कैप्टन स्मित मच्छार को एकनाथ शिंदे की सराहना, 174 जानें बचाना बताया 'दुनिया में दुर्लभ कारनामा'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उनके द्वारा 174 यात्रियों की जान बचाने के कार्य को पूरी दुनिया में एक दुर्लभ उपलब्धि करार दिया। शिंदे ने यह भी कहा कि मच्छार न केवल मुंबई, बल्कि समूचे महाराष्ट्र के लिए गर्व का स्रोत हैं।
शिंदे ने क्या कहा
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, 'कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और साहस का काम पूरी दुनिया में एक दुर्लभ उपलब्धि है। उन्होंने 174 लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर बहुत हिम्मत दिखाई। उन्होंने प्लेन को हाईजैक होने से बचाया और अपनी जान खतरे में डालकर सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।'
शिंदे ने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले कैप्टन मच्छार को बधाई देकर उनके साहसी प्रयासों की सराहना की। शिंदे के शब्दों में, 'हमारे देश के लोकप्रिय और सफल प्रधानमंत्री ने उन्हें सबसे पहले बधाई दी। उन्हें इस बात पर बहुत गर्व हुआ कि स्मित मच्छार हमारे देश और मुंबई से हैं और महाराष्ट्र के लिए भी गर्व का कारण हैं।'
घटना का विवरण
फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड-1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। बताया जाता है कि उड़ान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और करीब 34,000 फीट की ऊँचाई से अचानक 17,000 फीट से अधिक नीचे आ गई।
विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। बाद में फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुल अजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहाँ सुरक्षित लैंडिंग हुई।
कॉकपिट में क्या हुआ
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि एक इज़रायली यात्री ने उन्हें जानकारी दी कि विमान स्पिन करने लगा और नीचे की ओर जाने लगा था। नेतन्याहू के अनुसार, एक यात्री और क्रू के एक सदस्य ने कॉकपिट में घुसकर पायलट पर काबू पा लिया। कथित तौर पर उस पायलट ने विमान के सिस्टम में छेड़छाड़ की कोशिश के दौरान कैप्टन मच्छार पर हमला किया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कैप्टन मच्छार खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने हुए और विमान की गैली में लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं — जो उनके संघर्ष और बलिदान की झलक देते हैं।
कैप्टन मच्छार: कौन हैं यह 'असली हीरो'
कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई से हैं और फ्लाईदुबई से चार वर्षों से अधिक समय से जुड़े हुए हैं। उनके पास कमर्शियल एविएशन का 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें 9,500 से अधिक घंटे की उड़ान शामिल है। उन्हें इस घटना में सभी 174 लोगों की जान बचाने में मदद करने के लिए 'असली हीरो' बताया जा रहा है।
आगे क्या
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हवाई यात्रा की सुरक्षा और क्रू प्रशिक्षण को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज है। कैप्टन मच्छार की साहसगाथा ने एक बार फिर यह रेखांकित किया है कि संकट के क्षण में पायलट का त्वरित निर्णय सैकड़ों लोगों की ज़िंदगी और मौत के बीच की दीवार होता है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना की विस्तृत जाँच से भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए नए प्रोटोकॉल तैयार किए जा सकते हैं।