5 अक्टूबर 2026
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भारत-EU एफटीए पर फ्रांसीसी मंत्री हद्दाद बोले — AI, एयरोस्पेस में साझेदारी का शानदार मौका

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भारत-EU एफटीए पर फ्रांसीसी मंत्री हद्दाद बोले — AI, एयरोस्पेस में साझेदारी का शानदार मौका

सारांश

फ्रांस के यूरोप मंत्री हद्दाद ने नई दिल्ली में साफ कहा — बदलते वैश्विक समीकरणों में EU-भारत एफटीए महज़ व्यापार नहीं, रणनीतिक स्वायत्तता का निवेश है। AI, एयरोस्पेस और स्वास्थ्य में साझा इकोसिस्टम बनाने की बात उठाकर उन्होंने इस समझौते को एक नई भाषा दी।

मुख्य बातें

फ्रांस के यूरोप मामलों के मंत्री बेंजामिन हद्दाद 4 से 6 अक्टूबर 2026 तक भारत दौरे पर हैं।
हद्दाद ने EU-भारत एफटीए को AI, एयरोस्पेस और स्वास्थ्य क्षेत्रों में रणनीतिक जोखिम कम करने का शानदार अवसर बताया।
भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी 30 वर्षों से चली आ रही है; प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच व्यक्तिगत विश्वास का उल्लेख।
हद्दाद फ्रांस-भारत 1.5 ट्रैक डायलॉग और रायसीना फोरम फॉर द फ्यूचर ऑफ डिप्लोमेसी में भी भाग लेंगे।
अमेरिकी दबाव और चीन की व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को उन्होंने एफटीए की तात्कालिकता का मुख्य कारण बताया।

फ्रांस के यूरोप मामलों के मंत्री बेंजामिन हद्दाद ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत और फ्रांस — दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच रणनीतिक जोखिम कम करने का सबसे बड़ा अवसर है। तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आए हद्दाद ने 30 वर्षों की रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करते हुए EU-भारत सहयोग को और गहरा करने की जरूरत पर जोर दिया।

हद्दाद का बयान: क्यों ज़रूरी है एफटीए

हद्दाद ने कहा, 'फ्रांस और भारत लगभग 30 सालों से रणनीतिक साझेदार रहे हैं, और प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच भरोसे और दोस्ती का रिश्ता है।' उन्होंने आगे कहा कि ऐसी दुनिया में जहाँ अमेरिका का दबाव है, चीन से व्यापार का प्रेशर है और भू-राजनीतिक तनाव तेज़ी से बढ़ रहे हैं, वहाँ फ्रांस और भारत के बीच — तथा EU और भारत के बीच — सहयोग बढ़ाने में उनकी 'गहरी दिलचस्पी' है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एफटीए केवल व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि दोनों देशों की रणनीतिक स्वायत्तता को मज़बूत करने का माध्यम है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा ध्यान

हद्दाद के अनुसार, एफटीए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एयरोस्पेस, और स्वास्थ्य जैसे भविष्यमुखी क्षेत्रों में दोनों देशों के इनोवेशन इकोसिस्टम को एकजुट करने का मंच बनेगा। उन्होंने मज़बूत सप्लाई चेन बनाने और बहुपक्षीय व्यवस्था में एक साझी आवाज़ उठाने की भी बात कही — 'एक ऐसी आवाज़ जो सहयोग, नियमों और बहुपक्षवाद की हो।'

दौरे का कार्यक्रम

हद्दाद 4 से 6 अक्टूबर 2026 तक भारत दौरे पर हैं। सोमवार, 5 अक्टूबर को उन्होंने म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में हिस्सा लिया। मंगलवार, 6 अक्टूबर को वह फ्रांस-भारत 1.5 ट्रैक डायलॉग में शामिल होंगे और रायसीना फोरम फॉर द फ्यूचर ऑफ डिप्लोमेसी को भी संबोधित करेंगे।

भारत-फ्रांस संबंधों का संदर्भ

गौरतलब है कि भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी 1998 से चली आ रही है — जो रक्षा, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष तकनीक तक फैली है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब EU-भारत एफटीए की बातचीत वर्षों से लंबित है और वैश्विक व्यापार में अमेरिकी टैरिफ एवं चीन की प्रतिस्पर्धा नए समीकरण बना रहे हैं। हद्दाद का यह बयान संकेत देता है कि पेरिस इस समझौते को ब्रसेल्स स्तर पर आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि EU-भारत एफटीए को अंतिम रूप देना जटिल है, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच कृषि, डेटा संरक्षण और बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर मतभेद बने हुए हैं। हद्दाद की यात्रा इस दिशा में राजनीतिक इच्छाशक्ति को मज़बूत करने का प्रयास मानी जा रही है। अगले कुछ महीनों में होने वाले EU-भारत शिखर सम्मेलन में इस विषय पर ठोस प्रगति की उम्मीद की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भू-राजनीतिक बीमा पॉलिसी के रूप में पेश कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी टैरिफ नीति और चीन की आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता दोनों देशों को नए विकल्प तलाशने पर मजबूर कर रही है। लेकिन EU-भारत एफटीए की बातचीत 2007 से लंबित है — कृषि, डेटा और बौद्धिक संपदा पर गहरे मतभेद हैं। राजनीतिक संदेश ज़रूरी है, पर असली सवाल यह है कि क्या पेरिस ब्रसेल्स में उन बाधाओं को दूर करने की इच्छाशक्ति रखता है जो वर्षों से इस समझौते को रोके हुए हैं।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

EU-भारत एफटीए क्या है और यह अभी चर्चा में क्यों है?
EU-भारत मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) यूरोपीय संघ और भारत के बीच व्यापार एवं निवेश बाधाओं को कम करने के लिए प्रस्तावित द्विपक्षीय संधि है। फ्रांसीसी मंत्री हद्दाद की नई दिल्ली यात्रा के बाद यह फिर चर्चा में आया है क्योंकि उन्होंने इसे मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक रूप से अनिवार्य बताया।
बेंजामिन हद्दाद कौन हैं और वे भारत क्यों आए हैं?
बेंजामिन हद्दाद फ्रांस के यूरोप मामलों के मंत्री हैं। वे 4 से 6 अक्टूबर 2026 तक तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं, जिसमें म्यूनिख लीडर्स मीटिंग, फ्रांस-भारत 1.5 ट्रैक डायलॉग और रायसीना फोरम फॉर द फ्यूचर ऑफ डिप्लोमेसी में भागीदारी शामिल है।
एफटीए में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलने की बात हद्दाद ने कही?
हद्दाद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एयरोस्पेस और स्वास्थ्य को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में दोनों देशों के इनोवेशन इकोसिस्टम को एकजुट कर मज़बूत सप्लाई चेन बनाई जा सकती है।
भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी कब से है?
भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदार हैं, यानी लगभग 30 वर्षों से। यह साझेदारी रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और अब व्यापार एवं तकनीक के क्षेत्रों तक फैली है।
EU-भारत एफटीए में सबसे बड़ी अड़चनें क्या हैं?
2007 से लंबित इस समझौते में कृषि बाज़ार तक पहुँच, डेटा संरक्षण नियम और बौद्धिक संपदा अधिकार प्रमुख विवादास्पद मुद्दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के बावजूद इन तकनीकी बाधाओं को पार करना आसान नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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