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ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग: कांग्रेस सांसद हंडोरे की विवादित टिप्पणी, SIR विवाद में CEC पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप

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ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग: कांग्रेस सांसद हंडोरे की विवादित टिप्पणी, SIR विवाद में CEC पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप

सारांश

कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने मुंबई में CEC ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र नष्ट करने का आरोप लगाया और उनकी गिरफ्तारी की माँग कर दी। SIR विवाद से जुड़ा यह बयान राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों को नई धार देने की कोशिश है, जो संसदीय शालीनता की सीमाओं को चुनौती देता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने 26 सितंबर 2026 को मुंबई में CEC ज्ञानेश कुमार की तत्काल गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की माँग की।
हंडोरे ने ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट करने की कोशिश का आरोप लगाया, जिसे विवादित माना जा रहा है।
कांग्रेस सांसद ने इस विवाद को राहुल गांधी के पिछले दो वर्षों के 'वोट चोरी' के आरोपों से जोड़ा।
सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यीय आयोग वाले फैसले का हवाला देते हुए हंडोरे ने दो वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया।
SIR विवाद की पृष्ठभूमि में यह बयान आया है, जिस पर चुनाव आयोग की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने 26 सितंबर 2026 को मुंबई में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखी और विवादित टिप्पणी करते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की। SIR (Special Intensive Revision) विवाद की पृष्ठभूमि में की गई इस टिप्पणी में हंडोरे ने ज्ञानेश कुमार पर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट करने की कोशिश करने का आरोप मढ़ा, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

हंडोरे के आरोप और माँगें

हंडोरे ने अपने बयान में कहा कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ज्ञानेश कुमार 'कौन हैं, जो पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की स्थिति में हों।' उनका कहना था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू जैसे दिग्गजों के संघर्ष और बलिदान से आकार मिला — और उसकी रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हंडोरे ने यह भी कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी दलों और नागरिकों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की ज़रूरत है।

राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों से जोड़

कांग्रेस सांसद ने इस विवाद को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पिछले दो वर्षों से उठाए जा रहे 'वोट चोरी' के मुद्दे से जोड़ा। उनके अनुसार, राहुल गांधी पीपीटी प्रेजेंटेशन, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक बैठकों के ज़रिए लगातार चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। हंडोरे ने दावा किया कि 'अब राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के सच होने की बात सामने आ रही है।'

हंडोरे ने सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के आंदोलन की घोषणा को भी सकारात्मक कदम बताया, हालाँकि उन्होंने ज़ोर दिया कि इस मोर्चे पर कांग्रेस पहले से सक्रिय रही है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

हंडोरे ने सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का भी उल्लेख किया जिसके अनुसार तीन सदस्यीय चुनाव आयोग को साथ बैठकर निर्णय लेना होता है और फैसला सर्वसम्मति से, या आवश्यकता पड़ने पर बहुमत के आधार पर, किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद चुनाव आयोग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने कई मुद्दे उठाए और कहा कि उनकी बात नहीं सुनी गई। उनके मुताबिक, एक अधिकारी द्वारा कथित तौर पर कई बार मनमाने तरीके से फैसले लिए गए।

राजनीतिक संदर्भ और विवाद की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब SIR विवाद को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताया है।

हंडोरे की इस टिप्पणी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को विवादित माना जा रहा है और यह बयान तत्काल राजनीतिक प्रतिक्रिया का केंद्र बन गया है।

आगे क्या होगा

हंडोरे की माँग के बाद यह देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस बयान से कितनी दूरी बनाता है या समर्थन करता है। चुनाव आयोग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। SIR विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई के मद्देनज़र यह पूरा प्रकरण आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन CEC जैसे स्वतंत्र संस्थागत पद को सीधे निशाना बनाने का यह तरीका उस संवैधानिक ढाँचे को कमज़ोर करता है जिसकी रक्षा का दावा ये नेता खुद करते हैं। विपक्ष की असली परीक्षा यह है कि वह चुनावी पारदर्शिता की माँग को तथ्यात्मक और कानूनी तरीके से उठाए — न कि व्यक्तिगत आरोपों और भड़काऊ बयानों के ज़रिए, जो मुद्दे से ध्यान भटका सकते हैं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने ज्ञानेश कुमार के बारे में क्या कहा?
हंडोरे ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और उनकी तत्काल गिरफ्तारी व मुकदमे की माँग की। उन्होंने इस बयान के लिए SIR विवाद और चुनाव आयोग के भीतर कथित मनमानी निर्णयों को आधार बनाया।
SIR विवाद क्या है जिसके कारण यह बयान आया?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया है, जिसे लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों से हंडोरे के बयान का क्या संबंध है?
हंडोरे ने दावा किया कि राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से PPT, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक मंचों पर 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, SIR विवाद में राहुल के आरोप 'सच साबित होते दिख रहे हैं।'
सुप्रीम कोर्ट के जिस फैसले का हंडोरे ने हवाला दिया, वह क्या है?
हंडोरे ने सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का उल्लेख किया जिसमें कहा गया है कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग को साथ बैठकर निर्णय लेना होगा और फैसला सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के बावजूद दो वरिष्ठ अधिकारियों की बात को नज़रअंदाज़ किया गया।
चुनाव आयोग या सरकार ने हंडोरे के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
26 सितंबर 2026 तक चुनाव आयोग की ओर से हंडोरे के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला SIR विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय में जारी सुनवाई के साथ आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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