ग्वालियर में नाबालिगों से छेड़छाड़ का आरोपी युवराज रावत गिरफ्तार, सीसीटीवी फुटेज वायरल होने पर हुई कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में कोचिंग से घर लौट रही दो नाबालिग लड़कियों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने वाले आरोपी युवराज रावत को पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद व्यापक जनाक्रोश उठा, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को भीतरवार बस स्टैंड से उस वक्त दबोचा जब वह कथित तौर पर इलाका छोड़ने की कोशिश कर रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
घटना भीतरवार कस्बे के एसआईटीएम स्कूल रोड पर हुई, जहाँ दोनों पीड़िताएँ कोचिंग क्लास से बाइक पर सवार होकर घर लौट रही थीं। आरोपी रावत ने रास्ते में उन्हें रोका, कथित तौर पर अश्लील टिप्पणियाँ कीं और उनमें से एक को थप्पड़ मारकर मौके से फरार हो गया। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे ने पूरी घटना को कैद कर लिया।
यह फुटेज सोमवार को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा हुआ, जिससे स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद एक पीड़िता के परिवार ने भीतरवार पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस उपमंडल अधिकारी (एसडीओपी) मनीष यादव ने बताया, 'सीसीटीवी फुटेज हमारे संज्ञान में आने के बाद, पुलिस टीम को आरोपी की पहचान करने और नाबालिग की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।' स्थानीय सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के आधार पर रावत की गतिविधियों का पता लगाया गया और उसे भीतरवार बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया।
एसडीओपी यादव ने आगे कहा, 'युवराज रावत को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जाँच जारी है।'
कानूनी कार्रवाई और आरोप
रावत के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मारपीट और छेड़छाड़ के आरोप दर्ज किए गए हैं। साथ ही बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पुष्टि की है कि दोनों नाबालिगों के बयान पॉक्सो अधिनियम की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परिवार के सदस्यों और एक महिला पुलिस अधिकारी की उपस्थिति में दर्ज किए गए हैं।
जाँच की स्थिति
जाँचकर्ता अब सीसीटीवी फुटेज, दर्ज शिकायत और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में लगे हैं। अधिकारी यह भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है और क्या कोई अन्य व्यक्ति इस मामले में संलिप्त था।
गौरतलब है कि यह मामला उस व्यापक चिंता को रेखांकित करता है जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज की वजह से त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया संभव हो पाई — जो इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक दबाव और निगरानी तकनीक मिलकर जवाबदेही सुनिश्चित कर सकती है। आगामी दिनों में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने की प्रक्रिया और जाँच के निष्कर्ष इस मामले की दिशा तय करेंगे।