घुसपैठ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा, सीमा पर अवैध निर्माण तत्काल हटाए जाएँ: जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने 28 मई को पटना में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अतिक्रमण और घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सीमा पर खड़े सभी अवैध निर्माणों को बिना देरी के हटाया जाना चाहिए। उन्होंने घुसपैठ को देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर और अनदेखी न की जा सकने वाली समस्या करार दिया।
सीमा अतिक्रमण पर जदयू का स्पष्ट रुख
नीरज कुमार ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय सीमा साफ तौर पर तय है। अगर कोई अतिक्रमण हुआ है तो ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटा देना चाहिए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 1992 से ही पश्चिम बंगाल और बिहार से लगी बांग्लादेश सीमा चिंता का विषय रही है और अब ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी धर्म, भाषा या समुदाय के व्यक्ति को भारत में रहने का पूरा अधिकार है, लेकिन दूसरे देशों के नागरिकों को यहाँ अवैध रूप से बसने का कोई अधिकार नहीं है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ की घटनाएँ राष्ट्रीय चर्चा में हैं।
इंडिया गठबंधन के नेतृत्व पर तीखा सवाल
कांग्रेस के उस दावे पर कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ब्लॉक के सबसे बड़े नेता हैं और आगामी चुनाव उन्हीं के नाम पर लड़ा जाएगा, जदयू प्रवक्ता ने पलटवार किया। नीरज कुमार ने कहा, 'इंडी गठबंधन में नेता कौन है, यह अलग मुद्दा है। अहम सवाल यह है कि आपकी नीति क्या है और आपका वैकल्पिक दृष्टिकोण क्या है?'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर राहुल गांधी नेता बनते हैं, तेजस्वी यादव नेता बनते हैं, तो इसमें गलत क्या है? ममता बनर्जी में क्या कमी है? एम.के. स्टालिन में क्या कमी है? मल्लिकार्जुन खड़गे दलित हैं, तो क्या इसका मतलब है कि वे नेता नहीं बन सकते?' इस बयान से जदयू ने इंडिया गठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान को उजागर करने की कोशिश की।
कर्नाटक संकट और कांग्रेस पर निशाना
कर्नाटक में कांग्रेस के आंतरिक संकट और मुख्यमंत्री को दिल्ली तलब किए जाने पर नीरज कुमार ने कहा, 'यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है, लेकिन देश की जनता यह जानना चाहती है कि इसके पीछे असली वजह क्या है। क्या राहुल गांधी का कांग्रेस पार्टी पर से नियंत्रण खत्म हो गया है?'
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के अपने कार्यकर्ता भी जानना चाहते हैं कि पार्टी में असली फैसला कौन ले रहा है। गौरतलब है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर हलचल कई हफ्तों से जारी है।
आगे क्या
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और राज्य विधानसभाओं में गूँजने की संभावना है। जदयू के इस बयान के बाद विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। बांग्लादेश सीमा पर अवैध निर्माण हटाने की माँग को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की कार्रवाई पर नज़रें टिकी रहेंगी।