जेन जी पीढ़ी ने समझाया 'विश्वगुरु' का असली अर्थ: गीतांजलि जे. अंगमो का NEET विवाद पर बयान
सारांश
मुख्य बातें
सोनम वांगचुक की पत्नी और सामाजिक कार्यकर्ता गीतांजलि जे. अंगमो ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कहा कि भारत के 'विश्वगुरु' होने का वास्तविक अर्थ देश की जेन जी पीढ़ी ने अपने आचरण से सिद्ध किया है। उनका यह वक्तव्य तब आया जब NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शनों की लहर चल रही थी।
गीतांजलि अंगमो का एक्स पर संदेश
अंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जेन जी पीढ़ी ने सनातन धर्म को केवल उपदेशों में नहीं, बल्कि अपने व्यवहार में उतारा है। उन्होंने लिखा कि इन युवाओं ने बिना नफरत के साहस, बिना हिंसा के मजबूती और बिना आँख मूँदे देशभक्ति का परिचय दिया — और यह दुनियाभर के अपने हमउम्र युवाओं से बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार, इन युवाओं ने यह साबित किया है कि अपने ही देश को नुकसान पहुँचाए बिना अन्याय के विरुद्ध दृढ़ता से खड़ा हुआ जा सकता है।
अंगमो ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी इन युवा भारतीयों से हिंदू धर्म, राष्ट्रवाद और 'विश्वगुरु' होने के वास्तविक अर्थ के बारे में कुछ सीखे।
वांगचुक की प्रतिक्रिया: लोकतंत्र की जीत
सोनम वांगचुक ने भी एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा, 'यह लोकतंत्र की जीत है। सीधे सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है।' उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), जेन जी पीढ़ी और उन तमाम नागरिकों को बधाई दी, जिन्होंने डर के माहौल से ऊपर उठकर देश के हर कोने से अपनी आवाज़ बुलंद की।
वांगचुक ने आगे लिखा कि 'अब जवाबदेही के बाद सुधारों की बारी है।' यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर सीजेपी के नेतृत्व में आंदोलन जारी था।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET विवाद
इससे पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा। एक्स पर जारी विस्तृत संदेश में उन्होंने कहा, 'राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं और युवाओं की आकांक्षाओं का सदैव सम्मान करते आए हैं।
प्रधान ने स्पष्ट किया कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताएँ सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जाँच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
आम जनता और युवाओं पर असर
NEET विवाद ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की भविष्य की योजनाओं को प्रभावित किया है। परीक्षा रद्द होने और दोबारा आयोजन की घोषणा से छात्रों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी गई। गौरतलब है कि यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा — इसने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर व्यापक बहस छेड़ दी है।
आगे क्या होगा
CBI की जाँच जारी है और CBT मोड में NEET के भविष्य के स्वरूप पर विस्तृत दिशानिर्देश अपेक्षित हैं। शिक्षा मंत्रालय में नई नियुक्ति और परीक्षा सुधारों की रूपरेखा अब सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।