टीएमसी नेता उदयन गुहा गिरफ्तार: कूचबिहार चुनाव बाद हिंसा मामले में पूर्व मंत्री हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की पूर्व ममता बनर्जी सरकार में उत्तर बंगाल विकास विभाग के मंत्री रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता उदयन गुहा को बुधवार, 17 जून 2026 को कोलकाता के फूलबागान स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद कूचबिहार जिले में हुई कथित चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामलों के सिलसिले में की गई है।
गिरफ्तारी का विवरण
अधिकारियों ने अभी तक यह सार्वजनिक नहीं किया है कि उदयन गुहा को किन विशेष धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया है। हालाँकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी और अंततः उन्हें उनके फूलबागान आवास से गिरफ्तार किया गया। माना जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी कूचबिहार में दर्ज चुनाव बाद हिंसा के मामलों से सीधे जुड़ी है।
पूर्व सरकार के तीन मंत्री अब जेल में
उदयन गुहा, 9 मई 2026 को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के सत्ता संभालने के बाद से पूर्व ममता मंत्रिमंडल के गिरफ्तार होने वाले तीसरे मंत्री हैं।
इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बहुचर्चित नगर निकाय भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में पूर्व अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था। तत्पश्चात 9 जून 2026 को पूर्व सुधार सेवा मंत्री उज्ज्वल बिस्वास को राज्य सरकार की राहत सामग्री के कथित अवैध भंडारण के आरोप में हिरासत में लिया गया था। अब उदयन गुहा की गिरफ्तारी के साथ पूर्व ममता सरकार के तीन मंत्री जेल पहुँच चुके हैं।
उदयन गुहा का राजनीतिक सफर
उदयन गुहा, कूचबिहार के वरिष्ठ वामपंथी नेता और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के दिवंगत नेता कमल गुहा के पुत्र हैं। कमल गुहा दो दशकों से अधिक समय तक पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे थे।
उदयन गुहा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक से की। 2011 में उन्होंने पहली बार कूचबिहार जिले की दिनहाटा विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव जीता। 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की और उसी सीट से TMC उम्मीदवार के रूप में पुनः निर्वाचित हुए।
गौरतलब है कि वह 2026 तक दिनहाटा से विधायक रहे, लेकिन हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार अजय राय ने उन्हें 17,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर दिया।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्ववर्ती TMC सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई मामले सक्रिय रूप से खँगाले जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों में राजनीतिक प्रतिशोध का पहलू भी हो सकता है, जबकि सत्तारूढ़ BJP का तर्क है कि यह कानून के शासन की बहाली है। आने वाले दिनों में इस मामले में और घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।