पितृपक्ष 2026: गयाजी में एक दिन में 4.56 लाख श्रद्धालु, कुल संख्या 37.5 लाख पार
सारांश
मुख्य बातें
पितृपक्ष के 10वें दिन, सोमवार 5 अक्टूबर 2026 को, बिहार की मोक्षस्थली गयाजी में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। विष्णुपद मंदिर, प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड और देवघाट सहित विभिन्न पिंडवेदी स्थलों पर एक ही दिन में 4.56 लाख श्रद्धालु, पिंडदानी और तीर्थयात्री पहुँचे। पितृपक्ष मेला शुरू होने से अब तक गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या बढ़कर 37,50,200 हो गई है।
भीड़ का दबाव और लेजर शो पर रोक
रविवार शाम देवघाट पर आयोजित लेजर शो के दौरान अप्रत्याशित भीड़ जमा हो गई और गयाजी डैम के फुट ओवर ब्रिज पर अत्यधिक दबाव की स्थिति उत्पन्न हुई। जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम, गयाजी ने लेजर शो को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया। जल संसाधन विभाग, गया ने भी फुट ओवर ब्रिज पर भीड़ के दबाव को लेकर पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था।
जिला पदाधिकारी का निरीक्षण और मानवीय पहल
सोमवार को जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने विष्णुपद मंदिर और आसपास के मेला क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर के बाहरी परिसर, गर्भगृह, निकास द्वार, घाट, श्मशान घाट, गया कूप वेदी, संवास सदन स्थित कंट्रोल रूम और मेडिकल कैंप का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विष्णुपद मंदिर के निकास द्वार के समीप मध्य प्रदेश से आई एक वृद्ध महिला श्रद्धालु भीड़ के कारण असहज हो गईं — डीएम ने स्वयं आगे बढ़कर उन्हें सहारा दिया, पानी पिलाया और मेडिकल टीम को जरूरत के अनुसार ग्लूकोज व दवाएँ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सुरक्षा और स्वच्छता के निर्देश
डीएम ने अधिकारियों को विशेष रूप से बुजुर्ग, महिला और असहाय श्रद्धालुओं का ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धक्का-मुक्की और फिसलन जैसी स्थिति से बचाव के लिए कर्मी पूरी तत्परता से तैनात रहें और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को सहारा देकर निकास द्वार तक सुरक्षित पहुँचाया जाए। सभी पिंडवेदी स्थलों की नियमित सफाई, घाट व नदी क्षेत्र में स्वच्छता अभियान और पिंडदान के बाद नदी में प्रवाहित सामग्री को जाल और छनाई के जरिए निकालने के भी निर्देश दिए गए। कंट्रोल रूम में सीसीटीवी के जरिए मेला क्षेत्र की निरंतर निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
मेला व्यवस्था के आँकड़े
मेला प्रशासन के आँकड़ों के अनुसार, सोमवार को 11,349 तीर्थयात्रियों ने चिकित्सा उपचार का लाभ लिया, जिससे अब तक मेडिकल सेवा लेने वालों की कुल संख्या 1,12,049 पहुँच गई है। खोया-पाया सेल ने 134 लोगों को उनके परिजनों से मिलाया और अब तक 852 बिछड़े लोग अपने परिवार से मिल चुके हैं। गांधी मैदान की टेंट सिटी में सोमवार को 1,158 लोगों ने आवासन किया और अब तक कुल 11,378 लोग ठहर चुके हैं। श्रद्धालुओं को 6,750 पैकेट गंगाजल वितरित किए गए, जबकि पूरे मेले में अब तक 46,911 पैकेट बाँटे जा चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए सोमवार को 1,234 रिस्ट बैंड लगाए गए और अब तक 10,619 लोगों को रिस्ट बैंड दिए जा चुके हैं।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब पितृपक्ष के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की आवक में और तेजी आने की संभावना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। वीआईपी पार्किंग सहित ट्रैफिक प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि मेला क्षेत्र में अनावश्यक वाहनों की आवाजाही पर अंकुश लगे।