पंजाब: भाजपा प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर गगनदीप रंधावा की आत्महत्या की सीबीआई जांच की मांग करेगा
सारांश
Key Takeaways
- गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या की सीबीआई जांच की मांग की जा रही है।
- भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलने जा रहा है।
- पंजाब सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- पार्टी परिवार के साथ खड़ी है।
- आम आदमी पार्टी की सरकार पर विपक्षी दलों का दबाव बढ़ रहा है।
चंडीगढ़, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मंगलवार को जानकारी दी कि पार्टी बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात करेगी। इस दौरान वेयरहाउसिंग मंडल प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा के लिए न्याय की मांग की जाएगी और मामले की सीबीआई जांच की भी अपील की जाएगी।
जाखड़ ने यह बयान अमृतसर में रंधावा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद दिया। उन्होंने दिवंगत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि न केवल भाजपा, बल्कि पूरा पंजाब इस मुश्किल समय में उनके परिवार के साथ एकजुट है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रंधावा का परिवार सीबीआई जांच के अलावा अन्य किसी भी चीज़ को स्वीकार नहीं करेगा और पार्टी इस मांग में उनके साथ दृढ़ता से खड़ी है।
इसलिए, भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर मामले में दबाव बनाने की योजना बना रहा है। जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार जिस तरह से इस मामले को संभाल रही है, उससे साफ है कि आम आदमी पार्टी की सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।
उन्होंने कई विरोधाभासों की ओर इशारा किया, जैसे कि एक ओर मुख्यमंत्री का कहना है कि मंत्री को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था, जबकि लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस्तीफा दिया।
इसी तरह, मंत्री ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
जाखड़ ने आगे कहा कि अगर केंद्रीय गृह मंत्री ने सीबीआई जांच की संभावना की ओर इशारा नहीं किया होता, तो लालजीत सिंह भुल्लर पुलिस हिरासत में नहीं आते।
इसलिए, जाखड़ ने जोर दिया कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए और यह जानने के लिए कि मंत्री द्वारा चलाए जा रहे जबरन वसूली नेटवर्क के माध्यम से धन का प्रवाह कहां हो रहा था, सीबीआई जांच आवश्यक है।
इससे पहले, चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या की सीबीआई जांच की मांग की थी, क्योंकि विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।