तिरुमाला पहाड़ी पर शराब-गुटखा रैकेट का आरोप, पूर्व TTD चेयरमैन भूमना ने CCTV फुटेज मांगी
सारांश
मुख्य बातें
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के पूर्व चेयरमैन भूमना करुणाकर रेड्डी ने रविवार, 23 अगस्त को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि TTD विजिलेंस, पुलिस और TTD प्रशासन मिलकर पवित्र तिरुमाला पहाड़ी पर चल रहे शराब और गुटखा के बड़े रैकेट को कथित तौर पर छिपा रहे हैं। YSR कांग्रेस पार्टी के इस नेता ने सच्चाई सामने लाने के लिए संबंधित स्थानों की CCTV फुटेज और अधिकारियों के फोन-लोकेशन रिकॉर्ड तत्काल सार्वजनिक करने की माँग की है।
क्या है पूरा मामला
तिरुपति में पत्रकारों से बातचीत में भूमना ने बताया कि 21 अगस्त की शाम 7:30 से 8 बजे के बीच कौस्तुभम गेस्ट हाउस के पास ईगा रामू को बालाजी नाम के व्यक्ति को शराब की 182 क्वार्टर बोतलें सप्लाई करते हुए पकड़ा गया। इसी दौरान ईगा प्रिया को अलग से नागतीर्थम के पास हज़ारों गुटखा पैकेट के साथ पकड़ा गया।
पूर्व चेयरमैन का दावा है कि दोनों को तिरुमाला पहाड़ी पर पकड़े जाने के बावजूद FIR में यह दर्शाया गया कि गिरफ़्तारी अगली सुबह अलीपिरी लिंक बस स्टैंड पर हुई।
FIR में हेराफेरी का आरोप
भूमना ने सवाल उठाया कि FIR में घटनास्थल क्यों बदला गया और आरोप लगाया कि तिरुमाला में हुई असल बरामदगी को जानबूझकर छिपाया गया। उन्होंने कौस्तुभम गेस्ट हाउस, नागतीर्थम और अलीपिरी लिंक बस स्टैंड की CCTV फुटेज के साथ-साथ उस समय SI श्रीवाणी और ईगा रामू के फोन-लोकेशन रिकॉर्ड जारी करने की माँग की।
उन्होंने यह भी पूछा कि FIR में आरोपियों की जाति का विवरण विशेष रूप से क्यों दर्ज किया गया और अधिकारियों से इस पर स्पष्टीकरण माँगा।
‘रोज़ाना 1,000 बोतलें पहाड़ी पर’
पूर्व चेयरमैन ने दावा किया कि प्रतिदिन तिरुमाला में शराब की क़रीब 1,000 क्वार्टर बोतलें पहुँच रही हैं। उनके अनुसार, जो बोतलें बाहर लगभग ₹120 में मिलती हैं, वे पहाड़ी पर ₹350 से ₹500 तक में बेची जा रही हैं। भूमना ने माँग की कि इस पूरे रैकेट के संचालकों और संरक्षकों की गहन जाँच हो।
चेयरमैन बीआर नायडू पर सीधा निशाना
भूमना ने कहा कि यदि TTD चेयरमैन बीआर नायडू में हिम्मत और ईमानदारी है, तो उन्हें केवल बयान जारी करने के बजाय CCTV फुटेज, फोन-लोकेशन और रिकॉर्ड सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सबूतों से ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों को वास्तव में कहाँ पकड़ा गया था और FIR में तथ्यों में बदलाव क्यों किया गया।
क्या होगा आगे
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब तिरुमाला मंदिर की पवित्रता से जुड़े मुद्दे बीते वर्षों में बार-बार राजनीतिक टकराव का केंद्र बनते रहे हैं। TTD प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है, जबकि YSRCP के तेवर संकेत दे रहे हैं कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।