गांधीनगर, दिल्ली: चार मंजिला इमारत झुकी, खाली कराई गई; पूर्व महापौर बोले — 'MCD अधिकारियों की मिलीभगत जिम्मेदार'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर इलाके में 13 सितंबर 2026 को एक चार मंजिला इमारत के अचानक झुक जाने से इलाके में दहशत फैल गई। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरी इमारत को खाली करा लिया और नगर निगम दिल्ली (MCD) ने इमारत मालिक को नोटिस जारी कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
इमारत के झुकने की सूचना मिलते ही MCD, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों ने जाँच में पाया कि दो मकानों के बीच दरार आ गई है और एक मकान हल्का झुक गया है। जाँच में इमारत गिरने का खतरा सामने आया, जिसके बाद इसे तत्काल प्रभाव से खाली करा दिया गया।
सुरक्षा के मद्देनज़र इमारत के चारों ओर घेराबंदी कर दी गई है ताकि कोई भी व्यक्ति उसके नज़दीक न जा सके। स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
पूर्व महापौर की प्रतिक्रिया
पूर्व महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुँचे। उन्होंने कहा, 'मैंने वहाँ देखा कि दो मकानों के बीच दरार आई है। एक मकान भी हल्का झुक गया है। अधिकारियों ने जाँच में पाया कि इमारत गिरने का खतरा है, इसलिए उन्होंने इसे खाली कराया है।'
अग्रवाल ने आगे कहा, 'सवाल यह है कि पाँच-छह मंजिला मकान एक दिन में नहीं बनता है। लेकिन जब यह बनकर तैयार हो रहे थे, तब नगर निगम के अधिकारी कहाँ सोए हुए थे। पाँचवीं और छठी मंजिल के मकान अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही बने हैं। इसलिए ऐसी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।'
अवैध निर्माण पर MCD की जवाबदेही
पूर्व महापौर ने दिल्ली में अवैध निर्माणों और जर्जर इमारतों पर कार्रवाई को 'देरी से उठाया गया सही कदम' बताया। उनका कहना है कि ऐसी खतरनाक इमारतों के खिलाफ सख्त कदम उठाना अनिवार्य है। उन्होंने चेताया कि इमारत कभी भी गिर सकती है और कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
सत्य निकेतन हादसे का संदर्भ
गौरतलब है कि इस घटना से ठीक एक सप्ताह पहले, 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी। वह इमारत लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माणों पर नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आगे की स्थिति
फिलहाल MCD ने इमारत मालिक को नोटिस जारी किया है और इमारत को अनिश्चितकाल के लिए खाली रखने का निर्देश दिया है। आसपास के निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में अनधिकृत बहुमंजिला निर्माण लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है जिसके लिए जवाबदेही तय किए जाने की आवश्यकता है।