दिलीप घोष का आरोप: गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह के वादे से ममता ने तीन बार जीता चुनाव, काम शून्य
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 10 जून 2026 को खड़गपुर में मीडिया से बातचीत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह के अधूरे वादों का लालच देकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लगातार तीन बार चुनाव जीते, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने दोनों परियोजनाओं का सर्वे शुरू कर दिया है।
गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह: वादे बनाम हकीकत
दिलीप घोष ने कहा, "गंगा सागर को जोड़ने वाले सेतु और ताजपुर में बंदरगाह बनाने का लालच देकर ममता बनर्जी ने तीन बार चुनाव जीता और सरकार बनाई थी, हालांकि वास्तविक रूप से कोई काम नहीं हुआ। ममता बनर्जी की सरकार में इसके लिए प्रयास भी नहीं हुआ।" उन्होंने आगे जोड़ा कि मौजूदा सरकार ने दोनों योजनाओं को लेकर सर्वे शुरू कर दिया है और जल्द ही निर्णय लेकर काम आरंभ कराया जाएगा। गौरतलब है कि ताजपुर गहरे समुद्र बंदरगाह की परिकल्पना वर्षों से पश्चिम बंगाल के बुनियादी ढाँचे की चर्चाओं में केंद्रीय रही है, परंतु आलोचकों का कहना है कि यह परियोजना कभी ठोस आकार नहीं ले सकी।
दीघा जगन्नाथ मंदिर 'धाम' विवाद
दीघा में बने जगन्नाथ मंदिर को 'धाम' का दर्जा न दिए जाने के प्रश्न पर घोष ने कहा, "दीघा में बना जगन्नाथ मंदिर सरकार ने एक सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर बनाया है। सरकार ने इस पर पैसा खर्च किया है, तो यह 'धाम' कैसे बन जाएगा? यह सांस्कृतिक केंद्र ही रहेगा।" उन्होंने ओडिशा के दृष्टिकोण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा के लोग पहले से कहते रहे हैं कि असली धाम जगन्नाथ धाम पुरी है। घोष के अनुसार, "कोई भावनात्मक काम नहीं किया गया है, इसलिए इसे सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर ही दिखाया जाएगा।"
TMC दफ्तरों पर CID की तलाशी और कार्रवाई
तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों में CID की तलाशी के विषय पर मंत्री ने कहा, "TMC के सारे दफ्तर और नेताओं के घर हथियार रखने का अड्डा बन चुके थे। यहाँ गैर-कानूनी काम हो रहे थे, महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव, जुए का अड्डा चलाना, शराब का अड्डा चलता था। इसलिए दफ्तर तोड़े गए।" घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि जब भी कोई शिकायत आएगी, पुलिस उसकी जाँच करेगी।
TMC की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी
घोष ने तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक दशा पर कहा, "TMC हर स्तर पर टूट रही है। लोग वहाँ से भागना चाहते हैं। उस पार्टी में कोई लोकतंत्र नहीं है, कोई संविधान नहीं है, कोई विचारधारा नहीं है।" कल्याण बनर्जी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सदस्य उनके खिलाफ हैं और उनके आचरण को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।
मोदी सरकार के कार्यकाल पर घोष का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने के अवसर पर घोष ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ जवाहर लाल नेहरू का नहीं, बल्कि विकास का भी रिकॉर्ड तोड़ा है। पूरी दुनिया में मोदी सरकार के मॉडल की चर्चा होती है। समस्या का हल निकालने के लिए दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाया जाता है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब BJP और TMC के बीच राज्य में राजनीतिक तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में ताजपुर और गंगा सागर सेतु परियोजनाओं पर सरकारी निर्णय पश्चिम बंगाल की बुनियादी ढाँचा नीति की दिशा तय करेगा।