मोदी के 4,399 दिन: पुरी बोले — '1947 के बाद इतना समर्पित नेता नहीं मिला'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 10 जून 2026 को एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों का सफल नेतृत्व पूरा कर 1947 के बाद के सबसे समर्पित प्रधानमंत्री का दर्जा हासिल किया है। उन्होंने कहा कि मोदी ने जवाहरलाल नेहरू का कार्यकाल-रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है और यह उपलब्धि 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के संकल्प की जनस्वीकृति का प्रमाण है।
नेतृत्व की विशिष्टता और ज्ञान की गहराई
पुरी ने कहा कि वे पिछले 12 वर्षों में से 9 वर्ष प्रधानमंत्री मोदी की टीम में रहे हैं और उन्होंने भारत में कई प्रधानमंत्रियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक नेतृत्व भी देखा है। उनके अनुसार, 'आज तक मैंने कोई ऐसा व्यक्ति नहीं देखा जो प्रधानमंत्री मोदी जितना व्यापक ज्ञान रखता हो।' उन्होंने यह भी बताया कि 2014 में शुरू की गई कई राष्ट्रीय योजनाओं की नींव मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए वर्षों पहले ही रख दी थी — जिनमें स्वच्छता अभियान और शहरी नियोजन प्रमुख हैं।
महामारी प्रबंधन और वैक्सीन नीति
पुरी ने कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार की प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कांग्रेस नेता विदेश से वैक्सीन आयात की माँग कर रहे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने घरेलू वैक्सीन उत्पादन को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, एस्ट्राज़ेनेका और पुणे स्थित घरेलू निर्माताओं के सहयोग से लगभग 24 करोड़ वैक्सीन डोज़ तैयार हुईं, जिन्हें देश में निःशुल्क वितरित किया गया और 120 अन्य देशों को निर्यात भी किया गया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने 2006 से 2010 के बीच वैक्सीन उत्पादन बंद कर दिया था।
तृणमूल कांग्रेस में दरार और भाजपा का विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट की अटकलों पर पुरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में TMC के नेता और सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर इसलिए आ रहे हैं क्योंकि वे राज्य के विकास के लिए एनडीए की सदस्यता को बेहतर मानते हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और मोरारजी देसाई के गठबंधन कार्यकालों का उल्लेख करते हुए कहा कि BJP का विकास-केंद्रित एजेंडा पहले भी था, किंतु स्थिर बहुमत के अभाव में उसे पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका।
ईरान संकट और भारतीयों की सुरक्षा
ईरान-इज़रायल तनाव के बीच भारत सरकार द्वारा ईरान में रह रहे भारतीयों को तत्काल निकलने की सलाह पर पुरी ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हमेशा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा रही है। उन्होंने 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण दिया, जब 26,000 से 30,000 भारतीय छात्र यूक्रेन में फंसे थे और चार कैबिनेट मंत्रियों को विभिन्न देशों में भेजकर सभी को सुरक्षित स्वदेश लाया गया था।
एलपीजी मूल्य वृद्धि और उज्ज्वला योजना
पेट्रोल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के आरोपों पर पुरी ने कहा कि पेट्रोल की वास्तविक बढ़ोतरी केवल ₹7.60 है, क्योंकि शेष ₹10 एक्साइज ड्यूटी कटौती में समाहित हो गए। एलपीजी सिलेंडर में ₹29 की वृद्धि को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थी औसतन एक सिलेंडर तीन महीने में इस्तेमाल करते हैं, जिससे यह बढ़ोतरी प्रतिदिन केवल 30 पैसे बैठती है। उन्होंने बताया कि कुल 10 करोड़ 55 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों को चार सिलेंडर तक सब्सिडी मिलती है और बिना सब्सिडी के सिलेंडर की कीमत ₹1,600 होती, न कि ₹700-945। चार सिलेंडर की सीमा इसलिए लगाई गई क्योंकि कुछ लाभार्थी अतिरिक्त सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए डायवर्ट कर रहे थे, ऐसी विश्वसनीय जानकारी सरकार को मिली थी।
पुरी ने अंत में कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए अगले 10-12 वर्ष निर्णायक होंगे और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह यात्रा जारी रहेगी।