तरसेम सिंह ने गगनदीप मौत मामले में सीबीआई जांच की मांग की, पंजाब सरकार पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- गगनदीप सिंह की संदिग्ध मृत्यु पर तरसेम सिंह ने सीबीआई जांच की मांग की।
- पंजाब में गैंगस्टरवाद के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता है।
- सरकार के वादे खोखले साबित हुए हैं।
- दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की आवश्यकता है।
- यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है।
अमृतसर, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद, लोकसभा सदस्य अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह उनके निवास पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से भेंट की और गगनदीप की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
तरसेम सिंह ने कहा कि यह घटना कोई अकेली नहीं है। पंजाब में पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे मामलों में न्याय मिलना अत्यंत आवश्यक है। अब समय आ गया है कि पंजाब के लोग, गुरु महाराज और समाज के सभी हिस्से मिलकर इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाएं। यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि मानवता और इंसानियत का मामला है।
उन्होंने कहा कि सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि दोषियों को कड़ी सजा मिले। जिन्होंने गगनदीप को मौत के लिए मजबूर किया, उनके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। केवल सीबीआई की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके पीछे कौन और किस प्रकार शामिल था। यह मामला केवल परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जब शक्तिशाली और दबंग लोग कानून को नजरअंदाज करते हैं, तो इसका नुकसान आम आदमी को होता है।
तरसेम सिंह ने कहा कि पंजाब के लोगों ने सोच-समझकर भगवंत मान की सरकार को चुना था कि राज्य से गैंगस्टरवाद समाप्त होगा, लेकिन सरकार के वादे और दावे खोखले साबित हुए।
उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि गैंगस्टरवाद और धमकियों की घटनाओं में अधिकारी भी प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों पर दबाव, गैंगस्टरों का खेल और उनके संरक्षण का एक बड़ा जाल बना हुआ है। ऐसे माहौल में सामान्य नागरिक और परिवार असुरक्षित महसूस करते हैं। यही कारण है कि हमें केवल पार्टीबाजी या जाति-धर्म के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि इंसानियत के नजरिए से आगे आकर समर्थन देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिवार के लिए कोई भी सजा या मुआवजा खोई हुई जिंदगी की भरपाई नहीं कर सकता, लेकिन यदि दोषियों को कड़ी सजा मिलती है और न्याय सुनिश्चित होता है, तो पीड़ित परिवार को कम से कम कुछ राहत मिल सकती है।