वंदे भारत पर पथराव: गुजरात के अमरेली में लाठी के पास कोच का शीशा क्षतिग्रस्त, यात्री सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के अमरेली जिले में 8 नवंबर 2026 को वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आई, जब लाठी के निकट हरसुरपुर देवलिया और केरिया के बीच चलती ट्रेन के एक कोच की खिड़की के शीशे में दरार आ गई। सौभाग्य से इस घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ और ट्रेन को मामूली नुकसान के साथ आगे रवाना कर दिया गया।
घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चलती ट्रेन पर अचानक पत्थर आकर लगा, जिससे संबंधित कोच का शीशा क्रैक हो गया। अधिकारियों के अनुसार, रेलवे ट्रैक के पास से पत्थर उछलकर लगने या किसी शरारती तत्व द्वारा जानबूझकर पत्थर फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। हालाँकि, घटना की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
रेलवे पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस की टीम मौके पर पहुँच गई और जाँच शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और जाँच के बाद ही घटना की असली वजह सामने आ सकेगी। फ़िलहाल ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रमुख ट्रेन पर पथराव हुआ हो। 26 सितंबर को मध्य प्रदेश के नागपुर डिवीजन के अंतर्गत बोरखेड़ी में नागपुर-मुंबई सीएसएमटी दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12290) पर पथराव हुआ था, जिसमें कोच ए-1, बी-2 और बी-5 की खिड़कियों के शीशे टूट गए थे। मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार यह घटना रात लगभग 8 बजकर 27 मिनट पर बोरखेड़ी स्टेशन से गुजरने के बाद हुई थी। उस घटना में भी कोई यात्री हताहत नहीं हुआ था और रेलवे पुलिस ने जाँच शुरू की थी।
यात्री सुरक्षा पर सवाल
वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों पर बार-बार हो रही पथराव की घटनाएँ रेल सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ाती हैं। आलोचकों का कहना है कि ट्रैक के किनारे बसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी तंत्र को और मज़बूत किए जाने की ज़रूरत है। रेलवे अधिकारियों को इस प्रवृत्ति पर नज़र रखते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने होंगे।
आगे क्या होगा
रेलवे पुलिस की जाँच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से जल्द ही घटना की वजह और दोषियों की पहचान होने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब वंदे भारत ट्रेन नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे की प्राथमिकता बनी हुई है।