गिरिराज सिंह का इंडिया गठबंधन पर हमला: 'यह ठगबंधन है, कई दलों का जनाधार सिर्फ कागजों पर'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 8 जून को इंडिया गठबंधन की बैठक और विपक्षी राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह गठबंधन नहीं, बल्कि 'ठगबंधन' है। उन्होंने दावा किया कि इस गठबंधन में शामिल कई दलों का जनाधार अब केवल कागजों पर सिमट कर रह गया है। साथ ही उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के दक्षिण भारत के साथ भेदभाव संबंधी बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को घेरा।
रेवंत रेड्डी के बयान पर कांग्रेस से सवाल
गिरिराज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने सीधे पूछा कि क्या सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे। उनका तर्क था कि देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और गृह मंत्री अलग-अलग क्षेत्रों से आते हैं, फिर भी वे पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं — इसलिए क्षेत्रीय भेदभाव का आरोप निराधार है।
इंडिया गठबंधन पर 'ठगबंधन' का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने इंडिया अलायंस को 'ठगबंधन' करार देते हुए कहा कि गठबंधन में शामिल कई दल केवल कागजों पर मौजूद हैं और उनका ज़मीनी जनाधार कमजोर पड़ चुका है। उन्होंने कांग्रेस पर वंशवाद और परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी अकेले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की हताशा इसी में दिखती है कि राहुल गांधी देश के युवाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव और TMC पर निशाना
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि बूथ कैप्चरिंग का दौर अब समाप्त हो चुका है और जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला देती है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधि अपना भविष्य देख रहे हैं। उनका दावा था कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC का प्रभाव लगातार घट रहा है।
गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान पर गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली 'इस्तेमाल करो और छोड़ दो' की रही है। उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
आगे की राजनीतिक दिशा
गिरिराज सिंह के इन बयानों को भाजपा की उस व्यापक रणनीति के तहत देखा जा रहा है जिसमें विपक्षी एकता को कमज़ोर दिखाने की कोशिश की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन आगामी चुनावी चुनौतियों के मद्देनज़र अपनी रणनीति को धार देने में जुटा है।