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ग्रेटर नोएडा जल शुल्क बकाएदारों को राहत: 30 जून तक ₹290 करोड़ बकाये पर 40% ब्याज छूट का आखिरी मौका

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ग्रेटर नोएडा जल शुल्क बकाएदारों को राहत: 30 जून तक ₹290 करोड़ बकाये पर 40% ब्याज छूट का आखिरी मौका

सारांश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओटीएस योजना के तहत ₹290 करोड़ के जल शुल्क बकाएदारों के लिए 30 जून आखिरी तारीख है — इसके बाद 40% की अधिकतम ब्याज छूट घटकर 30% और फिर 20% हो जाएगी। बिल्डर सोसाइटियों पर सबसे अधिक ₹146 करोड़ का बोझ है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओटीएस योजना के तहत 30 जून 2026 तक भुगतान पर ब्याज में 40% की छूट मिलेगी।
1 जुलाई से 31 जुलाई तक भुगतान पर 30% और 1 अगस्त से 31 अगस्त तक 20% ब्याज छूट उपलब्ध।
31 अगस्त 2026 के बाद योजना स्वतः समाप्त, कोई छूट नहीं।
विभिन्न श्रेणियों के आवंटियों पर कुल ₹290 करोड़ जल शुल्क बकाया; बिल्डर सोसाइटियों पर सर्वाधिक ₹146 करोड़ ।
सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल पर इस वर्ष जल शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई, जबकि पिछले वर्षों में 10% सालाना बढ़ोतरी होती थी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जल शुल्क बकाएदारों के लिए लागू एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत ब्याज पर 40 प्रतिशत की अधिकतम छूट पाने की अंतिम तारीख 30 जून 2026 निर्धारित की है। प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के आवंटियों पर कुल ₹290 करोड़ का जल शुल्क बकाया है, और इस योजना का उद्देश्य इस वसूली को गति देना है।

ओटीएस योजना की संरचना

प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुनील कुमार सिंह के अनुसार, प्राधिकरण बोर्ड की स्वीकृति के बाद यह विशेष योजना तीन माह के लिए लागू की गई है। छूट की दरें तारीख के अनुसार घटती जाएँगी — 30 जून 2026 तक भुगतान पर 40%, 1 जुलाई से 31 जुलाई तक भुगतान पर 30%, तथा 1 अगस्त से 31 अगस्त तक भुगतान पर 20% की ब्याज छूट मिलेगी। 31 अगस्त 2026 के बाद यह योजना स्वतः समाप्त हो जाएगी और किसी भी प्रकार की छूट का लाभ उपलब्ध नहीं होगा।

बकाये का श्रेणीवार विवरण

प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, कुल ₹290 करोड़ के बकाये में सबसे बड़ा हिस्सा बिल्डर सोसाइटियों पर है, जिन पर लगभग ₹146 करोड़ बकाया हैं। आवासीय आवंटियों पर करीब ₹65 करोड़, संस्थागत आवंटियों पर ₹50 करोड़, औद्योगिक इकाइयों पर ₹14.61 करोड़, तथा आवासीय समितियों पर लगभग ₹10 करोड़ का बकाया है। शेष राशि आईटी और व्यावसायिक श्रेणी के आवंटियों पर बकाया है।

उपभोक्ताओं को दोहरी राहत

यह ऐसे समय में आया है जब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार की पहल पर इस वर्ष जल मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की गई है। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से प्रतिवर्ष जल शुल्क में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती रही है। इस प्रकार जल शुल्क न बढ़ाने और ओटीएस के माध्यम से ब्याज में छूट — दोनों मिलकर उपभोक्ताओं को दोहरी राहत प्रदान कर रहे हैं।

प्राधिकरण की अपील

अधिकारियों ने सभी बकाएदार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 30 जून 2026 से पहले अपने बकाया जल शुल्क का भुगतान कर अधिकतम 40 प्रतिशत ब्याज छूट का लाभ उठाएँ। प्राधिकरण का अनुमान है कि इस योजना से बड़ी संख्या में बकाएदारों को राहत मिलेगी और जल शुल्क वसूली में भी उल्लेखनीय तेजी आएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बिल्डर सोसाइटियों पर ₹146 करोड़ का बोझ बार-बार क्यों जमा होता है — और क्या प्राधिकरण के पास नियमित वसूली के लिए पर्याप्त प्रवर्तन तंत्र है। जल शुल्क न बढ़ाने का निर्णय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है, परंतु यदि वसूली दर में सुधार नहीं हुआ तो यह राहत दीर्घकालिक राजस्व दबाव में बदल सकती है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओटीएस योजना क्या है?
यह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा जल शुल्क बकाएदारों के लिए लागू एकमुश्त समाधान योजना है, जिसके तहत बकाया जमा करने पर ब्याज में छूट दी जाती है। यह योजना तीन माह — जून, जुलाई और अगस्त 2026 — के लिए प्राधिकरण बोर्ड की स्वीकृति से लागू की गई है।
30 जून 2026 तक भुगतान न करने पर क्या होगा?
30 जून के बाद ब्याज छूट घटकर 30% (जुलाई) और फिर 20% (अगस्त) हो जाएगी। 31 अगस्त 2026 के बाद यह योजना स्वतः समाप्त हो जाएगी और किसी भी प्रकार की छूट उपलब्ध नहीं होगी।
ग्रेटर नोएडा में कुल कितना जल शुल्क बकाया है और किस पर सबसे अधिक है?
प्राधिकरण के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के आवंटियों पर कुल ₹290 करोड़ जल शुल्क बकाया है। इसमें सबसे अधिक ₹146 करोड़ बिल्डर सोसाइटियों पर, ₹65 करोड़ आवासीय आवंटियों पर और ₹50 करोड़ संस्थागत आवंटियों पर बकाया है।
क्या इस वर्ष ग्रेटर नोएडा में जल शुल्क बढ़ाया गया है?
नहीं। सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल पर इस वर्ष जल शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि पिछले कई वर्षों से प्रतिवर्ष लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती रही थी। ओटीएस योजना के साथ मिलकर यह उपभोक्ताओं को दोहरी राहत है।
ओटीएस योजना का लाभ कैसे उठाएँ?
बकाएदार उपभोक्ता 30 जून 2026 तक अपना बकाया जल शुल्क ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के निर्धारित माध्यमों से जमा कर 40% ब्याज छूट का लाभ उठा सकते हैं। प्राधिकरण ने सभी उपभोक्ताओं से अंतिम तारीख से पहले भुगतान करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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