26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिलीप घोष का आरोप: गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह के वादे से ममता ने तीन बार जीता चुनाव, काम शून्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिलीप घोष का आरोप: गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह के वादे से ममता ने तीन बार जीता चुनाव, काम शून्य

सारांश

खड़गपुर में मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला — गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह के वादे को 'चुनावी लालच' बताया। उनका दावा है कि तीन कार्यकालों में कोई काम नहीं हुआ, अब मौजूदा सरकार ने सर्वे शुरू किया है।

मुख्य बातें

मंत्री दिलीप घोष ने 10 जून 2026 को खड़गपुर में कहा कि ममता बनर्जी ने गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह के वादे से तीन बार चुनाव जीते, लेकिन कोई काम नहीं हुआ।
मौजूदा सरकार ने दोनों परियोजनाओं का सर्वे शुरू कर दिया है; जल्द निर्णय और काम शुरू होने का दावा।
दीघा जगन्नाथ मंदिर को 'धाम' नहीं, बल्कि सांस्कृतिक केंद्र ही माना जाएगा — घोष।
TMC दफ्तरों पर CID की तलाशी को घोष ने जायज ठहराया, हथियार और गैर-कानूनी गतिविधियों का आरोप लगाया।
घोष ने कहा कि TMC हर स्तर पर टूट रही है और पार्टी में लोकतंत्र व विचारधारा का अभाव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने पर घोष ने उनके कार्यकाल को 'विकास का रिकॉर्ड' बताया।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 10 जून 2026 को खड़गपुर में मीडिया से बातचीत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह के अधूरे वादों का लालच देकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लगातार तीन बार चुनाव जीते, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने दोनों परियोजनाओं का सर्वे शुरू कर दिया है।

गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह: वादे बनाम हकीकत

दिलीप घोष ने कहा, "गंगा सागर को जोड़ने वाले सेतु और ताजपुर में बंदरगाह बनाने का लालच देकर ममता बनर्जी ने तीन बार चुनाव जीता और सरकार बनाई थी, हालांकि वास्तविक रूप से कोई काम नहीं हुआ। ममता बनर्जी की सरकार में इसके लिए प्रयास भी नहीं हुआ।" उन्होंने आगे जोड़ा कि मौजूदा सरकार ने दोनों योजनाओं को लेकर सर्वे शुरू कर दिया है और जल्द ही निर्णय लेकर काम आरंभ कराया जाएगा। गौरतलब है कि ताजपुर गहरे समुद्र बंदरगाह की परिकल्पना वर्षों से पश्चिम बंगाल के बुनियादी ढाँचे की चर्चाओं में केंद्रीय रही है, परंतु आलोचकों का कहना है कि यह परियोजना कभी ठोस आकार नहीं ले सकी।

दीघा जगन्नाथ मंदिर 'धाम' विवाद

दीघा में बने जगन्नाथ मंदिर को 'धाम' का दर्जा न दिए जाने के प्रश्न पर घोष ने कहा, "दीघा में बना जगन्नाथ मंदिर सरकार ने एक सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर बनाया है। सरकार ने इस पर पैसा खर्च किया है, तो यह 'धाम' कैसे बन जाएगा? यह सांस्कृतिक केंद्र ही रहेगा।" उन्होंने ओडिशा के दृष्टिकोण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा के लोग पहले से कहते रहे हैं कि असली धाम जगन्नाथ धाम पुरी है। घोष के अनुसार, "कोई भावनात्मक काम नहीं किया गया है, इसलिए इसे सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर ही दिखाया जाएगा।"

TMC दफ्तरों पर CID की तलाशी और कार्रवाई

तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों में CID की तलाशी के विषय पर मंत्री ने कहा, "TMC के सारे दफ्तर और नेताओं के घर हथियार रखने का अड्डा बन चुके थे। यहाँ गैर-कानूनी काम हो रहे थे, महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव, जुए का अड्डा चलाना, शराब का अड्डा चलता था। इसलिए दफ्तर तोड़े गए।" घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि जब भी कोई शिकायत आएगी, पुलिस उसकी जाँच करेगी।

TMC की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी

घोष ने तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक दशा पर कहा, "TMC हर स्तर पर टूट रही है। लोग वहाँ से भागना चाहते हैं। उस पार्टी में कोई लोकतंत्र नहीं है, कोई संविधान नहीं है, कोई विचारधारा नहीं है।" कल्याण बनर्जी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सदस्य उनके खिलाफ हैं और उनके आचरण को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।

मोदी सरकार के कार्यकाल पर घोष का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने के अवसर पर घोष ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ जवाहर लाल नेहरू का नहीं, बल्कि विकास का भी रिकॉर्ड तोड़ा है। पूरी दुनिया में मोदी सरकार के मॉडल की चर्चा होती है। समस्या का हल निकालने के लिए दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाया जाता है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब BJP और TMC के बीच राज्य में राजनीतिक तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में ताजपुर और गंगा सागर सेतु परियोजनाओं पर सरकारी निर्णय पश्चिम बंगाल की बुनियादी ढाँचा नीति की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ताजपुर बंदरगाह और गंगा सागर सेतु जैसी परियोजनाओं की देरी का सवाल केवल TMC तक सीमित नहीं है — केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की कमी भी इन परियोजनाओं के अटकने का कारण रही है। मौजूदा सरकार ने 'सर्वे शुरू' करने का दावा किया है, लेकिन बिना समयसीमा और बजट के यह घोषणा भी उन्हीं वादों की श्रेणी में आ सकती है जिनकी वे आलोचना कर रहे हैं। दीघा मंदिर विवाद और TMC दफ्तरों पर कार्रवाई को लेकर घोष का रुख स्पष्ट रूप से BJP की आक्रामक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जो पश्चिम बंगाल में अगले चुनावी चक्र को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने गंगा सागर सेतु और ताजपुर बंदरगाह बनाने का वादा करके तीन बार चुनाव जीते, लेकिन इन परियोजनाओं पर कोई काम नहीं हुआ। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार ने अब इन दोनों परियोजनाओं का सर्वे शुरू कर दिया है।
ताजपुर बंदरगाह और गंगा सागर सेतु परियोजना की अभी क्या स्थिति है?
मंत्री दिलीप घोष के अनुसार, वर्तमान सरकार ने दोनों परियोजनाओं का सर्वे शुरू कर दिया है और जल्द ही निर्णय लेकर काम आरंभ कराया जाएगा। हालाँकि, कोई आधिकारिक समयसीमा या बजट अभी तक घोषित नहीं किया गया है।
दीघा जगन्नाथ मंदिर को 'धाम' का दर्जा क्यों नहीं मिला?
दिलीप घोष ने कहा कि दीघा का जगन्नाथ मंदिर सरकार द्वारा एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में बनाया गया है, इसलिए इसे 'धाम' नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ओडिशा के लोग असली जगन्नाथ धाम पुरी को मानते हैं।
TMC दफ्तरों पर CID की तलाशी क्यों हुई?
दिलीप घोष ने कहा कि TMC के दफ्तर और नेताओं के घर हथियार रखने, जुए और शराब के अड्डे तथा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों का केंद्र बन गए थे, इसलिए कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर पुलिस जाँच करती रहेगी।
मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास का रिकॉर्ड तोड़ा है और पूरी दुनिया में मोदी सरकार के मॉडल की चर्चा होती है। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए मोदी को बुलाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले