24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन केस: एनआईए ने फैजान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जेईएम-अल-कायदा से जुड़े तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन केस: एनआईए ने फैजान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जेईएम-अल-कायदा से जुड़े तार

सारांश

एनआईए ने गुजरात के ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन केस में आरोपी फैजान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। पाकिस्तान स्थित जेईएम ऑपरेटिव के इशारे पर वह युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था, कश्मीर को अलग करने की साजिश रच रहा था और टारगेटेड किलिंग के लिए अवैध हथियार जुटा चुका था।

मुख्य बातें

एनआईए ने 23 जुलाई 2026 को अहमदाबाद की विशेष अदालत में आरोपी फैजान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मामला प्रतिबंधित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और अल-कायदा (एक्यू) से जुड़ा है।
फैजान पाकिस्तान स्थित जेईएम ऑपरेटिव के संपर्क में था और कश्मीर व लद्दाख को भारत से अलग करने की साजिश में शामिल था।
आरोपी ने उत्तर प्रदेश से एक अवैध हथियार और छह जिंदा कारतूस हासिल किए थे, जो जांच में जब्त कर लिए गए।
एनआईए ने मार्च 2026 में एटीएस गुजरात से यह केस अपने हाथ में लिया था।
साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए जांच अभी जारी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 23 जुलाई 2026 को गुजरात के ऑनलाइन आतंकी कट्टरपंथ मामले में मुख्य आरोपी फैजान के खिलाफ अहमदाबाद स्थित एनआईए की विशेष अदालत में औपचारिक चार्जशीट दाखिल की। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और अल-कायदा (एक्यू) से सीधे जुड़ा हुआ है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह केस मूल रूप से एटीएस गुजरात ने दर्ज किया था, जब विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर फैजान को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मार्च 2026 में एनआईए ने इस जांच को अपने हाथ में ले लिया। चार्जशीट गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दाखिल की गई है।

मुख्य घटनाक्रम और साजिश की परतें

एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी फैजान पाकिस्तान में बैठे जेईएम के एक ऑपरेटिव के सीधे संपर्क में था। जांच में सामने आया कि उसने भारत से कश्मीर और लद्दाख को अलग करने की साजिश रची थी। इसके अलावा, वह देश में सांप्रदायिक तनाव भड़काने और अशांति फैलाने के मकसद से टारगेटेड किलिंग की योजना भी बना रहा था।

इस योजना को अंजाम देने के लिए फैजान ने उत्तर प्रदेश से बिना वैध लाइसेंस के एक अवैध हथियार और छह जिंदा कारतूस हासिल किए थे। जांच के दौरान यह हथियार जब्त कर लिया गया।

ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन का नेटवर्क

जांच एजेंसी के अनुसार, फैजान अपने ऑनलाइन हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहा था। वह आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को हिंसक जिहाद और सशस्त्र विद्रोह के लिए कट्टरपंथी बनाने और उकसाने में सक्रिय रूप से लगा हुआ था — यह सब भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को कमजोर करने के व्यापक उद्देश्य से किया जा रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ देश भर में ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन के बढ़ते मामलों पर नज़र रख रही हैं।

डिजिटल साक्ष्य और आरोप

एनआईए ने फैजान के डिजिटल डिवाइस की जांच में कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद कीं, जो चार्जशीट में साक्ष्य के रूप में शामिल हैं। गौरतलब है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही उसके खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए गए।

आगे क्या होगा

एनआईए ने स्पष्ट किया है कि इस साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए जांच अभी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान स्थित हैंडलर तक पहुँचना इस मामले की सबसे बड़ी चुनौती होगी। अहमदाबाद की विशेष एनआईए अदालत में अब मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन केस क्या है?
यह एक आतंकी कट्टरपंथ का मामला है जिसमें आरोपी फैजान पर पाकिस्तान स्थित जेईएम ऑपरेटिव के निर्देश पर भारतीय युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से कट्टरपंथी बनाने और हिंसक जिहाद के लिए उकसाने का आरोप है। एनआईए ने मार्च 2026 में एटीएस गुजरात से यह केस अपने हाथ में लिया था।
एनआईए ने फैजान पर किन धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की?
चार्जशीट गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अहमदाबाद की एनआईए विशेष अदालत में दाखिल की गई है।
फैजान की साजिश में क्या-क्या शामिल था?
जांच के अनुसार, फैजान ने भारत से कश्मीर और लद्दाख को अलग करने की साजिश रची, सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए टारगेटेड किलिंग की योजना बनाई और इसके लिए उत्तर प्रदेश से एक अवैध हथियार व छह जिंदा कारतूस भी हासिल किए।
इस मामले में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
एनआईए की जांच के अनुसार, फैजान पाकिस्तान में मौजूद जेईएम के एक ऑपरेटिव के सीधे संपर्क में था और उसी के निर्देश पर काम कर रहा था। इस पाकिस्तानी हैंडलर की पहचान और नेटवर्क का पूरा खुलासा करना जांच का अगला लक्ष्य है।
इस केस में आगे क्या होगा?
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए जांच जारी है। अहमदाबाद की विशेष एनआईए अदालत में अब चार्जशीट पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले