मनीष तिवारी ने गगनदीप रंधावा आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- मनीष तिवारी की सीबीआई जांच की मांग
- गगनदीप रंधावा की आत्महत्या का मामला
- आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप
- भाजपा का कड़ा विरोध
- राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न
चंडीगढ़, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने रविवार को पंजाब राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी कड़ा प्रहार किया।
गगनदीप सिंह रंधावा ने पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शनिवार को अमृतसर स्थित अपने निवास पर जहर खा लिया था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व मंत्री ने अपने पिता और निजी सहायक के साथ मिलकर गगनदीप पर हमला किया और उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मनीष तिवारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह एक दुखद और चौंकाने वाली घटना है और सीबीआई द्वारा जिम्मेदार लोगों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। किसी भी जांच की विश्वसनीयता इस बात से झलकती है कि जनता उस पर कितना भरोसा करती है। इस पूरी घटना की गंभीरता को देखते हुए, यह उचित होगा कि पंजाब सरकार स्वयं इस मामले को सीबीआई को सौंप दे।"
कांग्रेस नेता उदित राज ने भी राज्य सरकार की आलोचना करते हुए आम आदमी पार्टी में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “एक अधिकारी आत्महत्या करने की कगार पर पहुँच गया। ये लोग बेहद भ्रष्ट हैं, भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने के बाद से भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। भाजपा और आम आदमी पार्टी का कार्य करने का तरीका एक जैसा है।”
इस बीच, भाजपा ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। शनिवार रात जाखड़ ने अमृतसर में पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री मान के पास अब पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। पहले पंजाब में लोग जबरन वसूली और गुंडागर्दी का शिकार हो रहे थे, लेकिन अब स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि सत्ता में बैठे लोगों की कथित मांगों को पूरा न कर पाने के कारण सरकारी अधिकारी भी कड़े कदम उठाने पर मजबूर हो रहे हैं।
जाखड़ ने कहा कि यह घटना एक सरकारी अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या जैसी है और मंत्री भुल्लर को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इस घटना ने राज्य सरकार के "कठोर ईमानदारी" के दावे की पोल खोल दी है। जाखड़ ने कहा कि पहले मंत्री विजय सिंगला, फिर फौजा सिंह सरारी और अब लालजीत सिंह भुल्लर, ये सभी आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का असली चेहरा प्रदर्शित करते हैं।