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गर्मियों में कॉफी पीना: शरीर को ठंडक मिलती है या बढ़ती है गर्मी? विशेषज्ञ से जानें सच

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गर्मियों में कॉफी पीना: शरीर को ठंडक मिलती है या बढ़ती है गर्मी? विशेषज्ञ से जानें सच

सारांश

गर्म कॉफी गर्मियों में ठंडक दे सकती है — लेकिन केवल तब, जब पसीना ठीक से वाष्पीकृत हो। एसी कमरे, उमस और डिहाइड्रेशन इस प्रक्रिया को बाधित करते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखिजा और ओटावा यूनिवर्सिटी शोध के हवाले से समझें, कब कॉफी राहत देती है और कब उल्टा असर करती है।

मुख्य बातें

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखिजा के अनुसार, गर्म कॉफी शरीर को तभी ठंडा करती है जब पसीना भाप बनकर उड़ सके।
ओटावा यूनिवर्सिटी के शोध में भी पुष्टि — गर्म पेय का शीतलन प्रभाव माहौल पर निर्भर है।
एयर कंडीशनर, उमस और डिहाइड्रेशन — तीन स्थितियों में गर्म कॉफी उल्टा असर कर सकती है।
गर्मी में पर्याप्त पानी , हल्के कपड़े और उमस से बचाव कॉफी से अधिक प्रभावी उपाय हैं।
कॉफी के साथ-साथ अन्य तरल पदार्थ लेना ज़रूरी — केवल कॉफी पर निर्भरता उचित नहीं।

गर्मियों में गर्म कॉफी पीने से शरीर ठंडा होता है या गर्म — यह सवाल अक्सर लोगों को उलझन में डालता है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखिजा के अनुसार, इसका जवाब सीधा नहीं है — यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका शरीर पसीने के ज़रिए गर्मी कितनी प्रभावी ढंग से बाहर निकाल पाता है। नई दिल्ली सहित देशभर में भीषण गर्मी के बीच यह जानकारी खासतौर पर प्रासंगिक हो जाती है।

कॉफी और शरीर का तापमान: असली विज्ञान

पूजा मखिजा ने स्पष्ट किया कि गर्म कॉफी पीने से शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ता है, जिससे पसीना अधिक आता है। जब यह पसीना वाष्पीकृत होता है, तो शरीर को ठंडक मिलती है। यह प्रक्रिया, जिसे वाष्पीकरण-आधारित शीतलन कहते हैं, तभी काम करती है जब बाहरी परिस्थितियाँ अनुकूल हों। गौरतलब है कि यही सिद्धांत ओटावा यूनिवर्सिटी की एक शोध में भी सामने आया है, जिसके अनुसार गर्म पेय तभी फायदेमंद साबित होते हैं जब आसपास का माहौल पसीने को भाप बनने में सहायक हो।

कब नहीं मिलती ठंडक — तीन प्रमुख कारण

विशेषज्ञ के अनुसार, तीन स्थितियों में गर्म कॉफी उल्टा असर कर सकती है।

पहली, एयर कंडीशनर वाले कमरे में पसीना पर्याप्त मात्रा में नहीं आ पाता, इसलिए वाष्पीकरण की प्रक्रिया बाधित होती है। दूसरी, उमस भरे मौसम में हवा में पहले से नमी अधिक होती है, जिससे पसीना भाप नहीं बन पाता और शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकलती। तीसरी, डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होने पर पसीना कम बनता है, जिससे यह पूरा तंत्र काम करना बंद कर देता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मियों में कॉफी पीने वालों के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव देते हैं। कॉफी के साथ-साथ पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ लेना ज़रूरी है ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। सूखे और खुले माहौल में गर्म पेय बेहतर काम कर सकता है, जबकि उमस में सावधानी बरतनी चाहिए। ताज़गी के लिए केवल कॉफी पर निर्भर रहना उचित नहीं है।

आम जनता पर असर

यह जानकारी उन लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो दफ्तर में एसी के बीच बैठकर गर्म कॉफी पीते हैं और ठंडक की उम्मीद रखते हैं। ऐसे में उन्हें उल्टा अधिक गर्मी या बेचैनी महसूस हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर को वास्तव में ठंडा रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और उमस भरे वातावरण से बचना कहीं अधिक प्रभावी उपाय हैं।

निष्कर्ष

सार यह है कि कोई भी पेय — गर्म हो या ठंडा — अपने आप में शरीर को ठंडा नहीं करता। असली काम शरीर का पसीना-तंत्र करता है। जब तक माहौल और शरीर की स्थिति इस तंत्र के अनुकूल न हो, गर्म कॉफी का सेवन राहत की जगह परेशानी बढ़ा सकता है। आने वाले मानसून-पूर्व उमस भरे हफ्तों में यह सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह बारीकी चूक जाती है कि यह सलाह संदर्भ-निर्भर है — शहरी भारत में जहाँ अधिकांश लोग एसी दफ्तरों में काम करते हैं, वहाँ 'गर्म पेय से ठंडक' का सिद्धांत व्यावहारिक रूप से लागू नहीं होता। ओटावा यूनिवर्सिटी का शोध ठंडे और शुष्क जलवायु में हुआ था — भारत की उमस भरी गर्मियों में इसकी प्रासंगिकता सीमित है, जिसे स्पष्ट करना ज़रूरी है। पूजा मखिजा की सलाह व्यावहारिक है, पर पाठकों को यह भी समझना चाहिए कि एक न्यूट्रिशनिस्ट की सोशल मीडिया सलाह और पीयर-रिव्यूड क्लिनिकल गाइडलाइन में फर्क होता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या गर्मियों में गर्म कॉफी पीने से सच में ठंडक मिलती है?
हाँ, लेकिन केवल कुछ खास परिस्थितियों में। न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखिजा के अनुसार, गर्म कॉफी पसीना बढ़ाती है और जब यह पसीना वाष्पीकृत होता है तो शरीर को ठंडक मिलती है — लेकिन यह प्रक्रिया एसी कमरे, उमस या डिहाइड्रेशन की स्थिति में काम नहीं करती।
उमस भरे मौसम में गर्म कॉफी क्यों नुकसानदायक हो सकती है?
उमस भरे मौसम में हवा में पहले से नमी अधिक होती है, जिससे पसीना भाप नहीं बन पाता। इस स्थिति में गर्म कॉफी पीने से शरीर का तापमान बढ़ता है लेकिन ठंडक का तंत्र काम नहीं करता, जिससे अधिक गर्मी और बेचैनी महसूस होती है।
ओटावा यूनिवर्सिटी के शोध में गर्म पेय के बारे में क्या कहा गया?
ओटावा यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, गर्म पेय तभी शरीर को ठंडा करने में मददगार होते हैं जब आसपास का माहौल पसीने को भाप बनने में सहायक हो। अर्थात् खुले और शुष्क वातावरण में यह सिद्धांत लागू होता है।
गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए कॉफी के अलावा क्या करें?
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ पीना, हल्के और ढीले कपड़े पहनना, और उमस भरे वातावरण से बचना कॉफी से कहीं अधिक प्रभावी उपाय हैं। केवल कॉफी पर निर्भर रहना उचित नहीं है।
डिहाइड्रेशन में गर्म कॉफी पीना सही है?
नहीं। शरीर में पानी की कमी होने पर पसीना कम बनता है, जिससे वाष्पीकरण-आधारित शीतलन प्रक्रिया बाधित होती है। इस स्थिति में गर्म कॉफी पीने से स्थिति और बिगड़ सकती है — पहले पर्याप्त पानी पीना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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