गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या: बिक्रम मजीठिया ने सीबीआई जांच की मांग की, लालजीत भुल्लर पर गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या ने पंजाब में राजनीतिक हलचल पैदा की।
- बिक्रम मजीठिया ने लालजीत सिंह भुल्लर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- सीबीआई जांच की मांग की गई है।
- लालजीत भुल्लर ने आरोपों को बेबुनियाद बताया।
- पंजाब भाजपा ने सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठाए हैं।
चंडीगढ़, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, "आम आदमी पार्टी के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की यातना के कारण अमृतसर में एक युवा की जान गई। गगनदीप सिंह रंधावा ने सल्फास का सेवन कर आत्महत्या कर ली। वह अमृतसर और पट्टी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। उन पर आरोप है कि उन्हें 10 लाख की रिश्वत स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया था।"
उन्होंने आगे लिखा, "गगनदीप पर निविदा देने के लिए दबाव डाला गया, जिसके चलते उन्होंने एक वैध बोलीदाता का चयन किया। इससे लालजीत सिंह भुल्लर और सत्ता में बैठे लोगों के कार्यों पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। मुख्यमंत्री को भी अब जवाबदेही के सवालों का सामना करना पड़ेगा। उनके फोन को सुरक्षित करना जरूरी है, क्योंकि उसमें महत्वपूर्ण सबूत हो सकते हैं। निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए सीबीआई को इस मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, ताकि पीड़ित के परिवार को न्याय मिल सके।"
गगनदीप की आत्महत्या का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा ले लिया है। इस मामले की जांच सीएम ने मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को सौंपी है।
वहीं, लालजीत भुल्लर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि, "जो आरोप मुझ पर लगाए गए हैं, वे बिल्कुल बेबुनियाद और झूठे हैं। सच्ची पार्टी हमेशा सत्य के पक्ष में खड़ी होती है, इसलिए मैं चाहता हूं कि इन आरोपों की जांच हो, ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।"
पंजाब के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा, "पहले लोग फिरौती न मिलने के कारण जान गंवा रहे थे, अब सरकारी मंत्रियों की रिश्वत की मांग पूरी न कर पाने के कारण अधिकारियों को अपनी जान देनी पड़ रही है। पंजाब अपने सबसे कठिन समय से गुजर रहा है। क्या मुख्यमंत्री अब भी अपनी सरकार को ईमानदार लोगों की सरकार कह रहे हैं?"