एकता नगर बना ग्रीन टूरिज्म का वैश्विक मॉडल: 5 वर्षों में 60 लाख पेड़, 459 ई-वाहन
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एकता नगर ने पिछले पाँच वर्षों में ग्रीन टूरिज्म, स्वच्छ ऊर्जा और प्रदूषण-मुक्त परिवहन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करते हुए खुद को एक वैश्विक सतत पर्यटन मॉडल के रूप में स्थापित किया है। 5 जून 2021 को विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एकता नगर को भारत के पहले 'ई-व्हीकल ओनली जोन' के रूप में विकसित करने की घोषणा के ठीक पाँच वर्ष पूरे होने पर यह उपलब्धियाँ सामने आई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रधानमंत्री मोदी की उस घोषणा को ज़मीन पर उतारने के लिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म रेगुलेटरी अथॉरिटी मिशन मोड में काम करती रही है। आज की तारीख में एकता नगर में 459 इलेक्ट्रिक वाहन संचालित हो रहे हैं, जो पर्यटकों को पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त परिवहन अनुभव देते हैं। इसके साथ ही 5.5 मेगावाट से अधिक क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र यहाँ स्थापित किया गया है, जो परिसर की ऊर्जा आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा पूरा करता है।
ग्रीनिंग एकता नगर: वृक्षारोपण की विस्तृत तस्वीर
'ग्रीनिंग एकता नगर' परियोजना के अंतर्गत पाँच वर्षों में कुल 60 लाख पेड़-पौधे लगाए गए हैं। इनमें 2.25 लाख केशुदा और 2 लाख कृष्ण कमल के पौधे शामिल हैं। इसके अलावा 30 लाख पौधे विभिन्न इको-टूरिज्म परियोजनाओं पर और 15 लाख पौधे सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए हैं। मियावाकी वन, वैली ऑफ फ्लावर्स और बोन्साई गार्डन भी यहाँ विकसित किए गए हैं, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बन चुके हैं।
सीईओ की प्रतिक्रिया
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित अरोड़ा ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2021 को अपील की थी कि एकता नगर को प्रदूषण-मुक्त ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जाए। इसके बाद स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने इस दिशा में अनेक कार्य किए हैं। हमारा प्रयास रहा है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को हरित और टिकाऊ पर्यटन का अनुभव मिले।'
अरोड़ा ने आगे कहा, 'ग्रीनिंग प्रोजेक्ट के तहत सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण और आकर्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहाँ स्थापित सौर संयंत्र और ईवी जोन मिलकर एकता नगर को एक आदर्श पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन स्थल बनाते हैं।'
आम जनता और पर्यटकों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी हरित साख मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। एकता नगर का यह मॉडल न केवल घरेलू पर्यटकों को, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों को भी स्वच्छ और प्रकृति-अनुकूल पर्यटन का अनुभव देता है। गौरतलब है कि यह भारत का पहला ऐसा पर्यटन क्षेत्र है जहाँ परिसर के भीतर केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की अनुमति है।
क्या होगा आगे
एकता नगर का यह सतत विकास मॉडल अब अन्य पर्यटन स्थलों के लिए एक संदर्भ बिंदु बनता जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, हरित पर्यटन के इस ढाँचे को और विस्तार देने की योजना है, जिससे एकता नगर की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।