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गोंडा सदर तहसील में बुजुर्ग की संदिग्ध मौत: अभिलेख देखते समय बिगड़ी तबीयत, पोस्टमार्टम जारी

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गोंडा सदर तहसील में बुजुर्ग की संदिग्ध मौत: अभिलेख देखते समय बिगड़ी तबीयत, पोस्टमार्टम जारी

सारांश

गोंडा की सदर तहसील में अभिलेख देखने आए 60 वर्षीय अनिल श्रीवास्तव की अचानक तबीयत बिगड़ी और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हार्ट अटैक या भीषण गर्मी — असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

मुख्य बातें

60 वर्षीय अनिल श्रीवास्तव , सीताराम पुरम कॉलोनी, गोंडा, की 8 जून को सदर तहसील के कक्ष संख्या 16 में अचानक तबीयत बिगड़ी।
राजस्व कर्मियों ने तत्काल सूचना दी; पुलिस ने सीपीआर देने का प्रयास किया।
गोंडा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत घोषित किया।
प्रारंभिक संदेह हार्ट अटैक पर; भीषण गर्मी से स्वास्थ्य आपात की आशंका भी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का आधिकारिक कारण स्पष्ट होगा।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की सदर तहसील में सोमवार, 8 जून को उस समय हड़कंप मच गया, जब अभिलेखों का निरीक्षण करने पहुँचे 60 वर्षीय अनिल श्रीवास्तव की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सीताराम पुरम कॉलोनी निवासी अनिल, छोटेलाल श्रीवास्तव के पुत्र थे और किसी शिकायत एवं अभिलेख-संबंधी कार्य के सिलसिले में तहसील भवन आए थे।

मुख्य घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, अनिल श्रीवास्तव सदर तहसील भवन के प्रथम तल पर स्थित कक्ष संख्या 16 में अभिलेखागार के रिकॉर्ड का मुआयना कर रहे थे। इसी दौरान वह अचानक कुर्सी पर बैठे-बैठे अचेत होकर गिर पड़े। वहाँ मौजूद राजस्व कर्मियों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।

सूचना मिलते ही सदर एसडीएम जितेंद्र कुमार गौतम, नगर कोतवाल और नायब तहसीलदार मौके पर पहुँचे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें बचाने के लिए तत्काल सीपीआर देने का प्रयास किया, परंतु तब तक उनकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी।

अस्पताल में मृत घोषित

अनिल श्रीवास्तव को आनन-फानन में गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

मौत के कारण पर संशय

प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है, हालाँकि चिकित्सकों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति की आशंका भी जताई जा रही है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

सदर एसडीएम जितेंद्र कुमार गौतम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अनिल श्रीवास्तव अभिलेखों के निरीक्षण के लिए तहसील आए थे और अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नगर कोतवाली पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर परिजनों को सूचित किया। परिजनों की उपस्थिति में पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

आगे क्या

फिलहाल पुलिस और तहसील प्रशासन मामले की जाँच में जुटे हैं तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मृत्यु हार्ट अटैक से हुई, लू लगने से या किसी अन्य कारण से।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ बुजुर्ग और बीमार नागरिक नियमित रूप से आते हैं, प्राथमिक चिकित्सा किट और प्रशिक्षित कर्मी होने चाहिए — पर अक्सर नहीं होते। भीषण गर्मी के इस मौसम में ऐसी घटनाएँ और बढ़ सकती हैं, फिर भी प्रशासन की तैयारी का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट जो भी बताए, यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि सरकारी दफ्तर नागरिकों के लिए सुरक्षित स्थान बनें।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोंडा तहसील में किसकी मौत हुई और कब?
8 जून को गोंडा सदर तहसील के कक्ष संख्या 16 में 60 वर्षीय अनिल श्रीवास्तव की अचानक तबीयत बिगड़ी और गोंडा मेडिकल कॉलेज में उन्हें मृत घोषित किया गया। वह सीताराम पुरम कॉलोनी के निवासी थे।
अनिल श्रीवास्तव की मौत का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक को संभावित कारण माना जा रहा है, हालाँकि चिकित्सकों ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। भीषण गर्मी से स्वास्थ्य आपात की आशंका भी जताई जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
सदर एसडीएम जितेंद्र कुमार गौतम, नगर कोतवाल और नायब तहसीलदार मौके पर पहुँचे। पुलिस ने सीपीआर देने का प्रयास किया और पीड़ित को गोंडा मेडिकल कॉलेज भेजा। नगर कोतवाली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर परिजनों को सूचित किया और पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट कब तक आएगी?
अधिकारियों ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। फिलहाल पुलिस और तहसील प्रशासन मामले की जाँच में जुटे हैं।
क्या तहसील परिसर में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध थी?
घटना के विवरण से स्पष्ट है कि मौके पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पुलिस कर्मियों ने सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित को अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत घोषित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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