8 अगस्त 2026
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ग्रेटर नोएडा: जानलेवा फायरिंग का आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद गिरफ्तार, .315 बोर तमंचा बरामद

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ग्रेटर नोएडा: जानलेवा फायरिंग का आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद गिरफ्तार, .315 बोर तमंचा बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा में रुपयों के विवाद में जानलेवा फायरिंग करने वाले आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद को जेवर पुलिस ने 7 अगस्त को ग्राम थौरा के पास से दबोचा। उसके पास से .315 बोर का अवैध तमंचा बरामद हुआ। आरोपी का 2019 से 2026 के बीच का लंबा आपराधिक इतिहास है।

मुख्य बातें

जेवर थाना पुलिस ने 7 अगस्त 2026 को आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद को ग्राम थौरा के पास से गिरफ्तार किया।
आरोपी के कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा , एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद।
5 अगस्त को रुपयों के लेन-देन विवाद में फायरिंग; गोली शिकायतकर्ता की बजाय राहगीर उमर पुत्र असफाक को लगी।
घायल उमर का अस्पताल में उपचार जारी है।
आरोपी पर 2019 से 2026 के बीच आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और हत्या के प्रयास सहित कई मुकदमे दर्ज हैं।

ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना पुलिस ने 7 अगस्त 2026 को जानलेवा फायरिंग के मामले में फरार चल रहे आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद पुत्र युसुफ, निवासी कस्बा जहांगीरपुर, थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर, को ग्राम थौरा के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया एक .315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

5 अगस्त 2026 को एक व्यक्ति ने थाना जेवर में शिकायत दर्ज कराई कि रुपयों के लेन-देन को लेकर उसका आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद से विवाद हो गया था। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अवैध तमंचे से शिकायतकर्ता को जान से मारने की नीयत से फायर किया।

हालाँकि गोली शिकायतकर्ता को नहीं लगी, बल्कि वहाँ से गुजर रहे उमर पुत्र असफाक को जा लगी। घायल उमर को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ पुलिस के अनुसार उसका उपचार जारी है।

पुलिस कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए जेवर थाना पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में विशेष टीमें गठित कीं। टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही मैनुअल इंटेलिजेंस और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई शुरू की।

7 अगस्त को मिली सूचना और जाँच के आधार पर आरोपी को ग्राम थौरा के पास से दबोचा गया। तलाशी में बरामद .315 बोर तमंचे को घटना से जोड़ते हुए संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद के खिलाफ वर्ष 2019 से 2026 के बीच कई मामले दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम की धारा 60 (वर्ष 2025), और वर्ष 2024 व 2019 में आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमे शामिल हैं।

वर्ष 2020 में आरोपी के विरुद्ध मारपीट, बलवा और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में भी मुकदमे दर्ज किए गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब गौतमबुद्धनगर जिले में अवैध हथियारों से जुड़े मामलों पर पुलिस की नजर कड़ी बनी हुई है।

आगे की जाँच

पुलिस बरामद हथियार और कारतूसों को घटना से जोड़ते हुए आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी कर रही है। गोली लगने से घायल उमर का अस्पताल में इलाज जारी है। जाँच टीम घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों को भी जुटा रही है, और यह देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में कोई अन्य संलिप्त व्यक्ति भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जिस आरोपी पर 2019 से लगातार आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज होते रहे, वह अवैध हथियार लेकर खुलेआम क्यों घूम रहा था। गौरतलब है कि इस मामले में गोली निर्दोष राहगीर उमर को लगी — यानी एक निजी विवाद ने आम नागरिक को शिकार बनाया। अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला पर सवाल उठाना जरूरी है; महज गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं, जब तक कि हथियार के स्रोत की भी जाँच न हो।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा जेवर फायरिंग मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
जेवर थाना पुलिस ने आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद पुत्र युसुफ, निवासी कस्बा जहांगीरपुर, को 7 अगस्त 2026 को ग्राम थौरा के पास से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुए।
जेवर फायरिंग की घटना कब और क्यों हुई?
5 अगस्त 2026 को रुपयों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में आरोपी ने कथित तौर पर अवैध तमंचे से फायर किया। गोली शिकायतकर्ता को नहीं लगी, बल्कि वहाँ से गुजर रहे राहगीर उमर पुत्र असफाक को जा लगी।
फायरिंग में घायल उमर की स्थिति कैसी है?
गोली लगने के बाद उमर को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति की निगरानी की जा रही है।
आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद का आपराधिक इतिहास क्या है?
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ 2019 से 2026 के बीच आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम की धारा 60 (2025), और वर्ष 2020 में मारपीट, बलवा व हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
घटना के बाद जेवर थाना पुलिस ने विशेष टीमें बनाईं और मैनुअल इंटेलिजेंस व साक्ष्य संकलन शुरू किया। 7 अगस्त को मिली सूचना के आधार पर आरोपी को ग्राम थौरा के पास से दबोचा गया।
राष्ट्र प्रेस
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