गुजरात: आणंद के बकरोल में ₹67.52 करोड़ की आधुनिक जिला जेल का उद्घाटन, 370 कैदियों की क्षमता
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 14 अगस्त 2026 को आणंद जिले के बकरोल में एक अत्याधुनिक जिला जेल का उद्घाटन किया, जिसमें 370 कैदियों को रखने की क्षमता है। ₹67.52 करोड़ की लागत से निर्मित यह जेल परिसर केवल बंदी-गृह नहीं, बल्कि पुनर्वास और कौशल विकास का केंद्र भी है।
जेल की संरचना और क्षमता
यह जेल परिसर 1,20,000 वर्ग मीटर में फैला है, जिसका निर्मित क्षेत्र 16,356.10 वर्ग मीटर है। इसमें 330 पुरुष और 40 महिला कैदियों के लिए अलग-अलग बैरक बनाए गए हैं। बिजली व्यवस्था सहित समूचे निर्माण पर ₹67.52 करोड़ खर्च हुए हैं।
पुनर्वास सुविधाएँ
इस जेल को कैदियों के सुधार और पुनर्एकीकरण को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। परिसर में वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर, कानूनी सहायता कक्ष, स्टडी सेंटर और लाइब्रेरी की व्यवस्था है। इसके अलावा इनडोर गेम्स की सुविधा, कल्चरल हॉल, मेडिटेशन हॉल और ओपन-एयर थिएटर भी बनाए गए हैं — जो इसे पारंपरिक जेलों से अलग करते हैं।
सुरक्षा और आधारभूत सुविधाएँ
सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिसर में हाई-सिक्योरिटी बैरक, महिला बैरक, अंडर-ट्रायल बैरक और वॉच टावर स्थापित किए गए हैं। दैनिक आवश्यकताओं के लिए अस्पताल, कैंटीन, लॉन्ड्री, नाई की दुकान और वेलफेयर ऑफिस की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग-सक्षम कोर्टरूम और स्टेट रिजर्व पुलिस के लिए अलग बैरक भी बनाया गया है।
पुलिस आवास और अन्य उद्घाटन
संघवी ने इसी अवसर पर खेड़ा जिले के बिलोदरा स्थित नाडियाड जिला जेल में नवनिर्मित सी-08 और बी-16 श्रेणी के पुलिस क्वार्टर्स का भी ई-उद्घाटन किया। गुजरात स्टेट पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा निर्मित इन क्वार्टर्स की लागत ₹6.89 करोड़ (689.45 लाख रुपये) है। इनमें लिफ्ट और अग्निशमन प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
बकरोल जेल परिसर में जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बी-36, सी-12 और डी-02 श्रेणी के 50 आवासीय क्वार्टर भी बनाए गए हैं।
समारोह में कौन रहे उपस्थित
उद्घाटन समारोह में मंत्री रमन सोलंकी, कमलेश पटेल और संजयसिंह महिदा के साथ-साथ सांसद, विधायक, वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। समारोह के बाद संघवी और अन्य अधिकारियों ने महिला यार्ड तथा हाई-सिक्योरिटी सेल सहित पूरे जेल परिसर का निरीक्षण किया। यह परिसर गुजरात की जेल प्रणाली में सुधार-केंद्रित दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।