22 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात पुलिस का नंबर प्लेट अभियान: 18,014 मामले दर्ज, 4,187 गाड़ियाँ जब्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात पुलिस का नंबर प्लेट अभियान: 18,014 मामले दर्ज, 4,187 गाड़ियाँ जब्त

सारांश

गुजरात पुलिस का नंबर प्लेट अभियान अब तक 18,014 मामले और ₹58.56 लाख जुर्माना वसूल चुका है। वडोदरा, सूरत और बनासकांठा सबसे अधिक उल्लंघन वाले क्षेत्र रहे। 14 अक्टूबर तक जारी इस अभियान में फैंसी फॉन्ट और अस्पष्ट नंबर प्लेट भी कार्रवाई के दायरे में हैं।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस ने 1 से 20 सितंबर 2026 के बीच नंबर प्लेट उल्लंघन के 18,014 मामले दर्ज किए।
उल्लंघनों के चलते 4,187 वाहन जब्त किए गए और ₹58.56 लाख जुर्माना वसूला गया।
वडोदरा में 1,959 , सूरत में 1,786 और बनासकांठा में 1,363 मामले दर्ज हुए।
अभियान डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक की देखरेख में चल रहा है और 14 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।
फैंसी फॉन्ट, छिपे अंक या गैर-मानक डिज़ाइन वाली नंबर प्लेट पर भी कार्रवाई का प्रावधान।

गुजरात पुलिस ने 1 सितंबर 2026 से चलाए जा रहे राज्यव्यापी नंबर प्लेट जाँच अभियान के तहत 20 सितंबर 2026 तक 18,014 मामले दर्ज किए हैं और 4,187 वाहन जब्त किए हैं। यह अभियान डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ज्ञानेंद्र सिंह मलिक की निगरानी में संचालित किया जा रहा है और 14 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।

अभियान का उद्देश्य और दायरा

इस विशेष अभियान का मुख्य लक्ष्य वाहनों की नंबर प्लेट से जुड़े यातायात नियमों का सख्त पालन सुनिश्चित करना और पूरे राज्य में सड़क सुरक्षा को मज़बूत करना है। ट्रैफिक पुलिस टीमें राज्य के विभिन्न जिलों और शहरों में चेकिंग अभियान चला रही हैं, जिनमें गायब, छिपी हुई, बदली हुई या अमानक नंबर प्लेट वाले वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब सड़क दुर्घटनाओं में फरार वाहनों की पहचान में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ एक बड़ी बाधा बनती रही है। गौरतलब है कि फैंसी फॉन्ट, अस्पष्ट अक्षरों या गैर-मानक डिज़ाइन वाली नंबर प्लेटें कैमरों और पुलिस दोनों के लिए वाहन की पहचान कठिन बना देती हैं।

मुख्य घटनाक्रम और आँकड़े

1 सितंबर से 20 सितंबर 2026 के बीच दर्ज 18,014 मामलों में से नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ जैसे गंभीर उल्लंघनों के चलते 4,187 वाहन जब्त किए गए। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए कुल ₹58.56 लाख का जुर्माना वसूला गया है।

शहरवार आँकड़ों में वडोदरा शहर में 1,959, सूरत शहर में 1,786 और बनासकांठा में 1,363 मामले दर्ज किए गए — जो राज्य में इस उल्लंघन की व्यापकता को दर्शाता है।

पुलिस की अपील और दिशानिर्देश

राज्य ट्रैफिक शाखा के एसपी वी. साहित्य ने वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके वाहनों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप स्पष्ट और सुपाठ्य नंबर प्लेटें लगी हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैंसी फॉन्ट, छिपे हुए अंक या गैर-मानक डिज़ाइन वाली नंबर प्लेटें जुर्माने और वाहन जब्ती का आधार बन सकती हैं।

आम जनता पर असर

यह अभियान मुख्य रूप से उन वाहन चालकों को प्रभावित करता है जो स्टाइल या पहचान छिपाने के उद्देश्य से अनियमित नंबर प्लेट का उपयोग करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे उल्लंघन न केवल यातायात प्रबंधन में बाधा डालते हैं, बल्कि अपराधियों को भी वाहन की पहचान से बचने में सहूलियत देते हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 तक यह अभियान पूरे राज्य में जारी रहेगा और चेकिंग की गति बनाए रखी जाएगी। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी नंबर प्लेट तत्काल जाँचें और यदि वह निर्धारित मानकों के अनुरूप न हो तो उसे बदलवाएँ, ताकि जुर्माने और जब्ती से बचा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

014 मामले और ₹58.56 लाख का जुर्माना यह दिखाता है कि गुजरात में अनियमित नंबर प्लेट का चलन कोई छोटी समस्या नहीं है — यह सड़क सुरक्षा और अपराध जाँच दोनों के लिए गंभीर चुनौती रही है। फैंसी फॉन्ट और छिपे अंकों वाली नंबर प्लेटें कैमरा-आधारित यातायात प्रबंधन को कमज़ोर करती हैं, जिस पर राज्य सरकार करोड़ों खर्च कर चुकी है। असली सवाल यह है कि क्या यह अभियान स्थायी बदलाव लाएगा या 14 अक्टूबर के बाद फिर पुरानी स्थिति लौट आएगी — जो ऐसे समय-सीमित अभियानों का सामान्य अनुभव रहा है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात पुलिस का नंबर प्लेट अभियान क्या है?
यह एक राज्यव्यापी ट्रैफिक प्रवर्तन अभियान है जो 1 सितंबर 2026 को शुरू हुआ और 14 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य गायब, बदली हुई, छिपी हुई या अमानक नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
अब तक कितने मामले दर्ज हुए और कितनी गाड़ियाँ जब्त हुईं?
1 से 20 सितंबर 2026 के बीच 18,014 मामले दर्ज किए गए और 4,187 वाहन जब्त किए गए। इसके अलावा ₹58.56 लाख का जुर्माना भी वसूला गया है।
किन शहरों में सबसे अधिक उल्लंघन पाए गए?
वडोदरा शहर में 1,959, सूरत शहर में 1,786 और बनासकांठा में 1,363 मामले दर्ज किए गए, जो राज्य में सर्वाधिक उल्लंघन वाले क्षेत्र रहे।
कौन-सी नंबर प्लेटें इस कार्रवाई के दायरे में आती हैं?
पुलिस के अनुसार फैंसी फॉन्ट, छिपे हुए या अस्पष्ट अंक, गैर-मानक डिज़ाइन और किसी भी तरह से बदली गई नंबर प्लेटें कार्रवाई के दायरे में हैं। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार स्पष्ट और सुपाठ्य नंबर प्लेट लगाएँ।
यह अभियान कब तक चलेगा?
गुजरात पुलिस के अनुसार यह अभियान 14 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान राज्यभर में ट्रैफिक पुलिस टीमें नियमित चेकिंग करती रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले