16 जुलाई 2026
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गाजियाबाद एनकाउंटर: असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर, उपमुख्यमंत्री बोले — अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा

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गाजियाबाद एनकाउंटर: असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर, उपमुख्यमंत्री बोले — अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा

सारांश

गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान की हत्या का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने साफ कहा — हत्या में शामिल किसी को नहीं बख्शा जाएगा। मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी भी घायल हुआ।

मुख्य बातें

गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान की हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद 31 मई 2026 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
असद पर ₹50,000 का इनाम था; उस पर 28 मई को चाकू से हमले का आरोप था।
मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी को भी गोली लगी।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा — हत्याकांड में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही इस मामले में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान की हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद 31 मई 2026 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट किया कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी अपराधी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी मिली थी कि असद अपने साथियों से पैसे लेकर फरार होने की योजना बना रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान असद अपने एक साथी के साथ बाइक पर जाते हुए पकड़ा गया। पुलिस के रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की।

पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी गोली लगी

मामले की पृष्ठभूमि

आरोप है कि 28 मई को असद ने 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान पर चाकू से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल सूर्य प्रताप को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, असद पर ₹50,000 का इनाम घोषित था।

सरकार की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, 'पुलिस ने सूर्या के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया था और जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी मारा गया। इस हत्या और अपराध में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।' उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में पहले से ही सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।

स्थानीय नेताओं की राय

गाजियाबाद की पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रीना भाटी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद थी और सरकार ने कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कायम रखा। उन्होंने कहा कि यह एनकाउंटर एक कट्टरपंथी सोच वाले व्यक्ति के साथ हुआ है और भविष्य में ऐसी विचारधारा पर चलने वालों का भी यही हश्र होगा।

आगे की राह

इस मुठभेड़ को हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग लगातार न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे थे। असद के साथी की गिरफ्तारी और आगे की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मानवाधिकार संगठन लंबे समय से एनकाउंटर की निष्पक्ष जाँच की माँग करते रहे हैं — यह सवाल इस मामले में भी प्रासंगिक है। असल परीक्षा यह है कि क्या असद के साथी और षड्यंत्र की पूरी कड़ी न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाई जाएगी, या मुठभेड़ की सुर्खी से जाँच की गहराई दब जाएगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद एनकाउंटर में असद कौन था?
असद गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान की हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित था और 28 मई को चाकू से हमले का आरोप था।
सूर्य प्रताप चौहान की हत्या कैसे हुई?
आरोप है कि 28 मई को असद ने 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान पर चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल सूर्य प्रताप को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एनकाउंटर पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी अपराधी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले से ही इस मामले में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।
गाजियाबाद मुठभेड़ में पुलिस पर क्या हुआ?
मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी गोली लगी। पुलिस के अनुसार, बैरिकेड पर रोके जाने पर आरोपियों ने कथित तौर पर पहले पुलिस पर गोलीबारी की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में असद घायल हुआ।
इस एनकाउंटर के बाद आगे क्या होगा?
असद के साथी की गिरफ्तारी और मामले की आगे की जाँच जारी है। पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग न्याय की माँग कर रहे थे और इस एनकाउंटर को हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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