पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी, स्वाति मालीवाल बोलीं- भ्रष्टाचार की जांच से है सरकार चिंतित
सारांश
Key Takeaways
- गगनदीप रंधावा की आत्महत्या के बाद लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी हुई।
- स्वाति मालीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई।
- पंजाब सरकार पर सीबीआई जांच से डरने का आरोप।
- राजनीतिक हलचल तेज, परिजनों ने गिरफ्तारी की मांग की।
- स्वाति मालीवाल ने सरकार को अल्टीमेटम दिया।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (पीडब्ल्यूसी) के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की मृत्यु के मामले में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा की गई। इस गिरफ्तारी पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने प्रतिक्रिया व्यक्त की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में स्वाति मालीवाल ने लिखा, "इतने समय से पंजाब सरकार अपने मंत्री लालजीत भुल्लर को बचाने का प्रयास कर रही थी। आज जैसे ही संसद में गृह मंत्री ने इस केस को सीबीआई को सौंपने का सुझाव दिया, आधे घंटे के भीतर पंजाब पुलिस ने मंत्री को गिरफ्तार कर लिया।"
उन्होंने आगे कहा, "पंजाब सरकार सीबीआई जांच से डर रही है। यदि मंत्री की जांच की गई तो कई महत्वपूर्ण नाम सामने आएंगे, और भ्रष्टाचार का सच उजागर होगा। पंजाब में भ्रष्टाचार नियंत्रण से बाहर है। यह मामला सीबीआई को निष्पक्ष जांच के लिए सौंपा जाना चाहिए।"
गौरतलब है कि गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद यह मामला गरमाया। रंधावा की मृत्यु के पीछे पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर प्रताड़ना और मानसिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे थे। मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब रंधावा द्वारा आत्महत्या से पहले का एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में रंधावा ने पूर्व मंत्री का नाम लिया था। इसके बाद रंधावा के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें भुल्लर पर उत्पीड़न, धमकी और मानसिक दबाव बनाने के आरोप लगाए गए।
परिजनों की शिकायत और वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर अब पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी की गई है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सोमवार को रंधावा की पत्नी ने कहा था कि 21 मार्च को उनकी मृत्यु हुई थी, लेकिन अब 23 तारीख हो चुकी है और इस मामले में कुछ नहीं हुआ है। हमारी मांग थी कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि कुछ नहीं हुआ तो हम अपने बच्चों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। हम भी अपनी कुर्बानी देंगे।