गर्मी में व्यायाम के 5 बड़े फायदे: रक्त संचार बेहतर, हीट स्ट्रेस का खतरा कम — विशेषज्ञ की सलाह
सारांश
मुख्य बातें
गर्मियों में व्यायाम को लेकर एक आम भ्रांति यह है कि पसीने के ज़रिए शरीर के सारे विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। हालाँकि, सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा के अनुसार यह धारणा सही नहीं है — विषहरण का मुख्य काम लीवर और किडनी करते हैं, न कि पसीना। फिर भी, गर्म मौसम में नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर के लिए कई महत्वपूर्ण कारणों से ज़रूरी बताई जाती है।
रक्त संचार और लसीका तंत्र पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, व्यायाम का सबसे प्रमुख लाभ रक्त संचार में सुधार है। बेहतर रक्त प्रवाह शरीर के प्रत्येक अंग तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही, व्यायाम लसीका तंत्र (lymphatic system) को सक्रिय रखता है, जो शरीर की आंतरिक सफाई में अहम भूमिका निभाता है।
पूजा मखीजा बताती हैं कि तेज़ चलना, स्ट्रेचिंग या हल्का शक्ति प्रशिक्षण जैसी गतिविधियाँ भी रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में प्रभावी होती हैं और शरीर की तनाव-प्रबंधन क्षमता को बढ़ाती हैं।
गर्मी सहन करने की क्षमता कैसे बढ़ती है
नियमित व्यायाम शरीर को गर्म मौसम के अनुकूल बनाता है। इस प्रक्रिया में पसीने की दक्षता में वृद्धि होती है, प्लाज्मा की मात्रा बढ़ती है, हृदय की कार्यक्षमता में सुधार आता है और शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र मज़बूत होता है। परिणामस्वरूप, समय के साथ गर्मी में थकान कम महसूस होती है और हीट स्ट्रेस का जोखिम घटता है।
शोध क्या कहते हैं
जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजियोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, व्यायाम के साथ गर्मी के संपर्क में आने से प्लाज्मा की मात्रा बढ़ती है और शरीर का तापमान नियंत्रण बेहतर होता है। इसी तरह, फिजियोलॉजिकल रिव्यूज़ जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार व्यायाम रक्त वाहिकाओं के कार्य को सीधे प्रभावित करता है। गौरतलब है कि मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में भी नियमित शारीरिक गतिविधि की भूमिका वैज्ञानिक रूप से स्वीकृत है।
गर्मी में सुरक्षित व्यायाम के सुझाव
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मियों में व्यायाम के लिए सुबह या शाम का समय चुनें जब तापमान अपेक्षाकृत कम हो। पर्याप्त जलयोजन (hydration) बनाए रखें और व्यायाम की तीव्रता को मौसम के अनुसार घटाएँ। तेज़ धूप में लंबे समय तक रहने से बचें और शरीर के संकेतों — जैसे चक्कर आना या अत्यधिक थकान — पर ध्यान दें।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान 45°C से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। हल्की शारीरिक गतिविधि को बनाए रखना न केवल फिटनेस के लिए, बल्कि शरीर को मौसमी चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए भी ज़रूरी माना जाता है।