पीएम मोदी बने सबसे लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री: सीआर पाटिल बोले — यह रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाएगा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार सेवा देने का रिकॉर्ड ऐसा होगा जिसे भविष्य में कोई नहीं तोड़ पाएगा। 11 जून 2026 को दिए एक विस्तृत साक्षात्कार में उन्होंने मोदी के नेतृत्व, सरकार की उपलब्धियों, विपक्ष की स्थिति और सिंधु जल समझौते के स्थगन पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
जनता का विश्वास — लंबे कार्यकाल की असली वजह
पाटिल ने कहा, 'इतने लंबे समय तक काम करने की वजह लोगों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विश्वास का बढ़ना है।' उनके अनुसार मोदी ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें अपने लिए कुछ नहीं चाहिए — उनका एकमात्र लक्ष्य देश की जनता की सेवा और गरीबी उन्मूलन है। इसी कारण लोगों की श्रद्धा और अपेक्षाएँ उनके प्रति लगातार बढ़ती रही हैं।
नेहरू और गांधी परिवार से तुलना पर पाटिल का रुख
पाटिल ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि देश की आज़ादी के बाद पहले चुनाव से पहले ही जवाहरलाल नेहरू को पाँच वर्ष मिल गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने कांग्रेस को विसर्जित करने की बात कही थी, लेकिन उसे पार्टी बना लिया गया। उनके अनुसार मोदी अपने बलबूते पर चुनाव जीतने वाले प्रधानमंत्री हैं, जबकि अन्य प्रधानमंत्री पार्टी या राजनीतिक दलों द्वारा बनाए गए।
विपक्ष पर पाटिल का सीधा जवाब
विपक्ष के इस आरोप पर कि भाजपा मजबूत विपक्ष नहीं चाहती, पाटिल ने कहा, 'विपक्ष को मजबूत बनाने का काम विरोधी दलों का है।' उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीति में विपक्ष का अस्तित्व बचेगा या नहीं — यह उनकी असली चिंता होनी चाहिए।
मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ
पाटिल ने 12 वर्षों की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। आज 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जाता है और ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य खर्च सरकार वहन करती है। इसके अलावा 12 करोड़ शौचालय बनाए गए और 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुँचाया गया। उन्होंने देश को नक्सलवाद और आतंकवाद से मुक्त करने को भी बड़ी उपलब्धि बताया।
सिंधु जल समझौता: स्थगन का मतलब और आगे की राह
सिंधु जल समझौते के स्थगन पर पाटिल ने कहा कि जिस संयोग में वह समझौता हुआ था, वह गलत था — 'हमारे देश के लोगों के लिए पानी नहीं और हम दूसरे देश को पानी दें, ऐसे समझौते ठीक नहीं।' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस पर काम कर रहे हैं, ताकि जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली को पर्याप्त जल उपलब्ध हो सके।
पाकिस्तान पर पाटिल ने कहा कि उसने आतंकवाद का समर्थन किया है, जो कई बार साबित भी हुआ है। उनके अनुसार समझौते के स्थगन से पाकिस्तान में जल संकट गहरा सकता है, जबकि भारत में पानी की किल्लत दूर होगी। यह निर्णय आने वाले वर्षों में भारत-पाकिस्तान जल-कूटनीति की दिशा तय करेगा।