पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर भवैय्या गायक को जान से मारने की धमकी का आरोप, कूचबिहार में एफआईआर दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभांगा थाने में राज्य के पूर्व उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा के खिलाफ 6 जून 2026 को एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर प्रसिद्ध भवैय्या लोकगायक मनींद्रनाथ बर्मन को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है, जिन्होंने विधानसभा चुनाव से पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर कथित भ्रष्टाचार को लेकर गीत गाए थे।
शिकायत का विवरण
माथाभांगा के नयरहाट निवासी मनींद्रनाथ बर्मन शुक्रवार रात अपने वकील के साथ माथाभांगा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस सरकार में कथित भ्रष्टाचार पर आधारित गीत सार्वजनिक रूप से गाने के बाद पूर्व विधायक उदयन गुहा ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनके पीछे गुंडे लगाए गए।
गायक की आपबीती
मनींद्रनाथ बर्मन ने दावा किया कि जान के खतरे के चलते वह लंबे समय तक छिपकर रहने को मजबूर रहे। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "जब तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी, तब मैंने राज्य सरकार के खिलाफ कई गीत लिखे और गाए। इससे उदयन गुहा नाराज हो गए। दिनहाटा के कई तृणमूल नेताओं ने मुझे जान से मारने की धमकी दी। मुझे वहां से भागना पड़ा। उस समय मैं पुलिस में शिकायत भी दर्ज नहीं करा सका, क्योंकि मेरे पीछे बदमाश लगा दिए गए थे।"
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता पार्थ प्रतिम राय सरकार के पिछले 15 वर्षों के विकास कार्यों की सूची लेकर मनींद्रनाथ बर्मन के घर भी पहुंचे थे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में भाजपा (BJP) सरकार बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं से जुड़े कथित अवैध और आपराधिक मामलों पर कार्रवाई तेज हुई है।
आरोपी की प्रतिक्रिया और पुलिस कार्रवाई
एफआईआर दर्ज होने के बाद उदयन गुहा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पुलिस कानून उल्लंघन के आरोपों में तृणमूल नेताओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।
व्यापक संदर्भ
पिछले एक महीने में राज्यभर में भ्रष्टाचार और वसूली के आरोपों में तृणमूल कांग्रेस के कई पार्षदों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। यह मामला राजनीतिक विरोधियों और कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाता है। आगे की जांच के परिणाम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।