गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या में पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी: महत्वपूर्ण घटनाक्रम
सारांश
Key Takeaways
- गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को आत्महत्या की थी।
- पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार किया गया है।
- परिजनों ने उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
- वीडियो में भुल्लर का नाम लिया गया है।
- सीबीआई जांच की मांग उठाई गई है।
चंडीगढ़, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (पीडब्ल्यूसी) के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की विवादास्पद मौत के मामले में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई है। पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया है। यह कदम मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के अनुसार फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को आत्महत्या की थी, जिसके बाद यह मामला तेजी से बढ़ा। रंधावा की मौत के पीछे पूर्व मंत्री भुल्लर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें प्रताड़ना और मानसिक तनाव उत्पन्न करने का आरोप शामिल है। मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब मृतक द्वारा आत्महत्या से पूर्व एक वीडियो जारी हुआ, जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री का नाम लिया। इसके परिणामस्वरूप, परिजनों ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और भुल्लर पर उत्पीड़न, धमकी और मानसिक दबाव डालने के आरोप लगाए।
परिजनों की शिकायत और वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की गई है, जिससे राजनीतिक माहौल में हलचल मच गई है।
इससे पहले, रंधावा की पत्नी ने कहा था कि 21 मार्च को उनकी मौत हुई थी, लेकिन आज 23 तारीख हो चुकी है और सरकार ने कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कुछ नहीं हुआ, तो वे अपने बच्चों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पंजाब सरकार उनकी बात नहीं सुनती है, तो वे सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
गगनदीप सिंह रंधावा की बेटी ने कहा था कि आरोपी पक्ष यह कहते हैं कि आरोप बेबुनियाद हैं, जबकि उनके पिता की मौत के मामले में ठोस साक्ष्य हैं। उन्हें आधिकारिक नंबर से 10 बार कॉल आई थी। इसकी तकनीकी और फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए।