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हरदीप सिंह पुरी बोले — PM मोदी अद्वितीय नेता, नेहरू से लंबा कार्यकाल पूरा कर रचा इतिहास

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हरदीप सिंह पुरी बोले — PM मोदी अद्वितीय नेता, नेहरू से लंबा कार्यकाल पूरा कर रचा इतिहास

सारांश

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने PM मोदी को भारत का अब तक का सबसे व्यापक-ज्ञान वाला नेता बताया — नेहरू से लंबा कार्यकाल, हर माह स्वयं परियोजना समीक्षा, और ऊर्जा से ड्रोन तक हर क्षेत्र में व्यक्तिगत हस्तक्षेप। यह बयान मोदी के ऐतिहासिक कार्यकाल की पृष्ठभूमि में आया है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने पूर्व PM पंडित जवाहरलाल नेहरू से अधिक लंबा कार्यकाल पूरा कर ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा — मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में वे 9 वर्षों से उनकी टीम में हैं।
मोदी हर महीने मंत्रालयों के सचिवों के साथ परियोजना समीक्षा बैठकें करते हैं — पुरी के अनुसार यह पहले किसी नेता ने नहीं किया।
देश के सेडिमेंटरी बेसिन के 10 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में अन्वेषण की अनुमति मोदी की व्यक्तिगत पहल से मिली।
ड्रोन नीति और ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों में भी मोदी की सीधी भूमिका रही — सुरक्षा एजेंसियों की आपत्तियों के बावजूद।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 10 जून 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से अधिक लंबा कार्यकाल पूरा कर ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। पुरी ने कहा कि मोदी के 12 वर्षों के नेतृत्व में उन्होंने विकास परियोजनाओं की निगरानी व्यक्तिगत स्तर पर की, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग करती है।

मंत्री पुरी का व्यक्तिगत अनुभव

हरदीप पुरी ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में मैं नौ वर्षों से उनकी टीम का हिस्सा रहा हूं। मैंने भारत में कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है और अन्य देशों के राजनीतिक नेतृत्व को भी करीब से देखा है। आज तक मैंने ऐसा कोई व्यक्ति नहीं देखा, जिसके पास प्रधानमंत्री मोदी जैसा व्यापक ज्ञान हो।' उन्होंने विकास से जुड़े विषयों पर मोदी की समझ और मार्गदर्शन क्षमता को 'अद्वितीय' बताया।

गुजरात से राष्ट्रीय नीतियों तक की यात्रा

मंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2014 में शुरू की गई कई केंद्रीय योजनाओं की नींव मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए पहले ही रख दी थी। स्वच्छता अभियान और शहरी विकास से जुड़ी पहलें गुजरात में छोटे स्तर पर लागू की गई थीं, जिन्हें बाद में राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दिया गया। पुरी ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से 'विकसित भारत' की दिशा में तेज़ी लाने का विचार मोदी का मौलिक दृष्टिकोण रहा है।

परियोजना निगरानी की अनूठी व्यवस्था

पुरी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने वरिष्ठ स्तर पर स्वयं परियोजनाओं की निगरानी की व्यवस्था को मजबूत किया। हर महीने होने वाली प्रगति समीक्षा बैठकों में वे विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठकर परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं। यदि किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखे, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से सहयोग लेने की सलाह देते हैं।

ऊर्जा और खनन क्षेत्र में बड़े बदलाव

ऊर्जा क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए पुरी ने बताया कि प्राकृतिक गैस, एलपीजी उपभोक्ताओं को पाइप्ड गैस नेटवर्क से जोड़ने और अन्वेषण एवं उत्पादन नीति में बदलाव के लिए उद्योग जगत के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया। खनन क्षेत्र में उन्होंने बताया कि देश के सेडिमेंटरी बेसिन के लगभग 35 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से करीब 10 लाख वर्ग किलोमीटर में पहले अन्वेषण की अनुमति नहीं थी। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और DRDO की आपत्तियों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत रुचि से नीतिगत बदलाव संभव हो सके।

ड्रोन नीति और तकनीकी दूरदर्शिता

मंत्री ने ड्रोन तकनीक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े थे, तब सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन संचालन की अनुमति देने पर आशंकाएँ जताई थीं। बावजूद इसके, मोदी के नेतृत्व में भारत ने ड्रोन क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। यह घटनाक्रम इस बात का प्रतीक है कि मोदी सरकार तकनीकी नवाचार को नौकरशाही बाधाओं से ऊपर रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल राजनीतिक बयानबाज़ी कहकर खारिज करना उचित नहीं होगा — क्योंकि परियोजना निगरानी की मासिक समीक्षा प्रणाली वास्तव में पिछली सरकारों से एक संरचनात्मक बदलाव है। हालांकि, ऊर्जा और खनन क्षेत्र में नीतिगत बदलावों के वास्तविक ज़मीनी परिणामों का स्वतंत्र मूल्यांकन अभी भी अपेक्षित है। नेहरू से लंबे कार्यकाल का आँकड़ा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन कार्यकाल की लंबाई और शासन की गुणवत्ता दो अलग पैमाने हैं — जिन्हें एक साथ मिलाना भ्रामक हो सकता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरदीप सिंह पुरी ने PM मोदी के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जैसा व्यापक ज्ञान और विकास परियोजनाओं की व्यक्तिगत निगरानी करने की क्षमता उन्होंने किसी अन्य नेता में नहीं देखी। उन्होंने यह बात मोदी के नेहरू से लंबा कार्यकाल पूरा करने के अवसर पर कही।
PM मोदी ने नेहरू का कार्यकाल रिकॉर्ड कब पार किया?
PM नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 के आसपास प्रधानमंत्री के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से अधिक लंबा कार्यकाल पूरा कर ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। मोदी का यह 12वाँ वर्ष चल रहा है।
मोदी सरकार की परियोजना निगरानी प्रणाली कैसे काम करती है?
पुरी के अनुसार, PM मोदी हर महीने विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ बैठकर परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा करते हैं। यदि किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी हो, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से सहयोग लेने की सलाह देते हैं।
खनन क्षेत्र में मोदी सरकार ने क्या बड़ा बदलाव किया?
देश के सेडिमेंटरी बेसिन के करीब 10 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पहले अन्वेषण की अनुमति नहीं थी। PM मोदी की व्यक्तिगत पहल और रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल तथा DRDO की आपत्तियों को सुलझाने के बाद यह नीतिगत बदलाव संभव हो सका।
मोदी सरकार में ड्रोन नीति पर क्या हुआ?
जब हरदीप पुरी नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े थे, तब सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन संचालन की अनुमति देने पर आशंकाएँ जताई थीं। इसके बावजूद PM मोदी के नेतृत्व में भारत ने ड्रोन क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
राष्ट्र प्रेस
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