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गर्मी में मटके का पानी पीने के फायदे: एक्सपर्ट बोले — फ्रिज से बेहतर है मिट्टी का घड़ा

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गर्मी में मटके का पानी पीने के फायदे: एक्सपर्ट बोले — फ्रिज से बेहतर है मिट्टी का घड़ा

सारांश

फ्रिज का पानी तुरंत राहत देता है, लेकिन मटके का पानी शरीर को अंदर से ठंडा और स्वस्थ रखता है। नेशनल हेल्थ मिशन और आयुर्वेद दोनों इसकी पुष्टि करते हैं। गर्मियों में यह सबसे सस्ता, केमिकल-मुक्त और प्रभावी उपाय है — जो पाचन, इम्युनिटी और pH संतुलन तीनों सुधारता है।

मुख्य बातें

मिट्टी के घड़े का पानी वाष्पीकरण से प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है और शरीर को अंदर से ठंडक देता है।
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार फ्रिज का पानी गला खराब, खाँसी और पेट की समस्याएँ पैदा कर सकता है।
मटके का पानी पाचन, इम्युनिटी और pH स्तर को संतुलित रखने में सहायक है।
मिट्टी के क्षारीय गुण पानी में प्राकृतिक मिनरल्स बढ़ाते हैं और अशुद्धियाँ सोख लेते हैं।
आयुर्वेद में मटके के पानी को अमृत समान माना गया है; आधुनिक चिकित्सक भी इसे बेहतर विकल्प बताते हैं।

गर्मी के बढ़ते तापमान में शरीर को प्राकृतिक ठंडक और संतुलन देने का सबसे सरल उपाय है मिट्टी के घड़े यानी मटके का पानीनई दिल्ली में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने 7 मई 2026 को बताया कि फ्रिज का पानी भले ही तुरंत राहत देता है, लेकिन मटके का पानी शरीर के लिए कहीं अधिक सुरक्षित और लाभकारी है — और इसका कोई नकारात्मक दुष्प्रभाव नहीं होता।

मटके का पानी क्यों है फ्रिज से बेहतर

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, गर्मियों में अधिकांश लोग राहत के लिए फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं, जिससे गला खराब होना, खाँसी और पेट की समस्याएँ हो सकती हैं। इसके विपरीत, मिट्टी के घड़े में रखा पानी वाष्पीकरण की प्राकृतिक प्रक्रिया से ठंडा होता है और शरीर को अंदर से ठंडक पहुँचाता है। इसमें मिट्टी की हल्की सौंधी खुशबू भी पीने के अनुभव को सुखद बनाती है।

स्वास्थ्य लाभ — विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, मटके के पानी के नियमित सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।

पहला, यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है और प्राकृतिक ठंडक प्रदान करता है। दूसरा, यह पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है। तीसरा, मिट्टी पानी की अशुद्धियों को सोख लेती है, जिससे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं। चौथा, यह इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है। पाँचवाँ, यह शरीर के pH स्तर को संतुलित बनाए रखता है।

आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों की मुहर

आयुर्वेद में मटके के पानी को अमृत के समान माना गया है। आधुनिक चिकित्सक भी इसे फ्रिज के पानी से बेहतर बताते हैं। मिट्टी के क्षारीय गुण पानी में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा बढ़ा देते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। गले, पेट और आँतों के लिए यह पानी पूरी तरह सुरक्षित है — यहाँ तक कि बीमार व्यक्ति भी बिना किसी चिंता के इसे पी सकते हैं।

आम जनता पर असर और विशेषज्ञों की सलाह

गर्मी के मौसम में हाइड्रेटेड रहने का यह सबसे सस्ता, प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है। मटके का पानी पूरी तरह केमिकल मुक्त होता है और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि हर घर में मिट्टी का घड़ा अवश्य रखा जाए और गर्मियों में रोज़ाना इसका पानी पिया जाए। इससे न केवल शरीर तरोताज़ा रहेगा, बल्कि कई मौसमी बीमारियों से भी बचाव होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आधुनिक जीवनशैली पर एक सांस्कृतिक टिप्पणी भी है। दशकों तक फ्रिज को 'प्रगति' का प्रतीक मानकर घड़े को पुराना करार दिया गया, जबकि नेशनल हेल्थ मिशन के आँकड़े बताते हैं कि इस बदलाव की स्वास्थ्य कीमत चुकानी पड़ी। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का एक साथ मटके के पक्ष में खड़ा होना बताता है कि पारंपरिक ज्ञान को प्रमाण की ज़रूरत थी, न कि प्रतिस्थापन की। असली सवाल यह है कि जब यह विकल्प सस्ता, सुलभ और सिद्ध है, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में इसे प्राथमिकता क्यों नहीं मिलती।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मटके का पानी फ्रिज के पानी से बेहतर क्यों माना जाता है?
मटके का पानी प्राकृतिक वाष्पीकरण से ठंडा होता है और शरीर को अंदर से ठंडक देता है, जबकि फ्रिज का पानी गला खराब, खाँसी और पेट की समस्याएँ पैदा कर सकता है। नेशनल हेल्थ मिशन भी गर्मियों में मटके के पानी को अधिक सुरक्षित बताता है।
मटके के पानी से शरीर को कौन-कौन से फायदे होते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, मटके का पानी शरीर का तापमान नियंत्रित करता है, पाचन सुधारता है, विषैले तत्व बाहर निकालता है, इम्युनिटी बढ़ाता है और pH स्तर संतुलित रखता है। मिट्टी के क्षारीय गुण पानी में प्राकृतिक मिनरल्स भी बढ़ाते हैं।
क्या बीमार व्यक्ति भी मटके का पानी पी सकते हैं?
हाँ, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मटके का पानी गले, पेट और आँतों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और बीमार व्यक्ति भी बिना किसी चिंता के इसे पी सकते हैं। यह पूरी तरह केमिकल मुक्त होता है।
आयुर्वेद में मटके के पानी को क्या महत्व दिया गया है?
आयुर्वेद में मटके के पानी को अमृत के समान माना गया है। मिट्टी के क्षारीय गुण पानी में प्राकृतिक मिनरल्स बढ़ाते हैं और आधुनिक डॉक्टर भी इसे फ्रिज के पानी से बेहतर विकल्प बताते हैं।
गर्मियों में मटके का पानी पीने की सही आदत कैसे बनाएँ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि घर में मिट्टी का घड़ा ज़रूर रखें और गर्मियों में रोज़ाना इसका पानी पिएँ। इससे शरीर तरोताज़ा रहेगा और कई मौसमी बीमारियों से बचाव होगा।
राष्ट्र प्रेस
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