गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड: आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोगों ने मांगा एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बकरीद के दिन 17 वर्षीय सूर्या की चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद इलाके में गहरा आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासी न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। 30 मई को सामने आई यह घटना खोड़ा नगर पालिका परिषद क्षेत्र की है।
मां का दर्द और परिवार की पृष्ठभूमि
सूर्या की माँ सरोज ने कहा, 'जिस तरह मेरे बच्चे को मारा गया, उन्हें (आरोपियों को) भी उसी तरह मारकर लाया जाना चाहिए। मैं अभी तक अपने बच्चे का चेहरा नहीं देखा है।' परिवार के अनुसार सूर्या ने हाल ही में 10वीं की परीक्षा दी थी। वह दो भाइयों और एक बहन में से एक था और उसके पिता का निधन दो साल पहले हो चुका था — यानी परिवार पहले से ही कठिन दौर से गुज़र रहा था।
मुख्य घटनाक्रम और सीसीटीवी विवाद
एक स्थानीय निवासी के अनुसार, घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज या तो डिलीट कर दिए गए हैं या साझा करने से इनकार किया गया है। उन्होंने बताया कि एक तीन सेकंड का वीडियो उपलब्ध है जिसमें चार युवक दिखाई दे रहे हैं — जिनमें से दो के हाथ में कथित तौर पर चाकू था। स्थानीय व्यक्ति के अनुसार, सूर्या को घसीटकर एक गली में ले जाकर चाकू मारा गया, जबकि दो अन्य युवक उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे।
स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि आरोपियों की सूर्या से करीब 8-9 महीने पहले किसी बात पर बहस हुई थी और बकरीद के दिन पार्टी के बहाने उसे बुलाकर ले जाया गया था।
स्थानीय लोगों और नेताओं की प्रतिक्रिया
स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रीना भाटी ने कहा, 'खोड़ा नगर पालिका परिषद में हमने पहले कभी इस तरह के बर्ताव का सामना नहीं किया। अगर किसी एक मुस्लिम व्यक्ति ने यह किया है, तो मुस्लिम समाज को भी हमारा साथ देना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने दोस्ती की आड़ में विश्वासघात किया।
राष्ट्रीय हनुमान दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा, 'प्रशासन 24 घंटे का समय ले रहा है, लेकिन हमारी यह मांग कोई निजी मांग नहीं है। पीड़ित परिवार की मांग ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।'
आम जनता की मांगें
इलाके की एक स्थानीय महिला ने कहा, 'हमारी मांग है कि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिले, बच्चे के हत्यारों का एनकाउंटर किया जाए और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए।' 'खून के बदले खून' की मांग कई स्थानीय निवासियों ने दोहराई है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार जाँच जारी है और प्रशासन ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि इस प्रकार की सांप्रदायिक संवेदनशीलता वाली घटनाओं में त्वरित और पारदर्शी जाँच की माँग उत्तर प्रदेश में पहले भी उठती रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।