल है। उन्हें इस घटना में सभी 174 लोगों की जान बचाने में मदद करने के लिए 'असली हीरो' बताया जा रहा है।

आगे क्या

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हवाई यात्रा की सुरक्षा और क्रू प्रशिक्षण को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज है। कैप्टन मच्छार की साहसगाथा ने एक बार फिर यह रेखांकित किया है कि संकट के क्षण में पायलट का त्वरित निर्णय सैकड़ों लोगों की ज़िंदगी और मौत के बीच की दीवार होता है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना की विस्तृत जाँच से भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए नए प्रोटोकॉल तैयार किए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि घटना की स्वतंत्र जाँच कब और कैसे होगी — क्योंकि कॉकपिट में दूसरे पायलट की कथित भूमिका वैश्विक विमानन सुरक्षा के लिए गहरे निहितार्थ रखती है। गौरतलब है कि 2015 में जर्मनविंग्स दुर्घटना के बाद दुनियाभर में दो-पायलट कॉकपिट नीति की समीक्षा हुई थी — यह घटना एक बार फिर उन्हीं सवालों को सामने लाती है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं और उन्होंने क्या किया?
कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई से ताल्लुक रखने वाले फ्लाईदुबई के अनुभवी पायलट हैं, जिनके पास 13 वर्षों से अधिक का कमर्शियल उड़ान अनुभव और 9,500 से अधिक घंटे की उड़ान है। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट एफजेड-1073 में संकट के दौरान उन्होंने हमला झेलने के बाद भी 174 यात्रियों की जान बचाने में मदद की।
फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड-1073 में क्या हुआ था?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट एफजेड-1073 ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और करीब 34,000 फीट की ऊँचाई से अचानक 17,000 फीट से अधिक नीचे आ गई। कथित तौर पर एक पायलट ने विमान के सिस्टम से छेड़छाड़ की और कैप्टन मच्छार पर हमला किया, जिसके बाद यात्री व क्रू ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
एकनाथ शिंदे ने कैप्टन मच्छार की तारीफ में क्या कहा?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 5 अक्टूबर 2026 को कहा कि कैप्टन मच्छार की बहादुरी 'पूरी दुनिया में एक दुर्लभ उपलब्धि' है। उन्होंने यह भी कहा कि मच्छार मुंबई और महाराष्ट्र दोनों के लिए गर्व का विषय हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
शिंदे के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कैप्टन स्मित मच्छार को बधाई दी और उनके साहसी प्रयासों की सराहना की। मोदी को यह जानकर गर्व हुआ कि मच्छार भारत और मुंबई से हैं।
विमान में कितने यात्री थे और उन्हें कहाँ उतारा गया?
फ्लाइट एफजेड-1073 में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। संकट के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुल अजीज एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
राष्ट्र प्रेस
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