गुजरात: त्योहारी सीजन में 251 दुकानों पर छापा, ₹5.42 लाख जुर्माना वसूला; वजन में धोखाधड़ी उजागर
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के विधिक माप विभाग ने नवरात्रि और दशहरा त्योहारों से पहले और उनके दौरान 16 और 17 अक्टूबर 2026 को चलाए गए दो दिवसीय राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान में 251 प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामले दर्ज किए और लगभग ₹5.42 लाख का जुर्माना वसूला। गांधीनगर से शुरू हुए इस अभियान में मिठाई, नमकीन, सूखे मेवों और अन्य उत्पादों की दुकानों समेत कुल 455 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
अभियान की पृष्ठभूमि
यह अभियान उपभोक्ता संरक्षण मंत्री रमन सोलंकी के सीधे निर्देश पर शुरू किया गया था। मंत्री का उद्देश्य त्योहारी मौसम में मिठाई, नमकीन और सूखे मेवे खरीदते समय उपभोक्ताओं को सही वजन मिले — यह सुनिश्चित करना था। गौरतलब है कि नवरात्रि और दशहरे के दौरान इन वस्तुओं की माँग कई गुना बढ़ जाती है, जिससे वजन में हेरफेर की आशंका भी उतनी ही अधिक हो जाती है।
मुख्य उल्लंघन
निरीक्षण के दौरान विभाग को कई गंभीर अनियमितताएँ मिलीं। इनमें निर्धारित वजन से कम माल की आपूर्ति, तराजू का पुनः सत्यापन और मुहर न लगवाना, सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित न करना और पैकर पंजीकरण न करवाना शामिल हैं। विभाग के सहायक नियंत्रकों और निरीक्षकों ने राज्यभर में छापेमारी कर संबंधित कानूनों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की।
उपभोक्ताओं पर असर
नवरात्रि और दशहरे के मौसम में उपभोक्ता बड़ी मात्रा में मिठाई, नमकीन, सूखे मेवे और उपहार खरीदते हैं। ऐसे में सटीक वजन और उपभोक्ता संरक्षण नियमों का अनुपालन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब उपभोक्ता अधिकार संगठन लंबे समय से त्योहारी सीजन में खाद्य सामग्री की माप-तौल में अनियमितताओं की शिकायत करते रहे हैं।
शिकायत कैसे करें
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि उपभोक्ताओं को निर्धारित वजन से कम सामान मिले या अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत वसूली जाए, तो वे गुजरात सरकार की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-0222 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
आगे की कार्रवाई
विभाग ने संकेत दिया है कि यह अभियान एकबारगी कार्रवाई नहीं है — त्योहारी सीजन के शेष बचे हिस्से में भी नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का दीर्घकालिक उद्देश्य वजन और माप संबंधी कानूनों के प्रति व्यापारियों में जागरूकता बढ़ाना और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को संस्थागत रूप देना है।