13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गांधीनगर दिल्ली में चार मंजिला इमारत खतरनाक तरीके से झुकी, MCD ने नोटिस जारी किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गांधीनगर दिल्ली में चार मंजिला इमारत खतरनाक तरीके से झुकी, MCD ने नोटिस जारी किया

सारांश

सत्य निकेतन में सात मौतों के एक हफ्ते बाद, गांधीनगर में फिर एक चार मंजिला इमारत झुकी — MCD ने नोटिस दिया, इलाका खाली कराया। पूर्व महापौर ने अधिकारियों की मिलीभगत पर उठाया सवाल। दिल्ली में असुरक्षित इमारतों का खतरा एक बार फिर सुर्खियों में।

मुख्य बातें

13 सितंबर 2026 को पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर में एक चार मंजिला इमारत खतरनाक तरीके से झुक गई।
MCD, पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुँचकर इमारत खाली कराई और मालिक को नोटिस जारी किया।
पूर्व महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण होने का आरोप लगाया।
6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है।
इमारत के किसी भी समय गिरने की आशंका, आसपास घेराबंदी जारी है।

पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर इलाके में 13 सितंबर 2026 को एक चार मंजिला इमारत अचानक खतरनाक तरीके से झुक गई, जिससे आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई। दिल्ली नगर निगम (MCD) की टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर इमारत को खाली करा दिया और मालिक को नोटिस जारी किया। इमारत के किसी भी समय गिरने की आशंका को देखते हुए पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

सूचना मिलते ही MCD, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं और इमारत की संरचनात्मक स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जाँच में पाया कि दो मकानों के बीच दरार आ गई है और एक मकान हल्का झुक भी गया है। एहतियात के तौर पर इमारत और उसके समीपवर्ती क्षेत्र को तत्काल प्रभाव से खाली कराकर घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी व्यक्ति इमारत के नज़दीक न जा सके।

पूर्व महापौर की प्रतिक्रिया

पूर्व महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया, 'मैं सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँचा था। वहाँ मैंने देखा कि दो मकानों के बीच दरार आई है। एक मकान भी हल्का झुक गया है। अधिकारियों ने जाँच में पाया कि इमारत गिरने का खतरा है, इसलिए उन्होंने इसे खाली कराया है।'

उन्होंने यह भी कहा कि इमारत के मालिक को नोटिस दिया जा चुका है और यह इमारत कभी भी गिर सकती है, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अग्रवाल ने दिल्ली में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को 'देरी से उठाया गया सही कदम' बताते हुए कहा कि खतरनाक और अवैध इमारतों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

अधिकारियों की मिलीभगत पर सवाल

पूर्व महापौर ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, 'पाँच-छह मंजिला मकान एक दिन में नहीं बनता है। लेकिन जब यह बनकर तैयार हो रहे थे, तब नगर निगम के अधिकारी कहाँ सोए हुए थे। पाँचवीं और छठी मंजिल के मकान अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही बने हैं।' यह टिप्पणी शहर में अनधिकृत निर्माण को बढ़ावा देने में प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करती है।

सत्य निकेतन हादसे से जुड़ा संदर्भ

गौरतलब है कि 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत ढहने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी। वह इमारत लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) आवास के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। गांधीनगर की यह घटना उस हादसे के एक सप्ताह से भी कम समय बाद सामने आई है, जो दिल्ली में असुरक्षित भवनों की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर करती है।

आगे की स्थिति

फिलहाल इमारत को खाली रखा गया है और MCD अधिकारी स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं। इमारत मालिक को जारी नोटिस के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में जर्जर और अनधिकृत इमारतों के सर्वेक्षण की तत्काल आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दिल्ली में भवन नियमों के कारगर क्रियान्वयन की व्यवस्थागत विफलता का संकेत है। पूर्व महापौर का यह सवाल कि 'बहुमंजिली इमारत बनते वक्त अधिकारी कहाँ थे' — असल मुद्दे की ओर इशारा करता है: अनधिकृत निर्माण अकेले नहीं पनपता, उसे प्रशासनिक उदासीनता या मिलीभगत का पोषण मिलता है। जब तक जवाबदेही सिर्फ नोटिस तक सीमित रहेगी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, दिल्ली में जर्जर इमारतों का यह सिलसिला थमने वाला नहीं।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर दिल्ली में कौन सी इमारत झुकी और कब?
13 सितंबर 2026 को पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर इलाके में एक चार मंजिला इमारत अचानक खतरनाक तरीके से झुक गई। MCD ने इमारत खाली कराकर मालिक को नोटिस जारी किया है।
MCD ने इस इमारत पर क्या कार्रवाई की?
MCD की टीम ने पुलिस और दमकल विभाग के साथ मिलकर इमारत को तत्काल खाली करा दिया और इमारत मालिक को नोटिस जारी किया। इमारत के चारों ओर घेराबंदी कर दी गई है ताकि कोई नज़दीक न जा सके।
पूर्व महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने क्या कहा?
पूर्व महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि इमारत कभी भी गिर सकती है और इसे समय पर खाली कराना सही कदम था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बहुमंजिली अवैध इमारतें नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से ही बनती हैं।
क्या दिल्ली में इससे पहले भी ऐसी घटना हुई है?
हाँ, 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी। वह इमारत लड़कों के PG आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही थी।
गांधीनगर इमारत में रहने वाले लोगों का क्या हुआ?
एहतियात के तौर पर पूरी इमारत को खाली करा दिया गया है। आसपास के निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए इलाके में घेराबंदी की गई है और MCD अधिकारी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले