25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर रिजिजू बोले — 'शिक्षा तंत्र को मजबूत करने में उनकी सच्ची निष्ठा देखी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर रिजिजू बोले — 'शिक्षा तंत्र को मजबूत करने में उनकी सच्ची निष्ठा देखी'

सारांश

धर्मेंद्र प्रधान के अचानक इस्तीफे ने भाजपा के शीर्ष नेताओं को एकजुट कर दिया — रिजिजू से लेकर मालवीय तक, सभी ने उनकी NEP विरासत और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण को सराहा। जंतर-मंतर के विरोध की पृष्ठभूमि में यह राजनीतिक विदाई भारत की शिक्षा नीति के अगले अध्याय पर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया, जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि प्रधान ने भारत के शिक्षा तंत्र को मजबूत करने में 'सच्ची निष्ठा' दिखाई।
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ.
प्रमोद सावंत ने प्रधान के चार दशकों के सार्वजनिक जीवन और उज्ज्वला योजना से जुड़े योगदान को रेखांकित किया।
BJP सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने NEP क्रियान्वयन , भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा और दीक्षा-स्वयं पोर्टल विस्तार को प्रधान की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
प्रधान ने शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री का भी दायित्व निभाया।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि भारत के शिक्षा तंत्र को मजबूत करने में उन्होंने प्रधान की सच्ची निष्ठा देखी है। प्रधान ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम नई दिल्ली की राजनीतिक हलचल के केंद्र में आ गई है।

रिजिजू का संदेश — असली नेतृत्व की पहचान

रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'असली लीडरशिप की पहचान दशकों के काम से होती है और धर्मेंद्र प्रधान का सफर सार्वजनिक जीवन और छात्रों के कल्याण के प्रति उनके आजीवन समर्पण का सबूत है।' उन्होंने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट में साथ काम करते हुए उन्होंने प्रधान को हर फैसले के केंद्र में लाखों युवा छात्रों को रखते देखा। रिजिजू ने यह भी कहा, 'इतने अहम सेक्टर का नेतृत्व करने के लिए बहुत ज्यादा लगन की जरूरत होती है और उन्होंने इसे हिम्मत और साफ विजन के साथ अपनाया।'

गोवा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि प्रधान का यह फैसला उसी जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है जो उनके चार दशकों के सार्वजनिक जीवन की पहचान रही है। उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तक, और उज्ज्वला योजना के जरिए करोड़ों घरों तक पहुंचने के प्रधान के सफर को रेखांकित किया। सावंत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में प्रधान के नेतृत्व ने भारत के शिक्षा तंत्र पर गहरी छाप छोड़ी है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि प्रधान का सफर छात्र आंदोलनों और युवाओं की भागीदारी से गहराई से जुड़ा हुआ था, जिसने उन्हें युवा भारतीयों की आकांक्षाओं और चुनौतियों की गहरी समझ दी। मालवीय ने जोड़ा, 'सार्वजनिक पद तो अस्थायी होता है, लेकिन उस कार्यकाल के दौरान पोषित मूल्य, विचार और संस्थान हमेशा बने रहते हैं।'

संसद सदस्यों ने गिनाई उपलब्धियाँ

राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि प्रधान ने शिक्षा को सिर्फ एक विभाग नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण का संकल्प माना। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों से मिले अनुभव ने प्रधान को हमेशा युवाओं की उम्मीदों की आवाज बनाया। BJP सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक्स पर लिखा कि प्रधान ने शिक्षा मंत्री के रूप में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में बड़े कदम उठाए। उन्होंने NEP के सफल क्रियान्वयन, इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों को भारतीय भाषाओं में शुरू करने की पहल, तथा स्वयं और दीक्षा पोर्टल के विस्तार को प्रधान की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।

धर्मेंद्र प्रधान की विरासत और आगे की राह

गौरतलब है कि प्रधान ने शिक्षा मंत्री के साथ-साथ कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री के रूप में भी काम किया, और दोनों क्षेत्रों को आपस में जोड़ने का प्रयास किया। बिधूड़ी के अनुसार, उन्होंने मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा पर विशेष बल दिया और शिक्षा में नैतिक मूल्यों, चरित्र निर्माण तथा नागरिक कर्तव्यों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की शिक्षा नीति वैश्विक मानकों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश कर रही है। प्रधान के उत्तराधिकारी और नई शिक्षा नीति की आगे की दिशा पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि NEP का क्रियान्वयन जमीन पर कितना उतरा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा और उसके व्यावहारिक अमल के बीच की खाई अभी भी चर्चा का विषय है — खासकर ग्रामीण और वंचित तबकों तक डिजिटल शिक्षा की पहुँच के मामले में। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में यह इस्तीफा महज औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही की माँग का संकेत भी है — जिसे मुख्यधारा की श्रद्धांजलि-कवरेज अक्सर नजरअंदाज कर देती है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। इस्तीफे के विस्तृत कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हुआ है।
किरेन रिजिजू ने धर्मेंद्र प्रधान के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने केंद्रीय कैबिनेट में साथ काम करते हुए भारत के शिक्षा तंत्र को मजबूत करने और हर फैसले के केंद्र में लाखों युवा छात्रों को रखने के प्रति प्रधान की सच्ची निष्ठा देखी है।
धर्मेंद्र प्रधान की शिक्षा मंत्री के रूप में प्रमुख उपलब्धियाँ क्या रहीं?
प्रधान की प्रमुख उपलब्धियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का क्रियान्वयन, इंजीनियरिंग और चिकित्सा पाठ्यक्रमों को भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की पहल, तथा स्वयं और दीक्षा पोर्टल का विस्तार शामिल है। उन्होंने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का भी दायित्व संभाला।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में धर्मेंद्र प्रधान की क्या भूमिका रही?
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के रूप में NEP के क्रियान्वयन का नेतृत्व किया, जिसमें मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा, नैतिक मूल्यों को पाठ्यक्रम में शामिल करना और डिजिटल शिक्षा का विस्तार प्रमुख था। गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के अनुसार, इस नेतृत्व ने भारत के शिक्षा तंत्र पर गहरी छाप छोड़ी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का क्या होगा?
प्रधान के उत्तराधिकारी और शिक्षा मंत्रालय की आगे की दिशा अभी घोषित नहीं हुई है। भाजपा नेताओं ने संकेत दिया है कि प्रधान प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' के निर्माण में अन्य भूमिकाओं में योगदान देते रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 1 घंटा पहले
  4. 2 घंटे पहले
  5. 3 घंटे पहले
  6. 4 घंटे पहले
  7. कल
  8. 1 सप्ताह पहले